{"_id":"59f360ae4f1c1bce538b9911","slug":"150912230310-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंत को बंधक बनाकर लूट का खुलासा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
महंत को बंधक बनाकर लूट का खुलासा
Updated Fri, 27 Oct 2017 10:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पिरान कलियर।
पुलिस ने दरियापुर गांव स्थित सीताराम आश्रम में नौ-दस अक्तूबर की रात में महंत को बंधक बनाकर की गई लाखों की लूट के मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में चार बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटी गई रकम में से 15 हजार रुपये और एक मोबाइल बरामद किया है। उ जबकि उनके अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है।
शुक्रवार को कलियर थाने में पत्रकार वार्ता में एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि नौ-दस अक्ूतबर की रात में दरियापुर स्थित सीताराम आश्रम के महंत बाबा हरिओम दास को बंधक बनाकर लूटपाट की गई थी। इस मामले में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दरियापुर में श्मशान घाट के पास से शैंकी पुत्र ऋषिपाल, पंकज पुत्र समय सिंह उर्फ भगत निवासी धीरमजरा भगवानपुर, कार्तिक रोड पुत्र ऋषिपाल निवासी दरियापुर दयालपुर तथा डा. बिजेंद्र सैनी उर्फ बबलू पुत्र राजपाल सैनी निवासी धीरमजरा को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके पास से लूटे गए 15 हजार रुपये, एक मोबाइल तथा दो चाकू बरामद किए। एसपी देहात ने बताया कि आरोपियों ने ढाई लाख रुपये बाबा के पास होने की सूचना पर लूट की योजना बनाई थी। उनके किसी साथी ने उन्हें बताया था कि अनिल कुमार मास्टर ने हाल ही में जमीन खरीदी है। जिसके एवज में ढाई लाख रुपये बाबा को दिए हैं। इस रकम के लालच में आरोपी दीवार फांदकर रात करीब ग्यारह बजे आश्रम में घुसे। एसपी देहात के अनुसार आरोपियों ने महंत हरिओम दास को बंधक बनाकर आलमारी रखे 50 हजार रुपये लूट कर फरार हो गए। रास्ते में पैसे का बंटवारा कर लिया गया। 15 हजार रुपये बाइक खरीदने के लिए पंकज को दिए गए और बाकी आपस में बांट लिए। पुलिस को पंकज ने बताया कि अपने हिस्से में आई रकम में से उसने एक मोबाइल खरीद लिया था। एसपी देहात ने बताया कि कार्तिक रोड और डा. बिजेंद्र की लूट की योजना बनाने में अहम भूमिका रही। उन्होंने ही बाबा के पास पैसे होने की जानकारी देकर घटना का पूरा प्लान बनाया।
दो दिन पहले ही जमानत पर छूटा था शैंकी
एसपी देहात ने बताया कि घटना में शामिल शैंकी दो दिन पहले ही लूट के एक मामले में जमानत पर छूटकर आया था और अब दोबारा गिरफ्तार हो गया।
पिरान कलियर।
पुलिस ने दरियापुर गांव स्थित सीताराम आश्रम में नौ-दस अक्तूबर की रात में महंत को बंधक बनाकर की गई लाखों की लूट के मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में चार बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटी गई रकम में से 15 हजार रुपये और एक मोबाइल बरामद किया है। उ जबकि उनके अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है।
शुक्रवार को कलियर थाने में पत्रकार वार्ता में एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि नौ-दस अक्ूतबर की रात में दरियापुर स्थित सीताराम आश्रम के महंत बाबा हरिओम दास को बंधक बनाकर लूटपाट की गई थी। इस मामले में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दरियापुर में श्मशान घाट के पास से शैंकी पुत्र ऋषिपाल, पंकज पुत्र समय सिंह उर्फ भगत निवासी धीरमजरा भगवानपुर, कार्तिक रोड पुत्र ऋषिपाल निवासी दरियापुर दयालपुर तथा डा. बिजेंद्र सैनी उर्फ बबलू पुत्र राजपाल सैनी निवासी धीरमजरा को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके पास से लूटे गए 15 हजार रुपये, एक मोबाइल तथा दो चाकू बरामद किए। एसपी देहात ने बताया कि आरोपियों ने ढाई लाख रुपये बाबा के पास होने की सूचना पर लूट की योजना बनाई थी। उनके किसी साथी ने उन्हें बताया था कि अनिल कुमार मास्टर ने हाल ही में जमीन खरीदी है। जिसके एवज में ढाई लाख रुपये बाबा को दिए हैं। इस रकम के लालच में आरोपी दीवार फांदकर रात करीब ग्यारह बजे आश्रम में घुसे। एसपी देहात के अनुसार आरोपियों ने महंत हरिओम दास को बंधक बनाकर आलमारी रखे 50 हजार रुपये लूट कर फरार हो गए। रास्ते में पैसे का बंटवारा कर लिया गया। 15 हजार रुपये बाइक खरीदने के लिए पंकज को दिए गए और बाकी आपस में बांट लिए। पुलिस को पंकज ने बताया कि अपने हिस्से में आई रकम में से उसने एक मोबाइल खरीद लिया था। एसपी देहात ने बताया कि कार्तिक रोड और डा. बिजेंद्र की लूट की योजना बनाने में अहम भूमिका रही। उन्होंने ही बाबा के पास पैसे होने की जानकारी देकर घटना का पूरा प्लान बनाया।
विज्ञापन
दो दिन पहले ही जमानत पर छूटा था शैंकी
एसपी देहात ने बताया कि घटना में शामिल शैंकी दो दिन पहले ही लूट के एक मामले में जमानत पर छूटकर आया था और अब दोबारा गिरफ्तार हो गया।