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दुबई से हस्ताक्षर कर गुप्ता बंधुओं ने भेजी पावर ऑफ अटार्नी
Updated Sat, 17 Mar 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
गुप्ता बंधुओं ने आयकर विभाग से जुड़ी पूरी जांच पड़ताल के लिए अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट को पावर ऑफ अटार्नी दे दी है। उन्होंने दुबई से ही अपने हस्ताक्षर कर यह पावर ऑफ अटार्नी आयकर विभाग तक पहुंचवाई है। दिल्ली के यह चार्टर्ड अकाउंटेंट अब आयकर विभाग के समक्ष जवाबदेह होंगे। आयकर विभाग के सवालों के जवाब देने के अलावा यह सीए ही समन भी रिसीव करेंगे। अब यह सिलसिला कितने दिन चलेगा, कहना मुश्किल है।
गुप्ता बंधु आयकर विभाग के सामने आने से बच रहे हैं। फोन पर बुलाने के बाद विभाग ने समन जारी किया तो गुप्ता बंधुओं ने खुद आने के बजाए अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट की टीम भेज दी। सीए को उन्होंने पावर ऑफ अटार्नी दे दी। इस अटार्नी पर गुप्ता बंधुओं के हस्ताक्षर हैं। दुबई में बैठे गुप्ता बंधुओं ने वहीं से साइन हुई पावर ऑफ अटार्नी भेजी है। इस आधार पर अब गुप्ता बंधुओं के बजाए उनके सीए आयकर विभाग के जवाबदेह हो गए हैं। आयकर की ओर से जारी होने वाले समन या नोटिस का जवाब अब सीए ही देंगे। इसके अलावा अगर आयकर विभाग को किसी दस्तावेज की जरूरत होगी तो गुप्ता बंधुओं के बजाए उनके सीए की ही जिम्मेदारी होगी। जांच से जुड़े सभी दस्तावेज जमा कराने की जिम्मेदारी भी अब सीए की हो गई है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि गुप्ता बंधु बच जाएंगे। समन की मियाद खत्म होने और आयकर विभाग के समयसीमा न बढ़ाने पर गुप्ता बंधुओं को जवाब देने आना पड़ेगा। नियम के हिसाब से करदाता कहीं से भी पावर अटार्नी हस्ताक्षर कर भेज सकता है।
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गुप्ता बंधुओं ने आयकर विभाग से जुड़ी पूरी जांच पड़ताल के लिए अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट को पावर ऑफ अटार्नी दे दी है। उन्होंने दुबई से ही अपने हस्ताक्षर कर यह पावर ऑफ अटार्नी आयकर विभाग तक पहुंचवाई है। दिल्ली के यह चार्टर्ड अकाउंटेंट अब आयकर विभाग के समक्ष जवाबदेह होंगे। आयकर विभाग के सवालों के जवाब देने के अलावा यह सीए ही समन भी रिसीव करेंगे। अब यह सिलसिला कितने दिन चलेगा, कहना मुश्किल है।
गुप्ता बंधु आयकर विभाग के सामने आने से बच रहे हैं। फोन पर बुलाने के बाद विभाग ने समन जारी किया तो गुप्ता बंधुओं ने खुद आने के बजाए अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट की टीम भेज दी। सीए को उन्होंने पावर ऑफ अटार्नी दे दी। इस अटार्नी पर गुप्ता बंधुओं के हस्ताक्षर हैं। दुबई में बैठे गुप्ता बंधुओं ने वहीं से साइन हुई पावर ऑफ अटार्नी भेजी है। इस आधार पर अब गुप्ता बंधुओं के बजाए उनके सीए आयकर विभाग के जवाबदेह हो गए हैं। आयकर की ओर से जारी होने वाले समन या नोटिस का जवाब अब सीए ही देंगे। इसके अलावा अगर आयकर विभाग को किसी दस्तावेज की जरूरत होगी तो गुप्ता बंधुओं के बजाए उनके सीए की ही जिम्मेदारी होगी। जांच से जुड़े सभी दस्तावेज जमा कराने की जिम्मेदारी भी अब सीए की हो गई है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि गुप्ता बंधु बच जाएंगे। समन की मियाद खत्म होने और आयकर विभाग के समयसीमा न बढ़ाने पर गुप्ता बंधुओं को जवाब देने आना पड़ेगा। नियम के हिसाब से करदाता कहीं से भी पावर अटार्नी हस्ताक्षर कर भेज सकता है।
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