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Hindi News ›   Uttarakhand ›   bank cash loot: plan made by whatsapp profile picture.

बैंक कैश लूट: प्रोफाइल पिक्चर से बना लूट का प्लान

Tue, 31 May 2016 02:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 31 May 2016 02:48 AM IST
सार

  • विशाल ने व्हाट्स एप पर लगाई थी नोटों की गड्डियों के साथ फोटो
  • फोटो देखकर नवनीत ने रची लूट की साजिश
  • अमीर बनने के लालच में फंसा दफ्तरी विशाल

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bank cash loot: plan made by whatsapp profile picture.
बदमाशों ने मैनेजर को कब्जे में कर कैश लूट लिया था। - फोटो : अमरउजाला

विस्तार

18 लाख की बैंक कैश लूट की योजना व्हाट्स एप पर दफ्तरी विशाल की प्रोफाइल पिक्चर की बदौलत बनी। दरअसल दफ्तरी विशाल ने नोटों की गड्डियों के साथ प्रोफाइल पिक्चर लगाई थी। उसके दोस्त नवनीत की इस पर नजर पड़ी तो उसका दिमाग घूम गया। 

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एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि नवनीत और विशाल दोस्त हैं। नवनीत ने विशाल को लूट के जरिये रातोंरात अमीर बनने सपना दिखाया तो वह लालच में फंस गया। लूट को अंजाम देने के लिए विशाल ने नवनीत को कई अहम सुराग दिए।
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घटना को अंजाम देने के लिए नवनीत ने मंजेश कुमार और विशाल की दो माह पहले छुटमलपुर में मुलाकात करा दी थी। जहां तय हुआ कि साथी, असलाह और कार की व्यवस्था मंजेश और रास्ते तथा बैंक की रैकी का काम नवनीत करेगा। नवनीत करीब डेढ़ माह पहले नौगांव बैंक में विशाल से मिला और रात में उसके कमरे पर ठहरा था।

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दफ्तरी की हत्या करना चाहते थे बदमाश

bank cash loot: plan made by whatsapp profile picture.
पुलिस की गिरफ्त में लूट के आरोपी - फोटो : अमरउजाला

शुक्रवार को बैंक का पैसा जमा करने के लिए नौगांव से देहरादून लाया जाना था। विशाल ने बृहस्पतिवार शाम नवनीत को फोन पर गाड़ी का नंबर आदि सबकुछ बता दिया था। 

बदमाशों ने मुखबिरी करने वाले बैंक कर्मचारी विशाल की हत्या की योजना भी बना ली थी। बदमाशों को आशंका थी कि वह विशाल के जरिए ही कानून के हाथ उनके गिरेबान तक पहुंच सकते हैं।

एसपी सिटी अजय सिंह के अनुसार उन्होंने विशाल को लूट की रकम देने के बहाने बुलाकर मारने का प्लान बनाया था, लेकिन घटना के बाद से ही शक में आए विशाल को पुलिस अपनी निगरानी में लिए हुए थी। इसलिए बदमाशों के मंसूबे पूरे नहीं हो पाए।

बयानों में हुआ शक
लूट के बाद घटनाक्रम को लेकर प्रबंधक और दफ्तरी के बयानों में फर्क से पुलिस का शक गहरा गया था। दफ्तरी विशाल ने पहले तो पुलिस को गुमराह करने का भरसक प्रयास किया, लेकिन बाद में वह टूट गया। घटनाक्रम के साथ अपने साथियों के नाम भी बता दिए।

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