{"_id":"5c40db09bdec2273a9248458","slug":"31547754249-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पनाश हाइट्स को ब्याज सहित लौटानी होगी रकम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पनाश हाइट्स को ब्याज सहित लौटानी होगी रकम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड भू संपदा नियामक प्राधिकरण ने पनाश हाइट्स परियोजना में फ्लैट पर कब्जा न देने पर शिकायतकर्ता को कंपनी में जमा कराई गई राशि का 10.75 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 45 दिन में लौटाने के आदेश दिए हैं। ब्याज की गणना राशि जमा करने से लेकर वापस करने की तिथि के आधार पर की जाएगी।
केदारपुरम निवासी श्याम सिंह ने 2016 के दौरान एबीएल प्रोजेक्ट्स की बहुमंजिला भवन परियोजना में फ्लैट बुक कराया था। उन्होंने 66.8 लाख रुपये जमा कराए थे। इकरारनामे में निर्धारित तिथि तक कब्जा न मिलने पर श्याम सिंह ने रेरा अधिनियम एवं नियमावली में निर्धारित दर पर ब्याज सहित वापसी के लिए मई 2018 में वाद दायर किया था। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उनको मई 2016 में पनाश वैली में एक फ्लैट आवंटित हुआ था। इसके बाद नवंबर 2016 में आरोपी पक्ष ने पनाश हाइट्स परियोजना में एक फ्लैट आवंटित कराया। पनाश वैली परियोजना में जमा की गई 43.14 लाख रुपये की राशि पनाश हाइट्स परियोजना में समायोजित कर दी गई। इस फ्लैट पर 31 जुलाई 2017 तक कब्जा दिया जाना था। उत्तराखंड भू संपदा नियामक प्राधिकरण ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद फैसला सुनाया। फैसले में शिकायतकर्ता द्वारा पनाश हाइट्स योजना में फ्लैट के लिए जमा कराई गई समस्त राशि ब्याज समेत 45 दिन में लौटाने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
उत्तराखंड भू संपदा नियामक प्राधिकरण ने पनाश हाइट्स परियोजना में फ्लैट पर कब्जा न देने पर शिकायतकर्ता को कंपनी में जमा कराई गई राशि का 10.75 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 45 दिन में लौटाने के आदेश दिए हैं। ब्याज की गणना राशि जमा करने से लेकर वापस करने की तिथि के आधार पर की जाएगी।
केदारपुरम निवासी श्याम सिंह ने 2016 के दौरान एबीएल प्रोजेक्ट्स की बहुमंजिला भवन परियोजना में फ्लैट बुक कराया था। उन्होंने 66.8 लाख रुपये जमा कराए थे। इकरारनामे में निर्धारित तिथि तक कब्जा न मिलने पर श्याम सिंह ने रेरा अधिनियम एवं नियमावली में निर्धारित दर पर ब्याज सहित वापसी के लिए मई 2018 में वाद दायर किया था। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उनको मई 2016 में पनाश वैली में एक फ्लैट आवंटित हुआ था। इसके बाद नवंबर 2016 में आरोपी पक्ष ने पनाश हाइट्स परियोजना में एक फ्लैट आवंटित कराया। पनाश वैली परियोजना में जमा की गई 43.14 लाख रुपये की राशि पनाश हाइट्स परियोजना में समायोजित कर दी गई। इस फ्लैट पर 31 जुलाई 2017 तक कब्जा दिया जाना था। उत्तराखंड भू संपदा नियामक प्राधिकरण ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद फैसला सुनाया। फैसले में शिकायतकर्ता द्वारा पनाश हाइट्स योजना में फ्लैट के लिए जमा कराई गई समस्त राशि ब्याज समेत 45 दिन में लौटाने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन