Coronavirus in Uttarakhand: एम्स ऋषिकेश में शुरू हुई कोरोना संक्रमण की निशुल्क जांच, 24 घंटे में मिलेगी रिपोर्ट
- एक दिन में 25 टेस्ट किए जा सकते हैं
- अस्पताल प्रशासन ने शुरू की निशुल्क जांच
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भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में सोमवार से कोरोना वायरस कोविड 19 की लैब में जांच शुरू हो गई है। अब संस्थान में आने वाले मरीजों की कोरोना जांच के लिए नमूने अन्यत्र प्रयोगशालाओं में नहीं भेजने पडेंगे। संस्थान में मरीजों के कोविड 19 संक्रमण की जांच निशुल्क होगी।
संस्थान के चिकित्सकों के परामर्श पर ही मरीजों को जांच की सुविधा मिल सकेगी। उधर एम्स के ट्रॉमा सेंटर में 100 बेड के कोविड 19 आइसोलेशन वार्ड भी शुरू कर दिया गया है। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि स के माइक्रो बॉयोलॉजी विभाग की देखरेख में कोरोनो वायरस कोविड 19 केनमूनों की जांच के लिए वायरोलॉजी लैब में परीक्षण का कार्य विधिवत शुरू हो गया है।
उन्होंने बताया कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की सहमति के बाद एम्स में जिसमें कोरोनो के अलावा अन्य तरह के वायरस की टेस्टिंग भी की जा रही है। एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने बताया कि संस्थान में वायरोलॉजी लैब प्रारंभ कराने के लिए एम्स को इंडियन काउंसिलिंग ऑफ मेडिकल रिसर्च की ओर से प्रथम चरण में 150 और द्वितीय चरण में 300 पीसीआर किट उपलब्ध कराई गई हैं।
एक दिन में 25 टेस्ट किए जा सकते हैं
उन्होंने बताया कि नवसृजित प्रयोगशाला में टेस्टिंग का रिजल्ट बीते 26 मार्च को आईसीएमआर को भेजा गया। जिस पर 27 मार्च को आईसीएमआर द्वारा सहमति
दे दी गई थी।
संस्थान में कोविड 19 प्रयोगशाला के प्रभारी डॉ. दीप ज्योति कलिता ने बताया कि अब तक संस्थान में कोविड 19 की जांच के सैंपल वायरोलॉजी लैब हल्द्वानी व पूणे भेजने पड़ते थे।
लिहाजा रिपोर्ट आने में चार से 10 दिन का समय लगता था। उन्होंने बताया कि वर्तमान में संस्थान में एक दिन में 25 टेस्ट किए जा सकते हैं। जबकि दो सप्ताह बाद प्रतिदिन 50 टेस्ट की सुविधा मिल सकेगी।