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पढ़िए, दून में दहशत की पांच कहानियां

Fri, 18 Apr 2014 01:03 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 18 Apr 2014 01:03 PM IST
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crime story of dehradun

देहरादून के सहस्त्रधारा रोड पर चार्टर एकाउटेंट पर अज्ञात लोगों ने गोली चला दी, जिसमें वह बाल-बाल बच गए। वहीं हमलावर ने 20 लाख रुपए रंगदारी मांगी है।

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मुकदमा दर्ज नहीं
पूरा परिवार दहशत में है। एसएसपी ने उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करा दी है। इस मामले में अभी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। यह सनसनीखेज वारदात बुधवार रात की है। सीए रात में बाजार से सहस्त्रधारा रोड स्थित घर लौट रहे थे।
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इसी बीच घर के बाहर उन पर फायर किया गया, जो दीवार पर जा लगा। उस समय सीए को गोली चलने का अहसास नहीं हुआ। सुबह बाहर आए तो उन्हें दीवार में गोली लगी देखी तो वह सहम गए।
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एसएसपी को बताया पूरा किस्सा
कुछ देर बाद उन्हें एक कॉल आई। काल करने वाले ने कहा कि वह और बच्चे बाहर आते-जाते हैं। उनके साथ कोई भी अनहोनी हो सकती है। जान के जोखिम से बचने के लिए 20 लाख रुपए दो।

इसके बाद से परिवार दहशत में है। गोपनीय तरीके से सीए ने एसएसपी को किस्सा बताया। कप्तान ने पीड़ित पक्ष को सुरक्षा उपलब्ध करा दी है। जिस नंबर से धमकी आई थी, उसकी आईडी भी फर्जी पाई गई है।

कई बड़े घोटालों में शामिल आरोपियों का पकड़ा

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सीबीआई के देश भर के सर्वश्रेष्ठ जासूस के खिताब से नवाजे गए आरक्षी चतर सिंह असवाल की कई बड़े घोटालों में शामिल आरोपियों को कानूनी शिकंजे तक पहुंचाने में कारगर भूमिका रही है।

दून की सीबीआई टीम उत्साहित
हरिद्वार के दो बडे़ घोटालों और पुष्पा रानी हत्याकांड केफरार एक आरोपी की गिरफ्तारी में उनका सराहनीय योगदान रहा है।

टिहरी गढ़वाल के गजा निवासी चतर सिंह असवाल को यह खिताब मिलने के बाद दून की सीबीआई टीम उत्साहित है।  

असवाल को डीपी कोहली बेस्ट डिटेक्टिव का अवार्ड सीबीआई डायरेक्टर रंजीत सिन्हा की मौजूदगी में पश्चिमी बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी द्वारा दिया गया।

अपने नेटवर्क के जरिए कई बडे़ मामलों के खुलासे में उन्होंने अहम् भूमिका निभाई है। हरिद्वार के सैंट्रल बैंक में हुए आठ करोड़ के घोटाले के अनेक आरोपी उनके प्रयासों से हवालात तक पहुंचे।

मजबूत नेटवर्क का परिचय दिया
दो आरोपी अभी भी फरार बताए गए है। दिल्ली के अशोक जैन द्वारा किए गए कई करोड के खेल में शामिल लोगों तक पहुंचने में आरक्षी चतर सिंह असवाल ने अपने मजबूत नेटवर्क का परिचय दिया था।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे ओपी सकलानी की पत्नी पुष्पा रानी के फरार कातिल को पकड़ने में उनकी भूमिका किसी से छिपी नहीं है।

छत से कूदे तीन चोर, एक की टांग टूटी

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हिमाचल प्रदेश में तैनात एक बैंक अधिकारी के बंद मकान में चोरी के इरादे से घुसे तीन चोरों को लोगों ने घेर लिया।

भागने के चक्कर में एक तो छत से कूद गया, जिस कारण उसके एक पैर की हड्डी टूट गई, जबकि उसके दो साथी भागने में सफल रहे। गंभीर हालत में बिहार निवासी इस आरोपी को कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

छत से मकान में दाखिल हुए तीन युवक
रायपुर क्षेत्र में तपोवन एनक्लेव निवासी राजेंद्र चौहान हिमाचल प्रदेश में बैंक में एजीएम है। चौहान की पत्नी ऊषा चौहान बुधवार को घर को ताला लगाकर शहर में ही स्थित मायके चली गईं थीं।

इसका फायदा उठाकर बीती रात साढ़े 12 बजे के करीब तीन युवक छत से मकान में दाखिल हो गए। इसी बीच पड़ोसी की नजर पड़ी तो उसने शोर मचा दिया। एकत्र हुए लोगों ने घेराबंदी का प्रयास किया तो चोर जान बचाकर भागने लगे।

तीन आरोपी कूदे तो छत से ही, लेकिन एक का पैर गिरने के कारण मुड़ गया। गंभीर चोट लगने के कारण वह चिल्लाता रह गया, जबकि उसके साथी भागने में कामयाब हो गए।

चोट लगने के कारण चिल्लाता रहा चोर
रात में मौके पर पहुंची पुलिस आरोपी को उपचार के लिए कोरोनेशन ले आई। आरोपी का नाम अर्जुन निवासी मुजफ्फरपुर बिहार बताया गया है।

15 दिन पहले आया था बिहार से
आरोपी अर्जुन 15 दिन पहले से ही बिहार से दून आया था। फिलहाल वह मजदूरी कर रहा था। पुलिस पूछताछ में अर्जुन ने अपने दो साथियों के नाम तो बता दिए, लेकिन वह उनका पता नहीं बता सका है।

सिपाही पर हमला, लहूलुहान किया

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देहरादून में लालपुल पर झगड़ रहे दो वाहन चालकों में बीच-बचाव कराने गए एक सिपाही की बुरी तरह पिटाई कर दी गई। वर्दी फाड़ने के साथ उस पर लात-घूंसे बरसाए गए। उसकी नाक से खून बहने लगा।

हमलावरों के परिवार की महिलाओं ने किया हंगामा
छुड़ाने के लिए सादी वर्दी में आए पुलिसकर्मियों से भी हाथापाई हुई। इसके बाद पुलिस ने चौकी लाकर हमलावरों को सबक सिखा दिया। हमलावरों के परिवार की महिलाओं ने हंगामा किया, इससे जाम लग गया।

दिल्ली के लाजपतनगर निवासी अनुराम अपनी पत्नी सुनीता, भाभी भावना, मां संतोष, भाई दौलत और रोहितराम के साथ मैक्स गाडी में सवार होकर वृहस्पतिवार शाम को दून आए थे।

इन लोगों को रायपुर में अपनी भांजी की शादी में भात देना था। लालपुल के पास मैक्स और एक कार में साइड लग गई। आरोप है कि मैक्स चालक ने कार चालक को थप्पड़ जड़ दिया, जिससे वहां हंगामा हो गया।

वर्दी फाड़ते हुए लात-घूंसे बरसाए
वहां तैनात सिपाही अजित बीच-बचाव कराने के लिए वहां पहुंचा। लेकिन मैक्स सवार तीन लोगों ने अजित पर उलटा हमला कर दिया। वर्दी फाड़ते हुए उस पर लात-घूंसे बरसाने शुरू कर दिए।

इसी बीच उधर से सादी वर्दी में गुजर रहे सिपाही लोकेंद्र ने सिपाही को छुड़ाने का प्रयास किया तो महिलाएं हाथापाई करने लगीं। हाथापाई में सिपाही के गले की चेन टूटकर गिर गई। लालपुल से दौड़कर आए अन्य सिपाहियों ने उन्हें बचाया।

गंभीर रूप से घायल सिपाही तीनों हमलावरों को पकड़कर बाजार चौकी ले आए। यहां पर आरोपियों की जमकर धुनाई की गई। महिलाओं ने चौकी के सामने हंगामा किया तो भीड़ लग गई।

घायल सिपाही को अस्पताल में भर्ती कराया
पुलिस बाद में कार में डालकर पटेलनगर कोतवाली ले गई। नाक में खून बहने के अलावा सिपाही के हाथ में चोट है। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

संगीन धाराओं में दर्ज की रिपोर्ट

पटेलनगर पुलिस ने बताया कि मेडिकल कराकर तीनों आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई है। मेडिकल के आधार पर अन्य धाराएं बढ़ेंगी।

बदले गए रजनीश हत्या मामले के विवेचक

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पुलिस कस्टडी में हुई रजनीश उर्फ लाला की कथित हत्या की विवेचना में हीलाहवाली को लेकर उठे सवाल के बाद बुधवार को यह जांच हरिद्वार के सीओ सदर राजेश भट्ट के हवाले कर दी गई।

उन्होंने बृहस्पतिवार दोपहर दून पहुंचकर पत्रावलियां कब्जे में ले लीं। सीओ सिटी से विवेचना बदलने के पीछे व्यस्त होने का तर्क दिया गया है।

मुकदमे की विवेचना शुरू न होने पर सवाल
डालनवाला कोतवाली की कस्टडी में हुई रजनीश उर्फ लाला की मौत के मामले में पुलिस की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। चार दिन पहले दर्ज हुए रजनीश की हत्या के मुकदमे की विवेचना शुरू न होने पर सवाल उठ रहे थे।

विवेचना करने के आदेश हरिद्वार के सीओ सिटी चंदमोहन नेगी को दिए गए थे, लेकिन बताया गया कि व्यस्त होने के कारण सीओ समय नहीं निकाल पा रहे हैं।

बुधवार को डीआईजी अमित सिन्हा ने सीओ सिटी के लिंक अधिकारी सीओ सदर अजय भट्ट को जांच सौंपने के आदेश दे दिए।

डीआईजी का कहना है कि सीओ सिटी एक मामले में व्यस्त होने के कारण बाहर हैं, जिस कारण यह विवेचना बदली गई है। दोपहर बाद सीओ सदर ने डालनवाला कोतवाली पहुंचकर घटना के बारे में पुलिसकर्मियों से जानकारी ली।

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