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उत्तराखंड: सरकार ने ओमिक्रॉन से बचाव के लिए जारी की एसओपी, पर्यटक स्थलों पर भी होगी रैंडम जांच
Tue, 30 Nov 2021 10:32 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 30 Nov 2021 10:32 PM IST
सार
मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधू की ओर से जारी एसओपी के मुताबिक, प्रदेश में हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशन, बॉर्डर चेकपोस्ट, पर्यटक स्थलों व भीड़भाड़ वाली जगहों पर कोविड की रैंडम सैंपलिंग की जाएगी।
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कोरोना वायरस की जांच (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : PTI
विस्तार
दुनिया के कई देशों में आतंक फैला रहे कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर उत्तराखंड सरकार सतर्क हो गई है। केंद्र के निर्देशों के तहत मंगलवार को ओमिक्रॉन को लेकर एसओपी जारी की गई, जिसके तहत प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में 18 वर्ष से ऊपर के छात्र-छात्राओं की रैंडम सैंपलिंग सहित कई प्रावधान किए गए हैं।
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मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधू की ओर से जारी एसओपी के मुताबिक, प्रदेश में हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशन, बॉर्डर चेकपोस्ट, पर्यटक स्थलों व भीड़भाड़ वाली जगहों पर कोविड की रैंडम सैंपलिंग की जाएगी। कोविड गाइडलाइंस का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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सभी स्वास्थ्यकर्मियों एवं फ्रंटलाइन वर्कर्स की कोविड जांच की जाएगी। सभी डिग्री कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, एग्रीकल्चर कॉलेज, यूनिवर्सिटीज व अन्य शिक्षण संस्थानों में 18 वर्ष से ऊपर के छात्र-छात्राओं की रैंडम जांच की जाएगी।
किसी के भी संक्रमित पाए जाने पर कोविड प्रोटोकॉल के तहत चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। वहीं, नेपाल सीमा से आने वालों को कोविड वैक्सीनेशन की दोनों डोज लगाने के 15 दिनों बाद एंट्री मिल सकेगी।
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सभी जिलों में मॉनिटरिंग को समिति
उधर, स्वास्थ्य सचिव डॉ.पंकज पांडेय ने सभी जिलाधिकारियों को उच्च अधिकारियों के नेतृत्व में मॉनिटरिंग समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति नए वायरस के संक्रमण से बचाने पर काम करेगी। वहीं, उन्होंने डीआईजी को कांटेक्ट ट्रेसिंग कराने में सहयोग से संबंधित निर्देश दिए हैं।