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हरिद्वार और गोरखपुर यूनिवर्सिटी के बीच कनेक्शन तलाश रही एसआईटी

Thu, 10 May 2018 02:24 AM IST
Updated Thu, 10 May 2018 02:24 AM IST
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हरिद्वार और गोरखपुर यूनिवर्सिटी के बीच कनेक्शन तलाश रही एसआईटी
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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फर्जी शिक्षक भर्ती के मामले में एसआईटी अब हरिद्वार और गोरखपुर के कनेक्शन की जांच कर रही है। अब तक गोरखपुर यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री का इस्तेमाल करने के मामले में जांच के घेरे में आए सभी शिक्षक हरिद्वार के रहने वाले निकले हैं। एसआईटी को शक है कि हरिद्वार या गोरखपुर में सक्रिय कोई गिरोह गोरखपुर यूनिवर्सिटी के कागजात बनवाकर मुहैया करा रहा है। वहीं, एसआईटी की जांच के बाद अब गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने भी जांच बैठाई है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों एसआईटी की जांच में कालसी में तैनात शिक्षक अमरीश कुमार और पोखरा पौड़ी गढ़वाल में तैनात शिक्षिका गायत्री देवी का नाम सामने आया था। इन दोनों ने नौकरी के लिए गोरखपुर यूनिवर्सिटी की फर्जी बीएड डिग्री का इस्तेमाल किया था। अमरीश और गायत्री देवी दोनों ही हरिद्वार के रहने वाले हैं। एसआईटी इंचार्ज श्वेता चौबे ने बताया कि इससे पहले भी गोरखपुर यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री का इस्तेमाल करने में तीन टीचरों के नाम सामने आ चुके हैं। ये तीनों भी हरिद्वार के रहने वाले हैं।
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कुछ कनेक्शन है हरिद्वार और गोरखपुर यूनिवर्सिटी के बीच
श्वेता चौबे के अनुसार वे वेरिफिकेशन के लिए यूनिवर्सिटी में जिस पत्रांक संख्या का पत्र भेजते हैं उसी पत्रांक संख्या में पत्र का जवाब दिया जाता है कि ये डिग्रियां सही हैं। इसी के कुछ दिन बाद यूनिवर्सिटी से उनके पास दूसरा पत्र (उसी पत्रांक संख्या) आता जो कि डिग्रियां फर्जी होने की पुष्टि करता है। ऐसे में इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ ही कोई इन आरोपियों के साथ मिला हो। उन्होंने बताया कि उनकी जांच में तथ्य सामने आने के बाद गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने भी जांच बैठा दी है। बता दें कि अमर उजाला के फर्जी डिग्री- असली नौकरी समाचार अभियान के बाद प्रदेश में 2012 से 2015 तक कई फर्जी शिक्षक भर्ती होने की एसआईटी जांच कर रही है। इस जांच में सितंबर 2017 से अब तक सैकड़ों शिक्षकों के नाम सामने आ चुके हैं। जिसमें कई जिलों में मुकदमे दर्ज हैं।
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