पुलिस लूटकांड: क्या ये कांग्रेसी नेता ही है, करोडों की लूट का मास्टर माइंड ?, आज होगा बड़ा खुलासा
उत्तराखंड में आईजी की गाड़ी से प्रापर्टी डीलर को पुलिसकर्मियों द्वारा लूटने के इस मामले की तहकीकात ज्यों-ज्यों आगे बढ़ रही है, बतौर मास्टर माइंड नामजद आरोपी कांग्रेसी नेता अनुपम शर्मा का चेहरा उभर रहा है। पुलिस ने अब तक की विवेचना में उनके खिलाफ कई साक्ष्य जुटाए हैं।
कॉल डिटेल से इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि अनुपम ने ही प्रापर्टी डीलर अनुरोध पंवार को फोन कर डब्लूआईसी क्लब बुलाया था। लूट की घटना में दरोगा दिनेश नेगी की संलिप्तता उजागर होने के बाद अनुपम शर्मा पर पुलिस का शक और गहरा गया था, क्याेंकि दोनों के रिश्ते जगजाहिर हैं। यही वजह है कि पुलिस ने अनुपम और दरोगा की पुलिस लाइन से लेकर डब्लूआईसी में मूवमेंट के तमाम फुटेज जुटाए हैं।
राजपुर रोड पर पुलिसकर्मियाें के नोटाें से भरा बैग लूटने के मामले में प्रापर्टी डीलर अनुरोध पंवार ने सीधे तौर पर अनुपम शर्मा को आरोपी बनाया है। पंवार का आरोप है कि अनुपम शर्मा ने फोन कर पेमेंट देने के लिए क्लब बुलाया था, जहां पर क्लब के मैनेजर अर्जुन पंवार ने उन्हें अनुपम द्वारा छोड़ा गया बैग उपलब्ध कराया था। डब्लूआईसी से बाहर निकलने के कुछ देर बाद ही पुलिसकर्मियों ने पंवार से नोटों भरा बैग लूट लिया था।
पंवार का आरोप है कि अनुपम के इशारे पर ही पुलिसकर्मियाें ने घटना को अंजाम दिया। इसी आधार पर डालनवाला पुलिस ने अनुपम शर्मा के खिलाफ कई साक्ष्य जुटाए हैं। सूत्राें के मुताबिक घटना वाली सुबह अनुपम शर्मा की मौजूदगी दरोगा के पुलिस लाइन स्थित आवास पर रही। यहां से दोनाें डब्लूआईसी क्लब पहुंचे और साथ भोजन किया।
दूसरी बड़ी बात यह है कि अनुरोध पंवार के क्लब पहुुंचने के समय ही दरोगा आईजी की कार लेकर वहां पहुंचा था। घटना में दरोगा की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस पूरे मामले में अनपुम शर्मा की घेराबंदी में जुट गई है। एसटीएफ एक-दो दिन में अनुपम को बयान दर्ज कराने को बुला सकती है।
फेसबुक प्रोफाइल से पुलिसकर्मियों की पहचान
लूट में शामिल पुलिसकर्मियों की पहचान फेसबुक प्रोफाइल से कराई गई। प्रापर्टी डीलर अनुरोध पंवार ने शिकायत दर्ज कराते हुए दावा किया था कि वह लूट में शामिल पुलिसकर्मियाें को पहचान सकता है। इस पर पुलिस ने इन तीनों पुलिसकर्मियाें के फेसबुक प्रोफाइल में लगे फोटो प्रापर्टी डीलर पंवार को दिखाए थे।
मैनेजर अर्जुन पंवार का फोन स्विच ऑफ
डब्लूआईसी क्लब में नोटाें से भरा बैग देने वाले मैनेजर अर्जुन पंवार से पुलिस अनौपचारिक रूप से बातचीत कर चुकी है, लेकिन बयान अभी दर्ज नहीं हो सका है। अमर उजाला ने शुक्रवार को पंवार से संपर्क साधने का प्रयास किया। लेकिन, उनका फोन स्विच ऑफ होने के कारण संपर्क नहीं हो सका।