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आसन के घरौंदे में दिखा यूरेशियन करलयू
Updated Sun, 31 Dec 2017 02:29 AM IST
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आसन के घरौंदे में दिखा यूरेशियन करलयू
ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर।
लंबे अर्से बाद आसन कंजरवेशन रिजर्व के घरौंदे में यूरेशियन करलयू समेत कुछ ऐसी प्रजातियों के पक्षियों की आमद हुई है जो विलुप्तप्राय सूची में शामिल हैं। लंबे अर्से बाद इन दुर्लभ पक्षियों को आसन में देख पक्षी प्रेमी उत्साहित हैं।
पक्षी विशेषज्ञों की माने तो आसन के घरोंदे में चार साल बाद यूरेशियन करलयू की आमद दर्ज की गई है। विश्व में यह पक्षी गिनी-चुनी संख्या में ही बचे हुए हैं। जिसमें से इस बार आसन के घरौंदे में चार यूरेशियन करलयू को देखा गया है। यह पक्षी यूरोप के कुछ देशों में ही बचे हैं, जो सर्दियां शुरू होते ही दूसरे देशों के प्रवास पर निकल पड़ते है। 50-60 सेमी लंबे इन पक्षियों की चौड़ाई पंख फैलाने के बाद 89-106 सेमी तक हो जाती है।
इसके साथ ही रिजर्व में इस बार मारश हैरियर, ब्लैक आइविस की आमद भी दर्ज की गई है। यह दोनों पक्षी भी विलुप्तप्राय प्रजातियों में शामिल है। मारश हैरियर को शेड्यूल-1 के अंतर्गत शामिल किया गया है। वहीं ब्लैक आइबिस संकटग्रस्त पक्षियों की सूची में शामिल है।
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पक्षी विशेषज्ञ अजय शर्मा का कहना है कि कई सालों बाद रिजर्व में यूरेशियन करलयू को देखा गया है। इस पक्षी पर अंतरराष्ट्रीय पक्षी विशेषज्ञ तक नजर रखे हुए हैं। इसके साथ ही मारश हैरियर, ब्लैक आइविस को भी देखा गया है। सभी पक्षी दो से तीन की संख्या में ही एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं।
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ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर।
लंबे अर्से बाद आसन कंजरवेशन रिजर्व के घरौंदे में यूरेशियन करलयू समेत कुछ ऐसी प्रजातियों के पक्षियों की आमद हुई है जो विलुप्तप्राय सूची में शामिल हैं। लंबे अर्से बाद इन दुर्लभ पक्षियों को आसन में देख पक्षी प्रेमी उत्साहित हैं।
पक्षी विशेषज्ञों की माने तो आसन के घरोंदे में चार साल बाद यूरेशियन करलयू की आमद दर्ज की गई है। विश्व में यह पक्षी गिनी-चुनी संख्या में ही बचे हुए हैं। जिसमें से इस बार आसन के घरौंदे में चार यूरेशियन करलयू को देखा गया है। यह पक्षी यूरोप के कुछ देशों में ही बचे हैं, जो सर्दियां शुरू होते ही दूसरे देशों के प्रवास पर निकल पड़ते है। 50-60 सेमी लंबे इन पक्षियों की चौड़ाई पंख फैलाने के बाद 89-106 सेमी तक हो जाती है।
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इसके साथ ही रिजर्व में इस बार मारश हैरियर, ब्लैक आइविस की आमद भी दर्ज की गई है। यह दोनों पक्षी भी विलुप्तप्राय प्रजातियों में शामिल है। मारश हैरियर को शेड्यूल-1 के अंतर्गत शामिल किया गया है। वहीं ब्लैक आइबिस संकटग्रस्त पक्षियों की सूची में शामिल है।
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पक्षी विशेषज्ञ अजय शर्मा का कहना है कि कई सालों बाद रिजर्व में यूरेशियन करलयू को देखा गया है। इस पक्षी पर अंतरराष्ट्रीय पक्षी विशेषज्ञ तक नजर रखे हुए हैं। इसके साथ ही मारश हैरियर, ब्लैक आइविस को भी देखा गया है। सभी पक्षी दो से तीन की संख्या में ही एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं।