{"_id":"5bc79ebfbdec2269360ca673","slug":"31539808959-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन तलाक का नोटिस भेजने वाले पति पर मुकदमा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तीन तलाक का नोटिस भेजने वाले पति पर मुकदमा
Updated Thu, 18 Oct 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन तलाक का नोटिस भेजने वाले पति पर मुकदमा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। तीन तलाक का नोटिस भेजने वाले पति के खिलाफ न्यायालय के आदेश के बाद डोईवाला कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम-2018 की धारा तीन व चार और मारपीट, गाली गलौच व दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमएम पांडेय की अदालत ने तीन तलाक देने वाले पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। जानकारी के अनुसार डोईवाला क्षेत्र की रहने वाली शगुफ्ता जमाल का निकाह अहमद पुत्र शरीफ अहमद निवासी शिमला बाईपास, देहरादून से साल 2002 में हुआ था। जिस समय रिश्ता हुआ तब शगुफ्ता एमबीबीएस तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। उस वक्त अमीर ने एक बार कहा और शगुफ्ता ने पढ़ाई छोड़ दी। शादी के कुछ समय बाद से दोनों में अनबन रहने लगी थी। इस दरम्यान दंपति को दो संतानें भी हुईं, मगर बीती जुलाई में अमीर ने एक नोटिस भेजा। इस नोटिस में उसने शगुफ्ता पर कई आरोप लगाए और उसे तीन बार तलाक लिखकर संबंध विच्छेद कर लिया। शगुफ्ता ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। इसके बाद उसने न्यायालय में शरण ली थी।
उधर कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक योगेंद्र सिंह गुंसाई ने बताया कि कोर्ट के आदेश से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक विनीता बैलवाल को सौंपी गई है।
विज्ञापन
अपनी चूक का पता लगाएगी पुलिस
इस मामले में एसएसपी निवेदिता कुकरेती का कहना है कि शगुफ्ता ने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन मुकदमा क्यों दर्ज नहीं हुआ इसके कारण का पता लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बात की भी संभावना हैं कि जब शगुफ्ता ने पुलिस को शिकायत की थी उस वक्त अधिनियम नहीं बना था। शुरुआती जांच पड़ताल में बात सामने आई है कि शगुफ्ता का मामला चलने के बीच में ही यह अधिनियम आया। यदि पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी तो इसकी भी पड़ताल की जाएगी।
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। तीन तलाक का नोटिस भेजने वाले पति के खिलाफ न्यायालय के आदेश के बाद डोईवाला कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम-2018 की धारा तीन व चार और मारपीट, गाली गलौच व दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमएम पांडेय की अदालत ने तीन तलाक देने वाले पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। जानकारी के अनुसार डोईवाला क्षेत्र की रहने वाली शगुफ्ता जमाल का निकाह अहमद पुत्र शरीफ अहमद निवासी शिमला बाईपास, देहरादून से साल 2002 में हुआ था। जिस समय रिश्ता हुआ तब शगुफ्ता एमबीबीएस तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। उस वक्त अमीर ने एक बार कहा और शगुफ्ता ने पढ़ाई छोड़ दी। शादी के कुछ समय बाद से दोनों में अनबन रहने लगी थी। इस दरम्यान दंपति को दो संतानें भी हुईं, मगर बीती जुलाई में अमीर ने एक नोटिस भेजा। इस नोटिस में उसने शगुफ्ता पर कई आरोप लगाए और उसे तीन बार तलाक लिखकर संबंध विच्छेद कर लिया। शगुफ्ता ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। इसके बाद उसने न्यायालय में शरण ली थी।
विज्ञापन
उधर कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक योगेंद्र सिंह गुंसाई ने बताया कि कोर्ट के आदेश से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक विनीता बैलवाल को सौंपी गई है।
विज्ञापन
अपनी चूक का पता लगाएगी पुलिस
इस मामले में एसएसपी निवेदिता कुकरेती का कहना है कि शगुफ्ता ने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन मुकदमा क्यों दर्ज नहीं हुआ इसके कारण का पता लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बात की भी संभावना हैं कि जब शगुफ्ता ने पुलिस को शिकायत की थी उस वक्त अधिनियम नहीं बना था। शुरुआती जांच पड़ताल में बात सामने आई है कि शगुफ्ता का मामला चलने के बीच में ही यह अधिनियम आया। यदि पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी तो इसकी भी पड़ताल की जाएगी।