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अपराध नियंत्रण को ग्राउंड जीरो पर बढ़ाई जाएगी पुलिस की पैठ
Updated Sat, 24 Jun 2017 09:39 PM IST
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मनीष चंद्र भट्ट
पौड़ी। अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ग्राउंड जीरो तक अपनी पैठ बढ़ाएगी। पौड़ी जिला पुलिस ने इसकी पहल की है। योजना के तहत थाना चौकियों में तैनात कांस्टेबल से लेकर थानेदार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) तक को 20-20 पुलिस सहयोगी बनाने हैं।
जिला पुलिस ने कोटद्वार कोतवाली क्षेत्र से इसकी शुरुआत भी कर दी है। प्रत्येक पुलिसकर्मी अपने-अपने थाना-चौकी क्षेत्र के शहर, गांव और कस्बों में 20-20 पुलिस सहयोगी बनाएंगे। पुलिस की योजना विभिन्न जाति, समुदाय, लिंग और आयु वर्ग से ये सहयोगी बनाने की है। पुलिस सहयोगी साफ सुथरी छवि के लोगों को बनाया जाएगा। उसके बाद पुलिस सहयोगियों को आपराधिक घटनाओं की प्रकृति, सूचनाओं की महत्ता और उनके आदान-प्रदान के तौर तरीकों के बारे में बताया जाएगा। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद पुलिस सहयोगियों को आई-कार्ड भी दिए जाएंगे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जगतराम जोशी ने बताया कि ‘पुलिस सहयोगी’ पुलिस के हेल्पिंग हैंड के रूप में काम करेंगे। ये पुलिस को हर छोटी बड़ी आपराधिक घटनाओ, घटना की आशंकाओं और दुर्घटनाओं की सूचना देंगे। पुलिसकर्मी भी लगातार इनके संपर्क में बने रहेंगे। इससे बड़ी अनहोनी को भी टाला जा सकता है। कोटद्वार कोतवाली के बाद इसे पूरे जिले में लागू किया जाएगा।
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पौड़ी। अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ग्राउंड जीरो तक अपनी पैठ बढ़ाएगी। पौड़ी जिला पुलिस ने इसकी पहल की है। योजना के तहत थाना चौकियों में तैनात कांस्टेबल से लेकर थानेदार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) तक को 20-20 पुलिस सहयोगी बनाने हैं।
जिला पुलिस ने कोटद्वार कोतवाली क्षेत्र से इसकी शुरुआत भी कर दी है। प्रत्येक पुलिसकर्मी अपने-अपने थाना-चौकी क्षेत्र के शहर, गांव और कस्बों में 20-20 पुलिस सहयोगी बनाएंगे। पुलिस की योजना विभिन्न जाति, समुदाय, लिंग और आयु वर्ग से ये सहयोगी बनाने की है। पुलिस सहयोगी साफ सुथरी छवि के लोगों को बनाया जाएगा। उसके बाद पुलिस सहयोगियों को आपराधिक घटनाओं की प्रकृति, सूचनाओं की महत्ता और उनके आदान-प्रदान के तौर तरीकों के बारे में बताया जाएगा। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद पुलिस सहयोगियों को आई-कार्ड भी दिए जाएंगे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जगतराम जोशी ने बताया कि ‘पुलिस सहयोगी’ पुलिस के हेल्पिंग हैंड के रूप में काम करेंगे। ये पुलिस को हर छोटी बड़ी आपराधिक घटनाओ, घटना की आशंकाओं और दुर्घटनाओं की सूचना देंगे। पुलिसकर्मी भी लगातार इनके संपर्क में बने रहेंगे। इससे बड़ी अनहोनी को भी टाला जा सकता है। कोटद्वार कोतवाली के बाद इसे पूरे जिले में लागू किया जाएगा।
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