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ब्रेक फेल होने से पलटी ट्रैक्टर-ट्रॉली, सात घायल
Updated Tue, 10 Jul 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
प्राचीन नीलकंठ शिवालय के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली सोमवार को मुनिकीरेती स्थित भद्रकाली मंदिर के पास पलट गई। हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली सवार सात लोग घायल हो गए। घायलों को आपातकालीन 108 सेवा से एसपीएस राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार का बाद घायलों को एम्स रेफर कर दिया है। ट्रैक्टर-ट्रॉली में कुल 16 यात्री सवार थे।
मुनिकीरेती थाना पुलिस के मुताबिक सोमवार दोपहर नीलकंठ मंदिर के दर्शन कर सहारनपुर और रुड़की के श्रद्धालुओं का 16 सदस्यीय दल तीर्थनगरी की ओर लौट रहा था। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित भद्रकाली मंदिर के पास अचानक ट्रैक्टर के ब्रेक फेल हो गए। इसके चलते ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर हाईवे पर पलट गया। हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार वंश (13) पुत्र भगवान दास, निशांत (35) पुत्र टिल्लूराम, चालक बिट्टू (36) व उनका बेटा धनराज (16) सभी निवासी इब्राहिमपुर, रुड़की, हरिद्वार और रिया (3) पुत्री महावीर, उसका भाई आकर्ष (5) पुत्र महावीर व मोनू (20) पुत्र केशवराम सभी निवासी खेड़ा मुगल, सहारनपुर, यूपी जख्मी हो गए। अन्य सवारों को भी हल्की चोटें आईं। राहगीरों सूचना पर मौके पर पहुंची थाना मुनिकीरेती पुलिस ने ऋषिकेश और रायवाला की आपातकालीन 108 सेवा के माध्यम से घायलों को एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें एम्स रेफर कर दिया है। चालक बिट्टू ने बताया कि हादसा ट्रैक्टर के ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ।
रेफर सेंटर बना सरकारी अस्पताल
तीर्थनगरी जैसे विश्वभर के लोगों की आवाजाही वाले शहर में स्थापित सरकारी अस्पताल में चिकित्सीय सुविधाएं दम तोड़ रही हैं। चिकित्सा सुविधाओं के अभाव की वजह से सामान्य मरीजों और दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। अस्पताल में महज मरहम-पट्टी कर घायलों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जा रहा है। इसकी मुख्य वजह अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों की कमी है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का दावा है कि इस बाबत लगातार मुख्यालय से पत्राचार कर सृजित पदों के सापेक्ष चिकित्सकों की तैनाती की मांग की जा रही है।
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अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। गंभीर घायलों के इलाज की सुविधा फिलहाल अस्पताल में नहीं है। इसमें चिकित्सकों की कमी भी मुख्य कारण है। लिहाजा, मजबूरन घायलों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है। सेवाओं को चुस्त करने के बाबत मुख्यालय से लगातार बातचीत चल रही है।
-डॉ. एनएस तोमर, सीएमएस, एसपीएस राजकीय चिकित्सालय, ऋषिकेश
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प्राचीन नीलकंठ शिवालय के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली सोमवार को मुनिकीरेती स्थित भद्रकाली मंदिर के पास पलट गई। हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली सवार सात लोग घायल हो गए। घायलों को आपातकालीन 108 सेवा से एसपीएस राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार का बाद घायलों को एम्स रेफर कर दिया है। ट्रैक्टर-ट्रॉली में कुल 16 यात्री सवार थे।
मुनिकीरेती थाना पुलिस के मुताबिक सोमवार दोपहर नीलकंठ मंदिर के दर्शन कर सहारनपुर और रुड़की के श्रद्धालुओं का 16 सदस्यीय दल तीर्थनगरी की ओर लौट रहा था। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित भद्रकाली मंदिर के पास अचानक ट्रैक्टर के ब्रेक फेल हो गए। इसके चलते ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर हाईवे पर पलट गया। हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार वंश (13) पुत्र भगवान दास, निशांत (35) पुत्र टिल्लूराम, चालक बिट्टू (36) व उनका बेटा धनराज (16) सभी निवासी इब्राहिमपुर, रुड़की, हरिद्वार और रिया (3) पुत्री महावीर, उसका भाई आकर्ष (5) पुत्र महावीर व मोनू (20) पुत्र केशवराम सभी निवासी खेड़ा मुगल, सहारनपुर, यूपी जख्मी हो गए। अन्य सवारों को भी हल्की चोटें आईं। राहगीरों सूचना पर मौके पर पहुंची थाना मुनिकीरेती पुलिस ने ऋषिकेश और रायवाला की आपातकालीन 108 सेवा के माध्यम से घायलों को एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें एम्स रेफर कर दिया है। चालक बिट्टू ने बताया कि हादसा ट्रैक्टर के ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ।
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रेफर सेंटर बना सरकारी अस्पताल
तीर्थनगरी जैसे विश्वभर के लोगों की आवाजाही वाले शहर में स्थापित सरकारी अस्पताल में चिकित्सीय सुविधाएं दम तोड़ रही हैं। चिकित्सा सुविधाओं के अभाव की वजह से सामान्य मरीजों और दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। अस्पताल में महज मरहम-पट्टी कर घायलों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जा रहा है। इसकी मुख्य वजह अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों की कमी है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का दावा है कि इस बाबत लगातार मुख्यालय से पत्राचार कर सृजित पदों के सापेक्ष चिकित्सकों की तैनाती की मांग की जा रही है।
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अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। गंभीर घायलों के इलाज की सुविधा फिलहाल अस्पताल में नहीं है। इसमें चिकित्सकों की कमी भी मुख्य कारण है। लिहाजा, मजबूरन घायलों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है। सेवाओं को चुस्त करने के बाबत मुख्यालय से लगातार बातचीत चल रही है।
-डॉ. एनएस तोमर, सीएमएस, एसपीएस राजकीय चिकित्सालय, ऋषिकेश