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कैदी की मौत बनी सीबीआई के लिए रहस्य

Wed, 17 Jul 2013 07:24 PM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Wed, 17 Jul 2013 07:24 PM IST
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CBI remained secret for prisoner's death
धारा चौकी में टप्पेबाजी के आरोप में पकड़े गए युवक की जेल में मौत मामले में अब सीबीआई अहम गवाह का नारको टेस्ट कर सकती है। सूत्रों के अनुसार कुछ दिनों में गवाह का लखनऊ में नारको हो सकता है।
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2012 में धारा चौकी पुलिस ने टप्पेबाजी के आरोप में अजय बरसाती निवासी जिगना गौंडा, उत्तरप्रदेश को पकड़ा था। पूछताछ के बाद उसे सुद्धोवाला जेल भेजा था। बीमार होने पर उसे दून अस्पताल पहुंचाया गया, यहां उसकी मौत हो गई।
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इस संबंध में उसके परिजनों ने आरोप लगाया था कि धारा चौकी पुलिस की पिटाई से अजय की मौत हुई है। उसकी पत्नी सुमन देवी ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
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जिसमें पीड़ित महिला ने सरकार के सचिव, जिलाधिकारी, एसएसपी, एसओ कोतवाली, जेल अधीक्षक, धारा चौकी इंचार्ज, दून अस्पताल के डाक्टर राजीव टम्टा, सीबीआई के एसएसपी को पक्षकार बनाया।

परिजनों ने हाईकोर्ट में न्याय की गुहार लगाई थी। उसका संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई की लखनऊ ब्रांच को मामले की जांच करने को कहा। सीबीआई ने मामले की जांच की और अहम गवाह पेशे से वकील संजीव शर्मा को बनाया।

सूत्रों के अनुसार, कई बार की पूछताछ के बाद संजीव शर्मा के बयान सीबीआई को संदिग्ध लगे। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में सीबीआई ने नारको टेस्ट करने के संकेत दिए हैं। उधर, सीबीआई जांच में एक बात और सामने आई है।


असल में, आरोप था कि अजय की मौत के बाद धारा चौकी पुलिस ने उसकी पत्नी को चुप रहने के लिए दो लाख रुपये बतौर रिश्वत दी थी। जिसकी उसने बैंक में एफडी करा दी थी। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने कुछ दिन पहले ही उसकी पत्नी की एफडी तोड़कर रुपये जब्त कर लिए।
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