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पुरसाड़ी जेल में हत्या के मामले में कैद एक बंदी ने गले में फांसी लगाई, मौत 21-01-00
Updated Sat, 29 Jul 2017 10:14 PM IST
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गोपेश्वर। चमोली जिले की पुरसाड़ी कारागार में पांच माह से हत्या के मामले में बंद एक कैदी ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
पुरसाड़ी कारागार के बंदी रक्षक बाल सुग्रीव सिंह ने बताया कि शनिवार शाम करीब सात बजे सभी बंदी खाना खाने के लिए गए थे। खाना खाने के बाद थराली तहसील का देवी राम (40) पुत्र राजू राम अपने बैरक में लौट रहा था तो उसने शौचालय के बाहर बरामदे में स्थित लोहे के छज्जे पर जूते के फीते बांधे और फंदा लगा लिया। जब अन्य बंदी खाना खाकर बैरक में लौट रहे थे तो उनकी नजर देवी राम पर पड़ी। इसके बाद हो-हल्ला हो गया। शोर सुनकर जेल में तैनात जवान बैरक की ओर दौड़े और देवी राम के गले को फंदे से अलग किया। जेल में तैनात जवान उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले गए जहां डा. शैलेंद्र कुमार ने उसे मृत घोषित कर दिया। देवी राम हत्या के मामले में 28 फरवरी 2017 से पुरसाड़ी कारागार में सजा काट रहा था। मामले की सूचना पर तत्काल जेल अधीक्षक/एडीएम ईला गिरि जिला अस्पताल पहुंचीं और पूछताछ की। उन्होंने बताया कि मृतक का रविवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। वर्तमान में पुरसाड़ी जेल में 84 बंदी हैं, जिनमें से एक महिला है।
दो साल पहले भी हुई घटना
गोपेश्वर। 6 जनवरी वर्ष 2015 को भी पुरसाड़ी जेल में अपनी प्रेमिका की हत्या के मामले में कैद एक कैदी ने बैरक के शौचालय के रोशनदान के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद जेल प्रशासन ने बैरक के रोशनदान ही बंद कर दिए थे और दरवाजों को काटकर छोटा कर दिया था।
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पुरसाड़ी कारागार के बंदी रक्षक बाल सुग्रीव सिंह ने बताया कि शनिवार शाम करीब सात बजे सभी बंदी खाना खाने के लिए गए थे। खाना खाने के बाद थराली तहसील का देवी राम (40) पुत्र राजू राम अपने बैरक में लौट रहा था तो उसने शौचालय के बाहर बरामदे में स्थित लोहे के छज्जे पर जूते के फीते बांधे और फंदा लगा लिया। जब अन्य बंदी खाना खाकर बैरक में लौट रहे थे तो उनकी नजर देवी राम पर पड़ी। इसके बाद हो-हल्ला हो गया। शोर सुनकर जेल में तैनात जवान बैरक की ओर दौड़े और देवी राम के गले को फंदे से अलग किया। जेल में तैनात जवान उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले गए जहां डा. शैलेंद्र कुमार ने उसे मृत घोषित कर दिया। देवी राम हत्या के मामले में 28 फरवरी 2017 से पुरसाड़ी कारागार में सजा काट रहा था। मामले की सूचना पर तत्काल जेल अधीक्षक/एडीएम ईला गिरि जिला अस्पताल पहुंचीं और पूछताछ की। उन्होंने बताया कि मृतक का रविवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। वर्तमान में पुरसाड़ी जेल में 84 बंदी हैं, जिनमें से एक महिला है।
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दो साल पहले भी हुई घटना
गोपेश्वर। 6 जनवरी वर्ष 2015 को भी पुरसाड़ी जेल में अपनी प्रेमिका की हत्या के मामले में कैद एक कैदी ने बैरक के शौचालय के रोशनदान के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद जेल प्रशासन ने बैरक के रोशनदान ही बंद कर दिए थे और दरवाजों को काटकर छोटा कर दिया था।
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