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रिश्वतखोरी प्रकरण: तफ्तीश सीओ सिटी देहरादून ट्रांसफर
Updated Mon, 30 Jul 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
रंगदारी प्रकरण की जांच सीओ सिटी देहरादून को दे दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने कांवड़ मेले की व्यवस्था का हवाला देते हुए मामले मुनिकीरेती से हटाकर विवेचना ट्रांसफर की गई है। प्रकरण में स्पेशल ब्रांच की महिला दारोगा दीपा पर योग चिकित्सक से पांच लाख रुपये रंगदारी मांगने का आरोप है। मुनिकीरेती थाना क्षेत्र अंतर्गत तपोवन में संचालित योग अकादमी के मामले में पहले तो संचालक के स्थानीय पुलिस से शिकायत नहीं करने को लेकर सवाल उठ रहे थे। अब विवेचना ही सीओ सिटी देहरादून को ट्रांसफर करने से मामला और ज्यादा गहरा गया है। रिश्वतखोरी के इस प्रकरण में स्पेशल ब्रांच की महिला दारोगा दीपा शर्मा के अलावा दो कथित इंटेलिजेंस कर्मी व अकादमी के तीन निष्कासित कर्मचारी शामिल हैं।
एएसपी कोटद्वार हरीश वर्मा की जांच में आरोपों की प्रारंभिक पुष्टि के बाद मुनिकीरेती थाने में आरोपियों के खिलाफ संचालक डा. संजीव पांडे की तहरीर पर संबंधित धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। मामला महकमे से जुड़ा होने के चलते जांच टिहरी नहीं, बल्कि पौड़ी जिले में तैनात एएसपी से कराई गई। अब विवेचना को ही स्थानीय पुलिस से ट्रांसफर कर सीओ सिटी देहरादून को दे दिया गया है। बहरहाल, इस पूरे मामले में कथित दो लोगों और अन्य को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, जिसका जवाब कोई भी अधिकारी देने को तैयार नहीं है। गौरतलब है कि बीती 12 जुलाई को स्पेशल ब्रांच की महिला दारोगा दीपा शर्मा और उनके साथ दो अन्य लोग अकादमी में छापा मारने पहुंचे थे। इस दौरान 10 लाख रुपए की रिश्वत की डील हुई थी, जिसमें बाकी के पांच लाख नहीं मिलने पर मामला बढ़ा और पीड़ित ने इसकी शिकायत डीजीपी से कर दी थी।
कौन हैं आरोपी, क्या लगी है धारा
ऋषिकेश। मुनिकीरेती पुलिस के मुताबिक बीते शुक्रवार को अकादमी संचालक डा. संजीव कुमार पांडे की नामजद तहरीर के आधार पर स्पेशल ब्रांच की दारोगा दीपा शर्मा, राकेश कुमार, नितिन ठाकुर और अकादमी के निष्कासित कर्मचारी अभिषेक,प्रदीप कुमार, दीपिका व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपियों पर धमकाने, षड़यंत्र रचने व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा लगाई गई थी।
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रंगदारी प्रकरण की जांच सीओ सिटी देहरादून को दे दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने कांवड़ मेले की व्यवस्था का हवाला देते हुए मामले मुनिकीरेती से हटाकर विवेचना ट्रांसफर की गई है। प्रकरण में स्पेशल ब्रांच की महिला दारोगा दीपा पर योग चिकित्सक से पांच लाख रुपये रंगदारी मांगने का आरोप है। मुनिकीरेती थाना क्षेत्र अंतर्गत तपोवन में संचालित योग अकादमी के मामले में पहले तो संचालक के स्थानीय पुलिस से शिकायत नहीं करने को लेकर सवाल उठ रहे थे। अब विवेचना ही सीओ सिटी देहरादून को ट्रांसफर करने से मामला और ज्यादा गहरा गया है। रिश्वतखोरी के इस प्रकरण में स्पेशल ब्रांच की महिला दारोगा दीपा शर्मा के अलावा दो कथित इंटेलिजेंस कर्मी व अकादमी के तीन निष्कासित कर्मचारी शामिल हैं।
एएसपी कोटद्वार हरीश वर्मा की जांच में आरोपों की प्रारंभिक पुष्टि के बाद मुनिकीरेती थाने में आरोपियों के खिलाफ संचालक डा. संजीव पांडे की तहरीर पर संबंधित धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। मामला महकमे से जुड़ा होने के चलते जांच टिहरी नहीं, बल्कि पौड़ी जिले में तैनात एएसपी से कराई गई। अब विवेचना को ही स्थानीय पुलिस से ट्रांसफर कर सीओ सिटी देहरादून को दे दिया गया है। बहरहाल, इस पूरे मामले में कथित दो लोगों और अन्य को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, जिसका जवाब कोई भी अधिकारी देने को तैयार नहीं है। गौरतलब है कि बीती 12 जुलाई को स्पेशल ब्रांच की महिला दारोगा दीपा शर्मा और उनके साथ दो अन्य लोग अकादमी में छापा मारने पहुंचे थे। इस दौरान 10 लाख रुपए की रिश्वत की डील हुई थी, जिसमें बाकी के पांच लाख नहीं मिलने पर मामला बढ़ा और पीड़ित ने इसकी शिकायत डीजीपी से कर दी थी।
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कौन हैं आरोपी, क्या लगी है धारा
ऋषिकेश। मुनिकीरेती पुलिस के मुताबिक बीते शुक्रवार को अकादमी संचालक डा. संजीव कुमार पांडे की नामजद तहरीर के आधार पर स्पेशल ब्रांच की दारोगा दीपा शर्मा, राकेश कुमार, नितिन ठाकुर और अकादमी के निष्कासित कर्मचारी अभिषेक,प्रदीप कुमार, दीपिका व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपियों पर धमकाने, षड़यंत्र रचने व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा लगाई गई थी।
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