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फ ोटो परिश्रम करने वालों की कभी हार नहीं होती-एसएसपी
Updated Thu, 25 Jan 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
जिंदगी में मेहनत करने वाले की कभी हार नहीं होती है। इसलिए जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित करते हुए उसकी प्राप्ति को निरंतर प्रयत्नशील रहना चाहिए।
ये बातें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती बुधवार को पैसिफिक माल में ‘सब पढ़ें और सब बढ़ें’ अभियान के तहत पैसेफिक दून बुक बैंक के शुभारंभ अवसर पर बोल रही थीं। ‘सब पढ़ें और सब बढ़ें’ अभियान के तहत 15 दिनों में शहरभर से पांच लाख 50 किताबें एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर एसएसपी ने पैसिफिक माल की इस पहल की सराहना की। एसएसपी ने कहा कि यदि लड़कियों को परिवार का साथ मिले तो उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। उन्हें आईपीएस बनने की प्रेरणा अपनी मां से मिली थी। परिवार का साथ मिलने के कारण आज वह इस मुकाम पर हैं। इस दौरान एसएसपी ने बच्चाें द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर पूछे गए सवालों के भी जवाब दिए। इस मौके पर एसएसपी ने लेखिका ऐनी फ्रैंक की पुस्कत ‘द डायरी ऑफ यंग गर्ल्स’ दान की। इस अवसर पर पैसेफिक मॉल के डायरेक्टर किंजल राडिया ने दून बुक बैंक के मकसद पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नहीं है। वह लड़कों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को पूरी तरह तैयार हैं।
...सिमरन थपलियाल
समाज लड़के और लड़की के बीच किसी तरह का भेद ना करे। देश को आगे बढ़ाने में दोनों की भागेदारी जरूरी है।
...गुंजन
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बालिका दिवस पर लड़कियाें को शपथ लेनी चाहिए कि वह अपना लक्ष्य निर्धारित कर समाज में भागेदारी बढ़ाने को प्रत्यनशील रहेंगी।
...शिवानी सुध
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जिंदगी में मेहनत करने वाले की कभी हार नहीं होती है। इसलिए जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित करते हुए उसकी प्राप्ति को निरंतर प्रयत्नशील रहना चाहिए।
ये बातें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती बुधवार को पैसिफिक माल में ‘सब पढ़ें और सब बढ़ें’ अभियान के तहत पैसेफिक दून बुक बैंक के शुभारंभ अवसर पर बोल रही थीं। ‘सब पढ़ें और सब बढ़ें’ अभियान के तहत 15 दिनों में शहरभर से पांच लाख 50 किताबें एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर एसएसपी ने पैसिफिक माल की इस पहल की सराहना की। एसएसपी ने कहा कि यदि लड़कियों को परिवार का साथ मिले तो उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। उन्हें आईपीएस बनने की प्रेरणा अपनी मां से मिली थी। परिवार का साथ मिलने के कारण आज वह इस मुकाम पर हैं। इस दौरान एसएसपी ने बच्चाें द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर पूछे गए सवालों के भी जवाब दिए। इस मौके पर एसएसपी ने लेखिका ऐनी फ्रैंक की पुस्कत ‘द डायरी ऑफ यंग गर्ल्स’ दान की। इस अवसर पर पैसेफिक मॉल के डायरेक्टर किंजल राडिया ने दून बुक बैंक के मकसद पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नहीं है। वह लड़कों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को पूरी तरह तैयार हैं।
...सिमरन थपलियाल
समाज लड़के और लड़की के बीच किसी तरह का भेद ना करे। देश को आगे बढ़ाने में दोनों की भागेदारी जरूरी है।
...गुंजन
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बालिका दिवस पर लड़कियाें को शपथ लेनी चाहिए कि वह अपना लक्ष्य निर्धारित कर समाज में भागेदारी बढ़ाने को प्रत्यनशील रहेंगी।
...शिवानी सुध