रो पड़े सब जब बहन ने दी भाई को मुखाग्नि
भाई के जीवन की सलामती के लिए हमेशा ईश्वर से प्रार्थना करने वाली बहन ने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन उसी की चिता को मुखाग्नि देनी पड़ेगी। पर होनी को कौन टाल सकता है, वक्त ने ऐसा सितम किया कि बहन को उसी भाई को मुखाग्नि देनी पड़ी।
देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में पहली बार भाई की अर्थी के आगे चल रही बहन को देखकर सभी की आंखें नम हो गई।
बृहस्पतिवार को सहसपुर-होरावाला संपर्क मार्ग पर हुई दुर्घटना में अभिजीत (19) पुत्र जयदेव सिंह निवासी लोअर छरबा की मौत हो गई थी। अभिजीत परिवार का इकलौता पुत्र था। घर में उससे छोटी बहन थी। अभिजीत हिमाचली समाज से ताल्लुक रखता है। हिमाचली समाज में पिता के पुत्र को मुखाग्नि देने का रिवाज नहीं है।
अर्थी के आगे बहन को देख छलकी आंखें
इकलौता पुत्र होने के कारण सवाल उठा कि आखिर कौन चिता को मुखाग्नि देगा, ऐसे में अभिजीत की छोटी बहन काजल (15) ने आंसू पोंछ भाई को मुखाग्नि देने की ठानी। क्षेत्र में बहन द्वारा भाई की चिता को मुखाग्नि दिए जाने की यह पहली घटना थी।
बहन को क्या पता था कि जिस भाई की लंबी उम्र के लिए वह हमेशा दुआएं करती है, उसी की अर्थी के आगे चलना पडे़गा। भाई की अर्थी के आगे बहन को चलता देख सभी की आंखें भर आईं।
काजल ने न सिर्फ भाई को मुखाग्नि दी बल्कि इकलौते बेटे की मौत से टूट चुके को सहारा भी देती रही। चिता को मुखाग्नि देने के बाद काजल काफी देर तक पिता के बगल में बैठकर ढांढस बंधाती रही।
इस मौके पर हिमाचली महासभा के अध्यक्ष अश्वनी कुमार, पूर्व विधायक कुलदीप कुमार, पूर्व प्रधान रूमीराम जसवाल आदि मौजूद रहे।