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किडनी बेचने के नाम पर ठगी में महिला गिरफ्तार

Sun, 21 Jan 2018 02:24 AM IST
Updated Sun, 21 Jan 2018 02:24 AM IST
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किडनी बेचने के नाम पर ठगी में महिला गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला
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सेलाकुई।
किडनी बेचने के नाम पर ठगी और चोरी के आरोप में कोलकाता के अस्पताल से फरार हुई महिला को कोलकाता और सहसपुर पुलिस ने शनिवार को यहां जमनपुर स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। कोलकाता पुलिस आरोपी महिला को ट्रांजिट रिमांड पर साथ ले गई।
11 जनवरी को कोलकाता निवासी केया यादव (49) ने आरोपी महिला के खिलाफ वहां के शेक्सपियर सारनी थाने में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। तब से कोलकाता पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। शनिवार को आरोपी महिला स्वाति चौहान (29) पत्नी मुकेश चौहान निवासी ग्राम जमनपुर थाना सहसपुर को गिरफ्तार कर लिया गया। महिला से 1.38 लाख की नगदी भी बरामद हुई।
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थानाध्यक्ष सहसपुर नरेश कुमार राठौड़ ने बताया कि आरोपी महिला का केया यादव से किडनी के लिए पांच लाख रुपये में सौदा हुआ था। केया किडनी की बीमारी से ग्रसित थी। उसकी किडनी ट्रांसप्लांट होनी थी। उनमें बातचीत होने पर स्वाति किडनी देने के लिए नौ जनवरी को कोलकाता के वेलव्यू अस्पताल पहुंची। जहां स्वाति को एडवांस में तीन लाख रुपये मिले थे। 10 जनवरी को किडनी ट्रांसप्लांट होनी थी लेकिन वह बिना बताए अस्पताल से भाग गई। आरोप है कि उसने अलमारी में रखी दो लाख की नगदी भी चोरी कर ली थी। यह रकम आरोपी महिला को किडनी ट्रांसप्लांट होने के बाद मिलनी थी।
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कर्ज उतारने के लिए किया यह खेल
आरोपी महिला और उसके पति पर करीब 20-25 लाख रुपये का कर्ज है। महिला गृहणी है, जबकि पति प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है। महिला ने ऑनलाइन एक एजेंट को सर्च किया। जिसके जरिये वह पीड़ित महिला से मिली। पांच लाख रुपये में उनके बीच सौदा हुआ। तीन लाख रुपये महिला को एडवांस मिले, जबकि दो लाख रुपये किडनी ट्रांसप्लांट के बाद मिलने थे, लेकिन वह पीड़िता को धोखा देकर अस्पताल से फरार हो गई। पुलिस अभिरक्षा में आरोपी महिला ने बताया कि कर्ज उतारने के लिए उसने किडनी बेचने का फैसला किया था। फिर उसे लालच आ गया था।

खुद को बताया पीड़िता का रिश्तेदार
आरोपी महिला ने उत्तराखंड सरकार से किडनी डोनर के रूप में अनुमति ली, लेकिन उसने इसमें भी फर्जीवाड़ा किया। अनुमति के लिए महिला ने खुद को पीड़िता का रिश्तेदार बताया। इसके लिए फर्जी साक्ष्य पेश किए। इन फर्जी साक्ष्यों के आधार पर ही उसे किडनी डोनेट करने की अनुमति प्रदान की गई।


पति पर भी कस सकता है शिकंजा
पूरे मामले में आरोपी महिला का साथ उसके पति ने दिया। अब कोलकाता पुलिस उसके खिलाफ भी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। थानाध्यक्ष नरेश कुमार राठौड़ ने बताया कि मामले में पति पर भी षड्यंत्र का केस बनता है। ऐसे में कोलकाता पुलिस आरोपी महिला के बयान के आधार पर उसके पति के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है।
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