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गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने को लड़ेंगे आर-पार की लड़ाई:गोपालमणि
Updated Mon, 10 Sep 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
संत गोपालमणि महाराज ने कहा कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित कराने की मांग के लिए वह सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। उनकी यह लड़ाई अब अंतिम सांस तक जारी रहेगी। उन्होंने चेताया आने वाले चुनावों में देश के गोभक्त सिर्फ उसी पार्टी को वोट देंगे जो गोमाता को राष्ट्र माता बनाने का समर्थन करेंगे।
गौरतलब है कि गत 2008 से हर वर्ष गो क्रांति मंच की ओर से परेड ग्राउंड में ‘गो राष्ट्रमाता प्रतिष्ठा महासंकल्प कार्यक्रम’ आयोजित किया जाता है। इस साल भी इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए हजारों की संख्या में प्रदेश और आसपास के लोग परेड ग्राउंड पहुंच रहे हैं। रविवार से शुरू हुए सात दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन संत गोपाल मणि महाराज ने गाय को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की हुंकार भरी। उन्होंने इसको लेकर प्रदेश और केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाए। कहा, हिंदू हित और प्रतीकों के संरक्षण करने वाली पार्टी की केंद्र के साथ-साथ अधिकतर राज्यों में सरकार है। यह सरकार और पार्टी काले धन और तमाम बातों को समय-समय पर उठाती हैं, लेकिन गोमाता के संबंध में एक शब्द नहीं बोल रही है। उन्होंने आगामी आम चुनावों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की बात कही। कार्यक्रम में धनोल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार, यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत, राजपुर विधायक खजान दास, लोक गायक प्रीतम भरवाण, मीणा राणा, गो क्रांति मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष शूरवीर सिंह मतुड़ा, विनोद कपरवान, महेंद्र प्रताप सिंह नेगी, मनोहर लाल जुयाल, डॉक्टर रामभूषण बिल्जवाण आदि उपस्थित रहे।
संवैधानिक दर्जा दिलाने को लाएंगे प्रस्ताव
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे उच्च शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत ने मंच के आह्वान का समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में वह गाय को राष्ट्रीय माता का संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए प्रस्ताव लाएंगे। इसके लिए भाजपा के सभी 57 विधायकों का समर्थन मिल चुका है। कांग्रेस विधायकों का समर्थन भी मिल रहा है।
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मंच ने रखीं पांच मांगे
कार्यक्रम के दौरान गो क्रांति मंच ने केंद्र सरकार के सामने पांच मांगों को रखा। इनमें गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिए जाने के साथ-साथ किसानों से गाय के गोबर का क्रय करना, 10 साल तक के बच्चों को निशुल्क भारतीय नस्ल की गायों का दूध उपलब्ध कराना, गाय के लिए चरान सुरक्षित करना और असहाय गायों के लिए आदर्श गौशालाएं स्थापित करना शामिल हैं।
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संत गोपालमणि महाराज ने कहा कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित कराने की मांग के लिए वह सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। उनकी यह लड़ाई अब अंतिम सांस तक जारी रहेगी। उन्होंने चेताया आने वाले चुनावों में देश के गोभक्त सिर्फ उसी पार्टी को वोट देंगे जो गोमाता को राष्ट्र माता बनाने का समर्थन करेंगे।
गौरतलब है कि गत 2008 से हर वर्ष गो क्रांति मंच की ओर से परेड ग्राउंड में ‘गो राष्ट्रमाता प्रतिष्ठा महासंकल्प कार्यक्रम’ आयोजित किया जाता है। इस साल भी इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए हजारों की संख्या में प्रदेश और आसपास के लोग परेड ग्राउंड पहुंच रहे हैं। रविवार से शुरू हुए सात दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन संत गोपाल मणि महाराज ने गाय को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की हुंकार भरी। उन्होंने इसको लेकर प्रदेश और केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाए। कहा, हिंदू हित और प्रतीकों के संरक्षण करने वाली पार्टी की केंद्र के साथ-साथ अधिकतर राज्यों में सरकार है। यह सरकार और पार्टी काले धन और तमाम बातों को समय-समय पर उठाती हैं, लेकिन गोमाता के संबंध में एक शब्द नहीं बोल रही है। उन्होंने आगामी आम चुनावों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की बात कही। कार्यक्रम में धनोल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार, यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत, राजपुर विधायक खजान दास, लोक गायक प्रीतम भरवाण, मीणा राणा, गो क्रांति मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष शूरवीर सिंह मतुड़ा, विनोद कपरवान, महेंद्र प्रताप सिंह नेगी, मनोहर लाल जुयाल, डॉक्टर रामभूषण बिल्जवाण आदि उपस्थित रहे।
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संवैधानिक दर्जा दिलाने को लाएंगे प्रस्ताव
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे उच्च शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत ने मंच के आह्वान का समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में वह गाय को राष्ट्रीय माता का संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए प्रस्ताव लाएंगे। इसके लिए भाजपा के सभी 57 विधायकों का समर्थन मिल चुका है। कांग्रेस विधायकों का समर्थन भी मिल रहा है।
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मंच ने रखीं पांच मांगे
कार्यक्रम के दौरान गो क्रांति मंच ने केंद्र सरकार के सामने पांच मांगों को रखा। इनमें गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिए जाने के साथ-साथ किसानों से गाय के गोबर का क्रय करना, 10 साल तक के बच्चों को निशुल्क भारतीय नस्ल की गायों का दूध उपलब्ध कराना, गाय के लिए चरान सुरक्षित करना और असहाय गायों के लिए आदर्श गौशालाएं स्थापित करना शामिल हैं।