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जीवित को मृत दर्शा बंद कर दी पेंशन
Updated Wed, 27 Dec 2017 01:49 AM IST
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जीवित को मृत दर्शा कर दी पेंशन
ब्यूरो/अमर उजाला
साहिया।
छह साल से कोटी कॉलोनी निवासी 66 वर्षीय गोबरू खुद को जिंदा घोषित करने की जद्दोजहद में समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई भी उनकी सुनने वाला नहीं है। उन्हें मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करना पड़ रहा है।
छह साल पूर्व समाज कल्याण विभाग ने गोबरू की पेंशन शुरू की। उसके तीन माह बाद ही मृत घोषित कर उनकी पेंशन को बंद कर दिया गया। लंबे समय तक जब खाते में पेंशन नहीं आई तो उन्होंने मामले की शिकायत ग्राम प्रधान से की। जांच-पड़ताल में पता चला कि विभागीय कागजों में मृत घोषित कर उनकी पेंशन को बंद कर दिया गया है। गोबरू का कहना है कि पेंशन शुरू करने को लेकर वह कई बार विभागीय अधिकारियों से पत्राचार कर चुुके हैं लेकिन उन्हें हर बार आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। अब उन्होंने विभाग के चक्कर काटना बंद कर दिया है और मेहनत मजदूरी करने लगे हैं। पेंशन मिलने से उन्हें थोड़ा बहुत सहारा रहता था।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शखंधर ने कहा कि मामला मेरे कार्यकाल से पुराना है। मामले में रिपोर्ट तलब कर शीघ्र धारक को पेंशन दी जाएगी।
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ब्यूरो/अमर उजाला
साहिया।
छह साल से कोटी कॉलोनी निवासी 66 वर्षीय गोबरू खुद को जिंदा घोषित करने की जद्दोजहद में समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई भी उनकी सुनने वाला नहीं है। उन्हें मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करना पड़ रहा है।
छह साल पूर्व समाज कल्याण विभाग ने गोबरू की पेंशन शुरू की। उसके तीन माह बाद ही मृत घोषित कर उनकी पेंशन को बंद कर दिया गया। लंबे समय तक जब खाते में पेंशन नहीं आई तो उन्होंने मामले की शिकायत ग्राम प्रधान से की। जांच-पड़ताल में पता चला कि विभागीय कागजों में मृत घोषित कर उनकी पेंशन को बंद कर दिया गया है। गोबरू का कहना है कि पेंशन शुरू करने को लेकर वह कई बार विभागीय अधिकारियों से पत्राचार कर चुुके हैं लेकिन उन्हें हर बार आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। अब उन्होंने विभाग के चक्कर काटना बंद कर दिया है और मेहनत मजदूरी करने लगे हैं। पेंशन मिलने से उन्हें थोड़ा बहुत सहारा रहता था।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शखंधर ने कहा कि मामला मेरे कार्यकाल से पुराना है। मामले में रिपोर्ट तलब कर शीघ्र धारक को पेंशन दी जाएगी।