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सरकारी नौकरी के चक्कर में गंवाए ढाई लाख रुपये
Updated Wed, 04 Jul 2018 02:08 AM IST
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सरकारी नौकरी के चक्कर में गंवाए ढाई लाख रुपये
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। बेटे की सरकारी नौकरी लगवाने के लालच में एक व्यक्ति ने ढाई लाख रुपये गंवा दिए। रकम सचिवालय में नौकरी लगवाने का झांसा देकर हड़पी थी। जब रुपये वापस मांगे तो दोनों आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक पटेलनगर की टीएचडीएसी कॉलोनी निवासी अरविंद कुमार सेना से सेवानिवृत्त हैं। उनका बेटा पराग ग्रेजुएट है और वर्तमान में कार के शोरूम पर में नौकरी करता है। अरविंद का कहना है कि वहां कार्य करने के दौरान विजय नौटियाल और बीएस कंडारी नाम के दो व्यक्ति उनके बेटे से मिलने जुलने लगे थे। उन्होंने पराग से कहा कि वे उसकी सचिवालय में नौकरी लगवा सकते हैं। बीएस कंडारी ने खुद को मुख्यमंत्री का ओएसडी बताया था। उन पर विश्वास कर दिसंबर 2017 में दोनों ने उनसे सवा लाख रुपये लिए। इसके कुछ दिन बाद सवा लाख रुपये और ले लिए। दोनों ने अरविंद से कहा कि जल्द ही उनके बेटे का नियुक्ति पत्र आने वाला है। जब दो महीने बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं आया तो अरविंद ने अपने रुपये वापस मांगे।
इस पर विजय नौटियाल ने अपने खाते के दो चेक उन्हें दे दिए, जो बाउंस हो गए। इसके बाद जब अरविंद ने उनसे रुपये मांगे तो विजय और बीएस कंडारी उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगे। कोतवाल सूर्यभूषण सिंह नेगी ने बताया कि अरविंद की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। बेटे की सरकारी नौकरी लगवाने के लालच में एक व्यक्ति ने ढाई लाख रुपये गंवा दिए। रकम सचिवालय में नौकरी लगवाने का झांसा देकर हड़पी थी। जब रुपये वापस मांगे तो दोनों आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक पटेलनगर की टीएचडीएसी कॉलोनी निवासी अरविंद कुमार सेना से सेवानिवृत्त हैं। उनका बेटा पराग ग्रेजुएट है और वर्तमान में कार के शोरूम पर में नौकरी करता है। अरविंद का कहना है कि वहां कार्य करने के दौरान विजय नौटियाल और बीएस कंडारी नाम के दो व्यक्ति उनके बेटे से मिलने जुलने लगे थे। उन्होंने पराग से कहा कि वे उसकी सचिवालय में नौकरी लगवा सकते हैं। बीएस कंडारी ने खुद को मुख्यमंत्री का ओएसडी बताया था। उन पर विश्वास कर दिसंबर 2017 में दोनों ने उनसे सवा लाख रुपये लिए। इसके कुछ दिन बाद सवा लाख रुपये और ले लिए। दोनों ने अरविंद से कहा कि जल्द ही उनके बेटे का नियुक्ति पत्र आने वाला है। जब दो महीने बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं आया तो अरविंद ने अपने रुपये वापस मांगे।
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इस पर विजय नौटियाल ने अपने खाते के दो चेक उन्हें दे दिए, जो बाउंस हो गए। इसके बाद जब अरविंद ने उनसे रुपये मांगे तो विजय और बीएस कंडारी उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगे। कोतवाल सूर्यभूषण सिंह नेगी ने बताया कि अरविंद की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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