छात्रा से गैंगरेप के बाद स्कूल प्रबंधन ने किया ऐसा घिनौना काम कि इंसानियत भी हो जाए शर्मसार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून के एक नामी बोर्डिंग स्कूल में छात्रा संग हुए गैंगरेप के बाद स्कूल के अधिकारियों ने ऐसा घिनौना काम किया जिससे इंसानियत की शर्मसार हो जाए। गैंगरेप के मामले को दबाने के लिए स्कूल प्रबंधन पीड़ित छात्रा की जान से खिलवाड़ करने से भी नहीं चूका। जिन दवाओं को महिलाओं को देने से भी मना किया जाता है, प्रबंधन ने गर्भपात के लिए वही दवाएं छात्रा को दिलवाईं। स्त्री रोग विषेशज्ञों के अनुसार इन दवाओं से महज 15 साल की इस छात्रा को जान का खतरा भी हो सकता है।
इधर, पुलिस ने राजपुर रोड स्थित डॉक्टर के क्लिनिक पर भी छापेमारी की। वहां उसका रजिस्टर आदि चेक किया जा रहा है। छात्रा के गर्भवती होने का पता चलने के बाद आनन-फानन में रविवार सुबह उसे राजपुर रोड स्थित एक चिकित्सक के क्लिनिक ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे गर्भपात के लिए दवाएं खिलाईं।
एसओ नरेश राठौर का कहना है कि क्लिनिक के रजिस्टर को चेक किया जा रहा है। वहां फिलहाल छात्रा की एंट्री नहीं मिली है। चिकित्सक की तलाश की जा रही है, ताकि उससे भी पूछताछ की जा सके। उन्होंने बताया कि यदि जरूरी हुआ तो चिकित्सक के खिलाफ जांच के लिए सीएमओ को भी लिखा जाएगा।
स्कूल डायरेक्टर समेत पांच गिरफ्तार
गैंगरेप के मामले में पुलिस ने सोमवार को स्कूल की डायरेक्टर, प्रिंसिपल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, उसकी पत्नी व आया को गिरफ्तार कर लिया। रविवार देर रात पुलिस ने इस जघन्य मामले का खुलासा कर दिया था। इस वारदात में चार छात्रों ने बहाने से एक नाबालिग छात्रा को बुलाकर 14 अगस्त को हॉस्टल के स्टोर में गैंगरेप किया था।
स्कूल प्रबंधन से जु़ड़े पांचों आरोपियों पर गैंग रेप के साक्ष्य मिटाने की आपराधिक साजिश का आरोप है। गैंगरेप के चारों आरोपी नाबालिग हैं, लिहाजा अभिभावकों को उन्हें मंगलवार को जुविनाइल जस्टिस कोर्ट में पेश करने की हिदायत दी गई है।
जानकारी के मुताबिक इस मामले में स्कूल प्रबंधन से जुड़े आरोपियों ने गर्भ गिराने के लिए पीड़िता को एक स्थानीय डॉक्टर से कुछ दवाएं भी दिलवाईं थीं। गर्भपात नहीं हुआ तो एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी) कराने की तैयारी थी। पुलिस ने गर्भपात की दवा देने वाले डॉक्टर की तलाश में उसके क्लीनिक पर छापे मारे, मगर वह हाथ नहीं आया।
नौ लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि मामले में बोर्डिंग स्कूल की डायरेक्टर लता गुप्ता, प्रिंसिपल जितेंद्र शर्मा, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दीपक मल्होत्रा, उसकी पत्नी तनु मल्होत्रा और आया मंजू को गिरफ्तार कर लिया है। गैंग रेप के चारों आरोपियों की पहचान कर ली है।
चूंकि सभी नाबालिग हैं, लिहाजा उन्हें कानूनी प्रावधानों के तहत गिरफ्तार नहीं किया गया। अभिभावकों को निर्देशित किया गया है कि मंगलवार को उन्हें जुविनाइल जस्टिस कोर्ट में पेश करें। हिदायत का अनुपालन हो इसकी व्यवस्था कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार आया से लेकर डायरेक्टर तक को पूरे मामले की जानकारी थी। बावजूद इसके उन्होंने न तो बच्ची के परिजनों को यह बात बताई और न ही पुलिस को सूचना दी। ऐसे में प्रबंधन के पांचों अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ साक्ष्य छुपाने और आपराधिक षड्यंत्र रचने के साक्ष्य मिले हैं।
सोमवार दोपहर थाने पहुंचे छात्रा के परिजनों ने
गौरतलब है कि रविवार शाम को बोर्डिंग स्कूल में गैंगरेप की सूचना के बाद एसएसपी ने सहसपुर पुलिस को जांच के आदेश दिए थे। पुलिस ने बाल कल्याण समिति और प्रशासन की टीम के साथ वहां जाकर जांच की तो देर रात घटना की पुष्टि हुई। पता चला कि छात्रा को बहाने से स्टोर में बुलाकर शारीरिक संबंध बनाने का प्रस्ताव रखा गया, वह नहीं मानी तो चारों छात्रों ने उससे जबरन सामूहिक दुराचार किया था।
स्कूल प्रबंधन ने इस मामले को दबाने की भरसक कोशिश की। लगभग एक माह तक मामले को दबाए भी रखा गया। इसके बाद जब छात्रा के गर्भवती होने का पता चला तो चुपचाप उसका गर्भपात कराया जा रहा था। उसे राजपुर रोड स्थित एक क्लीनिक से गर्भपात के लिए दवाएं भी दीं गईं। एसओ नरेश राठौर ने बताया कि चारों नाबालिग छात्रों को मंगलवार को जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट में पेश किया जाएगा। जबकि, अन्य पांचों आरोपियों को संबंधित न्यायालय में पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छात्रा का मेडिकल भी मंगलवार को कराया जाएगा।
ये हैं आरोप
चारों छात्र: आईपीसी 376(डी) (सामूहिक दुराचार) व पोक्सो अधिनियम
डायरेक्टर समेत पांचों आरोपी:आईपीसी 120बी(आपरधिक षड्यंत्र), आईपीसी 201(साक्ष्य छुपाना) और पोक्सो अधिनियम
(डायरेक्टर समेत पांचों आरोपियों पर पुलिस जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत भी कार्रवाई को विधिक राय ले रही है)