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छात्रवृति घोटाला : दून के शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई की तैयारी
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छात्रवृत्ति घोटाला : दून के शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। छात्रवृत्ति घोटाले में हरिद्वार के बाद अब देहरादून के शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई की तैयारी है। एसआईटी प्रभारी टीसी मंजूनाथ ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में एसआईटी से जुड़े विवेचकों के साथ बैठक कर जांच के नतीजों पर मंथन किया। एसआईटी प्रभारी ने जांच में तेजी लाकर साक्ष्यों के आधार पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। सूत्रों के मुताबिक पहले चरण में सात शिक्षण संस्थानाें के खिलाफ विवेचना अंतिम चरण में है। विवेचक काफी संख्या में छात्र-छात्राओं के बयान भी दर्ज कर चुके हैं।
छात्रवृत्ति घोटाले में जांच के बाद एसआईटी हरिद्वार और देहरादून में पहले ही अज्ञात के खिलाफ मुकदमे दर्ज करा चुकी है। पहले एसआईटी का फोकस हरिद्वार के शिक्षण संस्थानों पर रहा है। घोटाले में पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर के अलावा 11 शिक्षण संस्थानों के पदाधिकारियाें की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी गीताराम नौटियाल समेत पांच अधिकारियों के खिलाफ विवेचना प्रचलित है। हरिद्वार के बाद छात्रवृत्ति हड़पने वाले देहरादून के कई शिक्षण संस्थानों के खिलाफ जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है।
एसआईटी प्रभारी टीसी मंजूनाथ ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में एसआईटी के विवेचकों के साथ बैठक कर प्रगति रिपोर्ट जानी। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी प्रभारी ने विवेचना में तेजी लाने को कहा है, ताकि पहले चरण में चिन्हित सात शिक्षण संस्थानों से जुड़े मामले निस्तारित कर अन्य के खिलाफ जांच शुरू की जा सके। एसआईटी प्रभारी ने विवेचकों को गोपनीयता बनाए रखने की सलाह दी। सूत्रों के अनुसार विवेचक दस्तावेजों के सत्यापन के साथ छात्र-छात्राओं के बयान भी दर्ज कर चुकी है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। छात्रवृत्ति घोटाले में हरिद्वार के बाद अब देहरादून के शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई की तैयारी है। एसआईटी प्रभारी टीसी मंजूनाथ ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में एसआईटी से जुड़े विवेचकों के साथ बैठक कर जांच के नतीजों पर मंथन किया। एसआईटी प्रभारी ने जांच में तेजी लाकर साक्ष्यों के आधार पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। सूत्रों के मुताबिक पहले चरण में सात शिक्षण संस्थानाें के खिलाफ विवेचना अंतिम चरण में है। विवेचक काफी संख्या में छात्र-छात्राओं के बयान भी दर्ज कर चुके हैं।
छात्रवृत्ति घोटाले में जांच के बाद एसआईटी हरिद्वार और देहरादून में पहले ही अज्ञात के खिलाफ मुकदमे दर्ज करा चुकी है। पहले एसआईटी का फोकस हरिद्वार के शिक्षण संस्थानों पर रहा है। घोटाले में पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर के अलावा 11 शिक्षण संस्थानों के पदाधिकारियाें की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी गीताराम नौटियाल समेत पांच अधिकारियों के खिलाफ विवेचना प्रचलित है। हरिद्वार के बाद छात्रवृत्ति हड़पने वाले देहरादून के कई शिक्षण संस्थानों के खिलाफ जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है।
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एसआईटी प्रभारी टीसी मंजूनाथ ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में एसआईटी के विवेचकों के साथ बैठक कर प्रगति रिपोर्ट जानी। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी प्रभारी ने विवेचना में तेजी लाने को कहा है, ताकि पहले चरण में चिन्हित सात शिक्षण संस्थानों से जुड़े मामले निस्तारित कर अन्य के खिलाफ जांच शुरू की जा सके। एसआईटी प्रभारी ने विवेचकों को गोपनीयता बनाए रखने की सलाह दी। सूत्रों के अनुसार विवेचक दस्तावेजों के सत्यापन के साथ छात्र-छात्राओं के बयान भी दर्ज कर चुकी है।
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