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खिर्सू की शराब विरोधी महिला आंदोलनकारियों को मिली जमानत
Updated Thu, 07 Dec 2017 10:50 PM IST
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श्रीनगर। खिर्सू की शराब विरोधी महिला आंदोलनकारियों को न्यायालय से जमानत मिल गई है। जून माह मे शराब दुकान संचालक ने आंदोलनकारी महिलाओं के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
मई माह में खिर्सू क्षेत्र की महिलाओं ने यहां शराब की दुकान खोलनेके विरोध में आंदोलन किया था। उनका आरोप था कि पूर्व चौबट्टा में संचालित हो रही शराब की दुकान को साजिशन खिर्सू में खोला गया है। 11 जून को दुकान संचालक दीपक रावत ने दुकान में तोड़फोड़ करने, गाली गलौज व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में आठ महिलाओं के खिलाफ कोतवाली श्रीनगर में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच पूरी होने के बाद कोतवाली पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करने थे। बृहस्पतिवार को सात आंदोलनकारी महिलाएं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सैय्यद गुफरान की अदालत में पेश हुईं। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता एसपी चमोली ने बहस की। अभियोजन पक्ष व बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सातों आंदोलनकारी महिलाओं को जमानत पर रिहा कर दिया।
मई माह में खिर्सू क्षेत्र की महिलाओं ने यहां शराब की दुकान खोलनेके विरोध में आंदोलन किया था। उनका आरोप था कि पूर्व चौबट्टा में संचालित हो रही शराब की दुकान को साजिशन खिर्सू में खोला गया है। 11 जून को दुकान संचालक दीपक रावत ने दुकान में तोड़फोड़ करने, गाली गलौज व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में आठ महिलाओं के खिलाफ कोतवाली श्रीनगर में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच पूरी होने के बाद कोतवाली पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करने थे। बृहस्पतिवार को सात आंदोलनकारी महिलाएं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सैय्यद गुफरान की अदालत में पेश हुईं। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता एसपी चमोली ने बहस की। अभियोजन पक्ष व बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सातों आंदोलनकारी महिलाओं को जमानत पर रिहा कर दिया।
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