संवासिनी के गर्भ में था सफाई कर्मचारी का भ्रूण, DNA हुआ मैच
देहरादून के नारी निकेतन में संवासिनी से रेप और गर्भपात मामले में डीएनए रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक मूक बधिर संवासिनी के गर्भ में जो भ्रूण का डीएनए निकेतन में तैनात रहे सफाई कर्मचारी गुरदास से मैच हुआ है। रिपोर्ट की पुष्टि होते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया।
अमर उजाला द्वारा नारी निकेतन में संवासिनी से रेप और गर्भपात के खुलासे की पुष्टि के बाद पुलिस ने छह आरोपियों के डीएनए सैंपल लिए थे। इनमें से दो आरोपी जेल में बंद हैं।
आश्चर्य की बात तो यह है कि जो आरोपी पहले से जेल में बंद हैं उनमें से किसी का सैंपल भ्रूण से मेल न खाकर उस सफाई कर्मचारी से हुआ है जिसे कम शक के कारण गिरफ्तार नहीं किया गया था। गौरतलब है कि इस मामले में पांच महिला समेत आठ लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
जंगल से बरामद किया गया संवासिनी का भ्रूण
देहरादून नारी निकेतन में मूक बधिर संवासिनी से रेप और गर्भपात के अमर उजाला के खुलासे से प्रदेश में हड़कंप मच गया था। पहले सरकार ने मामले को दबाने की कोशिश की। यही नहीं प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष ने तो नारी निकेतन में सब कुछ ठीक बताकर मामले को खत्म करने की कोशिश की। लेकिन एक के बाद एक खुलासे के बाद जब सीएम ने जांच के आदेश दिए तो हकीकत सामने आ गई।
जांच के बाद न सिर्फ संवासिनी से रेप और गर्भपात की पुष्टि हुई बल्कि देहरादून के दूधली के जंगलों में दफन संवासिनी का भ्रूण भी बरामद किया गया। डीएनए रिपोर्ट में इस भ्रूण का मैच संवासिनी के डीएनए से मैच होने के नारी निकेतन में क्या चल रहा था, सब कुछ सामने आ गया।
इसके बाद पुलिस द्वारा छह संदिग्धों के सैंपल जमा करवाए गए। इनमें से दो आरोपी अभी जेल में बंद हैं। बुधवार को सैंपल की रिपोर्ट इन दोनों आरोपियों के बजाय सफाई कर्मचारी गुरदास के डीएनए से मैच हुई। इसके बाद पुलिस ने गरदास को गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य आरोपी बना गुरदास, मिला अकाट्य साक्ष्य
नारी निकेतन कांड में गुरदास अब मुख्य आरोपी बन गया है। केयर टेकर हाशिम और होमगार्ड ललित कुमार बिष्ट पर संवासिनी से दुराचार का आरोप है। भ्रूण डीएनए मिलान की पॉजीटिव रिपोर्ट आने के बाद अब गुरदास के खिलाफ अकाट्य साक्ष्य मिल गया है। अधिवक्ता संजीव शर्मा का कहना है कि इससे किसी आरोपी को फायदा मिलने वाला नहीं है, क्योंकि जुर्म सभी का बराबर है। भ्रूण तो केवल एक ही मिल सकता है।
नारी निकेतन कांड में जल्द चार्जशीट
संवासिनी के भ्रूण की डीएनए मिलान की रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस आरोपियों के खिलाफ जल्द चार्जशीट दे सकती है। एसएसपी सदानंद दाते ने बताया कि तमाम साक्ष्यों का संकलन लगभग पूरा हो चुका है। अब सिर्फ डीएनए रिपोर्ट का इंतजार था। भ्रूण को लेकर सफाई कर्मचारी गुरदास का डीएनए पॉजीटिव आने के बाद जल्द ही इस मामले में आरोप पत्र दाखिल कर दिया जाएगा।
हार्ट प्राब्लम बताकर बचा
आरोपी सफाई कर्मचारी गुरदास से पूछताछ के दौरान हार्ट प्राब्लम की वजह से पुलिस पीछे हट गई थी। पुलिस को उसे दवा उपलब्ध करानी पड़ी थी। इस कारण उससे सख्ती से पूछताछ नहीं हो सकी थी।
खुद को बताता रहा बेकसूर
डीएनए मिलान की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी आरोपी गुरदास खुद को बेकूसर बताता रहा। आरोपी बच्चों और 54 साल की उम्र की दुहाई देता रहा। संवासिनी से रिश्तों को स्वीकार करने से बचता रहा।