फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Coronavirus Unlock 5 in Uttarakhand latest update today: Parents not Agree to open schools

Unlock-5 In Uttarakhand: शिक्षक और अभिभावक अभी बच्चों को स्कूल भेजने को नहीं तैयार

Thu, 01 Oct 2020 10:41 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 01 Oct 2020 10:41 PM IST
सार

  • अभिभावकों ने कहा स्कूल खुले तो बच्चों को संक्रमण से बचाना होगा मुश्किल
  • अभी 9वीं से 12वीं तक के ही खोले जाएं स्कूल 
  • आठवीं तक के बच्चों को स्कूल बुलाने को सुरक्षित नहीं मान रहे अभिभावक

विज्ञापन
Coronavirus Unlock 5 in Uttarakhand latest update today: Parents not Agree to open schools
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड में शिक्षकों और अभिभावकों का कहना है कि अभी स्कूल खोलना जल्दबाजी होगी। यदि स्कूल खुले तो बच्चों को संक्रमण से बचाना मुश्किल होगा। नेशनल एसोसिएशन फॉर पैरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट के अध्यक्ष आरिफ खान के मुताबिक अभिभावक अभी स्कूल खोलने के पक्ष में नहीं है।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि प्रदेश में तेजी से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में वीआईपी भी सुरक्षित नहीं है। खुद मुख्यमंत्री के ओएसडी ,उपराष्ट्रपति सहित कई लोग संक्रमित हो चुके हैं। ऐसे में यदि स्कूल खुले तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करा पाना मुश्किल होगा।
विज्ञापन



यह भी पढ़ें: Unlock 5.0 Guidelines: सभी पक्षों की राय के बाद खुलेंगे स्कूल, कैबिनेट करेगी फैसला
विज्ञापन
विज्ञापन


स्कूल में बच्चे एक ही झूले, पानी की टंकी, वॉशरूम आदि के इस्तेमाल के दौरान संक्रमित हो सकते हैं। वहीं शिक्षा विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूल खोलना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि यदि अभी स्कूल खुलते है तो एक अभिभावक के तौर पर वह अपने बच्चे को स्कूल नहीं भेजेंगे।

सरकारी स्कूलों को नहीं किया गया है सैनिटाइज
प्रदेश में 17500 से अधिक सरकारी स्कूल हैं। एक भी स्कूल को अब तक सैनिटाइज नहीं किया गया है। बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों को सैनिटाइज किया गया था। इसके बाद से स्कूलों को सैनिटाइज नहीं किया जा सका है।

स्कूल खोलने पर अभिभावकों की राय-

कोरोना काल में स्कूल खोलने की बात शुरू हुई तो अभिभावकों की चिंताएं भी सामने आईं। उनका कहना है कि निश्चित तौर पर स्कूल खोलने की जरूरत तो है लेकिन अभी खतरा भी टला नहीं है। लिहाजा, ज्यादातर अभिभावक इस पक्ष में नजर आए कि फिलहाल 9वीं से 12वीं तक के स्कूलों को खोलने के विकल्प पर ही बात की जानी चाहिए। 

स्कूल कॉलेज बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। चौबीसों घंटे घर में रहने की वजह से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है। ऐसे में सरकार, शासन और शिक्षा विभाग को तमाम एहतियात के साथ स्कूल, कॉलेजों को खोल देना चाहिए। बच्चे कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करते हुए स्कूल आएं। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का भी कड़ाई से पालन करना होगा।
-डॉ मीनाक्षी सिंघल, अभिभावक

कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए स्कूल खोले पर विचार विचार किया जा सकता है, क्योंकि बड़ी कक्षा की पढ़ाई ऑनलाइन संभव नहीं है। छोटी कक्षाओं के बच्चों को अभी स्कूल बुलाने से परहेज किया जाना चाहिए। खासकर कोरोना प्रभावित जिलों में स्कूल नहीं खोला जाना चाहिएं।
- मनमोहन जायसवाल, लखीबाग

वर्तमान में कोरोना का प्रकोप लगातार तेजी से फैल रहा है। ऐसे में स्कूल खोलने ठीक नही है। कम से कम नर्सरी से 8वीं कक्षा तक के बच्चों को स्कूल भेजना किसी खतरे से कम नहीं हैं। 9वीं से 12वीं तक विचार किया जा सकता है।
-दीपक पाल, बनियावाला

अभी स्कूलों को खासकर छोटे बच्चों की कक्षाओं को शुरू करना किसी बड़े खतरे से कम नहीं। जब तक कोरोना नियंत्रित नहीं हो जाता या इसकी कोई कारगर वैक्सीन सरलता से बाजार में या सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं आ जाती। तब तक छोटे बच्चों के स्कूलों को खोलना तो किसी भी तरह से उचित नहीं है। इससे स्थिति और बिगड़ सकती है।
-तेजेंद्र पुंडीर, नेहरू कॉलोनी निवासी एक अभिवावक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed