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तीन अंतरराज्यीय बाइक चोर दबोचे, 28 बाइकें बरामद

Sun, 18 Sep 2016 07:19 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, काशीपुर
ब्यूरो / अमर उजाला, काशीपुर Updated Sun, 18 Sep 2016 07:19 PM IST
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Bike thief picked by police
चाोर - फोटो : अमर उजाला

काशीपुर पुलिस ने क्षेत्र में सक्रिय अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने सरगना सहित तीन आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की 28 बाइकें बरामद की हैं। पुलिस टीम को डीआईजी ने 5 हजार, कप्तान ने ढाई हजार और एएसपी ने डेढ़ हजार रुपये देने की घोषणा की है।

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रविवार को सीओ जीसी टम्टा ने कोतवाली में पत्रकार वार्ता में बताया कि कोतवाल ओमप्रकाश शर्मा की अगुवाई में पुलिस टीम ने वाहन चेकिंग के दौरान नया ढेला पुल के निकट तीन बाइकों के साथ तीन संदिग्ध दबोचे। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम प्रदीप यादव निवासी मोहल्ला थाना साबिक, अंकित यादव निवासी मोहल्ला ओझान, गुरुबचन सिंह निवासी ग्राम लतीकपुर थाना हस्तिनापुर मेरठ, हॉल निवासी गुरुद्वारा बेरी खड्डे प्रेमपुरी अफजलगढ़ बिजनौर और तीनों बाइकें चोरी की होना स्वीकारा। 
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उनकी निशानदेही पर नेहा गैस एजेंसी के पीछे निर्माणाधीन कालोनी में छिपाई 12 बाइक और श्मशानघाट के पास सुनसान जगह से 13 बाइकें बरामद की गईं। उन्होंने बताया प्रदीप गिरोह का सरगना है। एक साल से बाइक चोरी में लिप्त था। गुरुवचन एक धार्मिक स्थल में पूजा पाठ कराता है। प्रदीप और अंकित बाइकें चुराने के बाद उनकी नंबर प्लेट बदल देते थे।
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फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बेचने के लिए गुरुवचन सिंह को दे देते थे। गुरुवचन बाइक को हस्तिनापुर के खादर और अफजलगढ़ में 10 से 15 हजार रुपये में बेच देता था। सीओ ने बताया कि आरोपी एक साल से बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।

बरामद बाइकों में से 21 काशीपुर और दो मुरादाबाद से चुराई गई हैं। पांच बाइकों के बारे में जानकारी ली जा रही है। बाइक चोरों पर गैंगेस्टर लगाया जाएगा। अभी शहर में और बाइक चोर गिरोह सक्रिय हैं, जिनको दबोचने के लिए कार्रवाई की जा रही है। 

हस्तिनापुर में बाइक की डिमांड 
हस्तिनापुर (मेरठ) में गंगा के खादर में चोरी की बाइकों का इस्तेमाल कच्ची शराब को कस्बों तक पहुंचाने के लिए किया जाता है। सीओ टम्टा ने बताया कि शराब के धंधेबाजों को सस्ती कीमत में बाइकों की जरूरत होती है। पुलिस की रेड पड़ने पर वे बाइक छोड़कर फरार हो जाते हैं। गिरोह का सरगना प्रदीप यादव साथी अंकित और गुरुबचन के जरिए इन क्षेत्रों में बाइकों को सस्ती कीमत पर बेच दिया करता था। गुरुबचन की वहां अच्छी जान-पहचान है। इसका फायदा उठाकर वह यह धंधा करता था। 


साथी के जरिए सरगना तक पहुंची पुलिस 
बाइक चोर गिरोह के सरगना प्रदीप यादव पर मोहल्ला साबिक मेरठ निवासी एक लड़की को भगाने का भी आरोप है। लड़की तलाश करते हुए पुलिस ने जब प्रदीप के साथी को पूछताछ के लिए उठाया तो उसने लड़की भगाने के संबंध में कोई जानकारी होने से इनकार किया। उसने पुलिस को बताया कि प्रदीप बाइक चोरी के धंधे में लिप्त है। शहर से बाइकें चुराकर यूपी में बिकवाता है। इसके बाद से पुलिस सरगर्मी से प्रदीप की तलाश में जुट गई। बताया जा रहा कि एक दो बार प्रदीप ने पुलिस को गच्चा भी दिया।

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