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पांच लाख की सुपारी देकर करवाई हत्या
Updated Sun, 06 May 2018 12:24 AM IST
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रुड़की। पांच साल पूर्व हुई एक हत्या के मामले में चली आ रही मुकदमेबाजी और रंजिश के चलते पांच लाख रुपये की सुपारी देकर सेवानिवृत्त शिक्षक नकली सिंह सैनी की 18 अप्रैल को हत्या की गई थी। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। जबकि तीन आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने फरार आरोपियों पर दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपियों के कब्जे से पिस्टल, पांच कारतूस, एक तमंचा, एक मोबाइल व बाइक बरामद की है।
शनिवार को गंगनहर कोतवाली परिसर में एसपी देहात मणिकांत मिश्रा व सीओ स्वप्न किशोर सिंह ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि 18 अप्रैल देर शाम सलेमपुर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक नकली सिंह सैनी की उनके घर पर गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। मृतक के पुत्र राजबहादुर सैनी ने आरोपी ठाठ सिंह (निवासी दूधली, थाना देवबंद, सहारनपुर हाल निवासी कृष्णा नगर, रुड़की), आदेश सैनी (निवासी सलेमपुर राजपुताना), राजेश सैनी व नेपाल (निवासी हल्लू मजरा थाना भगवानपुर) के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तीन टीमें गठित कर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली की ठाठ सिंह ने शूटरों को पांच लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई है। सीआईयू व गंगनहर कोतवाली की टीम शूटरों की तलाश में जुटी थी। शुक्रवार रात सूचना मिली की शूटर, ठाठ सिंह से सुपारी की रकम लेने आ रहे हैं। इस पर कोतवाली प्रभारी गंगनहर कमल कुमार लुंठी, एसएसआई प्रमोद कुमार व सीआईयू प्रभारी रविंद्र कुमार ने रात में आरोपियों को पकड़ने के लिए कृष्णा नगर में ठाठ सिंह के घर के पास जाल बिछाया। कुलदीप उर्फ काला (निवासी दुगचाड़ा थाना देवबंद जिला सहारनपुर), धीरेंद्र उर्फ मनी (निवासी उदलहेड़ी कोतवाली मंगलौर), अंकित उर्फ नवनीत (निवासी उदलहेड़ी कोतवाली मंगलौर), बालेंद्र (निवासी बड़कली कोतवाली नगर मुजफ्फरनगर) को बाइक से आते देखा गया। जैसे ही वह ठाठ सिंह के घर के पास पहुंचे तो पुलिस ने चारों को दबोच लिया। जबकि इनके तीन साथी फरार हो गए।
पूछताछ में अभियुक्त कुलदीप ने बताया कि वह जब देवबंद जेल में बंद था तो उसकी मुलाकात जेल में ठाठ सिंह से हुई थी। इस दौरान ठाठ सिंह ने उसे बताया था कि मुझे सलेमपुर निवासी मास्टर नकली सिंह सैनी ने हत्या के एक मामले में झूठा फंसाया है। नकली सिंह को रास्ते से हटाना है। इसके कुछ दिन बाद दोनों जमानत पर जेल से बहार आ गए। एक दिन ठाठ सिंह, कुलदीप से मिला। उसने उससे कहा कि मास्टर को रास्ते से हटाने के लिए उसे क्या करना होगा। दोनों के बीच पांच लाख रुपये में मामला तय हुआ। इसके बाद कुलदीप अपने साथी अंकित उर्फ नवनीत, धीरेंद्र उर्फ मनी, गौरव शर्मा और अजय शुक्ला से मिला। उसने उन्हें बताया कि एक मास्टर को मौत के घाट उतारना है। इसके लिए उन्हें पांच लाख रुपये मिलेंगे। उन्होंने योजना बनाकर बालेंद्र व गौरव शर्मा को मास्टर नकली सिंह सैनी की रेकी करने के लिए लगा दिया। घटना से एक सप्ताह पहले लगातार रेकी की। 18 अप्रैल की देर शाम घटना के दौरान गौरव शर्मा, अंकित, धीरेंद्र एक बाइक और दूसरी बाइक पर कुलदीप, बालेंद्र और अजय शुक्ला पहुंचे। इस दौरान गौरव शर्मा और अंकित उर्फ नवनीत ने नकली सिंह को गोली मार दी। इसके बाद सभी बाइक से फरार हो गए। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि करीब पांच साल पूर्व नकली सिंह सैनी के परिवार में हुई हत्या में ठाठ सिंह के आरोपी होने के चलते रंजिश चल आ रही थी।
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शनिवार को गंगनहर कोतवाली परिसर में एसपी देहात मणिकांत मिश्रा व सीओ स्वप्न किशोर सिंह ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि 18 अप्रैल देर शाम सलेमपुर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक नकली सिंह सैनी की उनके घर पर गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। मृतक के पुत्र राजबहादुर सैनी ने आरोपी ठाठ सिंह (निवासी दूधली, थाना देवबंद, सहारनपुर हाल निवासी कृष्णा नगर, रुड़की), आदेश सैनी (निवासी सलेमपुर राजपुताना), राजेश सैनी व नेपाल (निवासी हल्लू मजरा थाना भगवानपुर) के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तीन टीमें गठित कर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली की ठाठ सिंह ने शूटरों को पांच लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई है। सीआईयू व गंगनहर कोतवाली की टीम शूटरों की तलाश में जुटी थी। शुक्रवार रात सूचना मिली की शूटर, ठाठ सिंह से सुपारी की रकम लेने आ रहे हैं। इस पर कोतवाली प्रभारी गंगनहर कमल कुमार लुंठी, एसएसआई प्रमोद कुमार व सीआईयू प्रभारी रविंद्र कुमार ने रात में आरोपियों को पकड़ने के लिए कृष्णा नगर में ठाठ सिंह के घर के पास जाल बिछाया। कुलदीप उर्फ काला (निवासी दुगचाड़ा थाना देवबंद जिला सहारनपुर), धीरेंद्र उर्फ मनी (निवासी उदलहेड़ी कोतवाली मंगलौर), अंकित उर्फ नवनीत (निवासी उदलहेड़ी कोतवाली मंगलौर), बालेंद्र (निवासी बड़कली कोतवाली नगर मुजफ्फरनगर) को बाइक से आते देखा गया। जैसे ही वह ठाठ सिंह के घर के पास पहुंचे तो पुलिस ने चारों को दबोच लिया। जबकि इनके तीन साथी फरार हो गए।
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पूछताछ में अभियुक्त कुलदीप ने बताया कि वह जब देवबंद जेल में बंद था तो उसकी मुलाकात जेल में ठाठ सिंह से हुई थी। इस दौरान ठाठ सिंह ने उसे बताया था कि मुझे सलेमपुर निवासी मास्टर नकली सिंह सैनी ने हत्या के एक मामले में झूठा फंसाया है। नकली सिंह को रास्ते से हटाना है। इसके कुछ दिन बाद दोनों जमानत पर जेल से बहार आ गए। एक दिन ठाठ सिंह, कुलदीप से मिला। उसने उससे कहा कि मास्टर को रास्ते से हटाने के लिए उसे क्या करना होगा। दोनों के बीच पांच लाख रुपये में मामला तय हुआ। इसके बाद कुलदीप अपने साथी अंकित उर्फ नवनीत, धीरेंद्र उर्फ मनी, गौरव शर्मा और अजय शुक्ला से मिला। उसने उन्हें बताया कि एक मास्टर को मौत के घाट उतारना है। इसके लिए उन्हें पांच लाख रुपये मिलेंगे। उन्होंने योजना बनाकर बालेंद्र व गौरव शर्मा को मास्टर नकली सिंह सैनी की रेकी करने के लिए लगा दिया। घटना से एक सप्ताह पहले लगातार रेकी की। 18 अप्रैल की देर शाम घटना के दौरान गौरव शर्मा, अंकित, धीरेंद्र एक बाइक और दूसरी बाइक पर कुलदीप, बालेंद्र और अजय शुक्ला पहुंचे। इस दौरान गौरव शर्मा और अंकित उर्फ नवनीत ने नकली सिंह को गोली मार दी। इसके बाद सभी बाइक से फरार हो गए। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि करीब पांच साल पूर्व नकली सिंह सैनी के परिवार में हुई हत्या में ठाठ सिंह के आरोपी होने के चलते रंजिश चल आ रही थी।
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