फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Coronavirus in Uttarakhand Today: Government orders to Drug Inspector to Stop Remdesivir Injections black marketing

उत्तराखंड: रेमेडिसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने ड्रग इंस्पेक्टरों को मैदान में उतारा

Fri, 07 May 2021 12:42 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 07 May 2021 12:42 AM IST
सार

प्रभारी स्वास्थ्य सचिव पंकज  पांडेय की ओर से जारी आदेश में ड्रग इंस्पेक्टरों से कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र की हर दवा की दुकान की जांच कर यह तय करें कि रेमेडिसिविर इंजेक्शन की जमाखोरी तो नहीं हो रही है या तय कीमत से अधिक दाम पर इंजेक्शन तो नहीं बेचा जा रहा है।

विज्ञापन
Coronavirus in Uttarakhand Today: Government orders to Drug Inspector to Stop Remdesivir Injections black marketing
रेमडेसिविर दवा - फोटो : social media

विस्तार

हाईकोर्ट के आदेश के बाद हरकत में आई सरकार ने रेमेडिसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी को रोकने के लिए सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को अपने-अपने क्षेत्र में सघन निरीक्षण का आदेश जारी किया है। इसका मतलब यह भी है कि प्रदेश में अब रेमेडिसिविर इंजेक्शन के मामले में हर दवा की दुकान की जांच होगी। 

विज्ञापन


उत्तराखंड: कोरोना पर बेअसर हुआ कर्फ्यू का 'कवच', सख्ती के बाद भी सड़कों पर निकलने से बाज नहीं आ रहे लोग, तस्वीरें...
विज्ञापन


प्रभारी स्वास्थ्य सचिव पंकज  पांडेय की ओर से जारी आदेश में ड्रग इंस्पेक्टरों से कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र की हर दवा की दुकान की जांच कर यह तय करें कि रेमेडिसिविर इंजेक्शन की जमाखोरी तो नहीं हो रही है या तय कीमत से अधिक दाम पर इंजेक्शन तो नहीं बेचा जा रहा है। ड्रग इंस्पेक्टरों को यह भी कहा गया है कि यह भी देखा जाए कि रेमेडिसिविर इंजेक्शन के पैक पर क्यूआर कोड है या नहीं। ड्रग  इंस्पेक्टरों से कमी मिलने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


देहरादून : वरिष्ठ फिजिशियन और मुख्यमंत्री के डॉक्टर का बड़ा बयान, कहा - तीसरी लहर होगी ज्यादा खतरनाक

प्रदेश सरकार का अभी तक दावा रहा है कि प्रदेश में रेमेडिसिविर इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है। इतना होने के बाद भी इंजेक्शन की कमी की शिकायतें प्रशासन को मिल रही हैं। यह मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा था और कोर्ट ने सरकार को इंजेक्शन की कोई कमी न होने देने का आदेश दिया था। सरकार का मानना है कि इंजेक्शन की कमी नहीं है लेकिन जमाखोरी और इंजेक्शन की कालाबाजारी के कारण यह समस्या सामने आ रही है। इसी समस्या से पार पाने के लिए अब शासन ने ड्रग इंस्पेक्टरों की फौज को मैदान में उतारा है। सचिव अमित नेगी के मुताबिक प्रदेश में रेमेडिसिविर इंजेक्शन की कमी नहीं है और मांग के हिसाब से उपलब्धता है। केंद्र सरकार से भी दो हजार रेमेडिसिविर इंजेक्शन मिल गए हैं।

कोरोना सैंपल जांच प्रकरण: मेडिकल कॉलेज के स्टाफ की संलिप्तता भी आ रही सामने

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की लैब में बाहर के सैंपल की जांच के मामले में प्रथम दृष्टया कॉलेज और अस्पताल के स्टाफ की संलिप्तता भी सामने आ रही है। प्राथमिक जांच में पता लगा है कि सैंपल देने वाले व्यक्ति का फॉर्म भरने से लेकर एसआरएफआईडी जनरेट होने तक पूरी प्रक्रिया की गई। एसआरएफआईडी बाहर का कोई व्यक्ति जनरेट नहीं कर सकता है। यह भी पता लगा है कि सैंपल लेने वाला व्यक्ति कॉलेज और अस्पताल से बाहर का है। सैंपलिंग की एवज में उसके पैसे लेने की बात प्रथम दृष्टया सामने नहीं आई है। पूरे मामले की जांच एक समिति को सौंपी गई है।

बता दें, मेडिकल कॉलेज की लैब में कुछ ऐसे भी सैंपल आ रहे थे, जिन्हें दून अस्पताल से लिए नहीं लिया जाता। एक निजी लैब का कर्मचारी डिमांड आने पर घर जाकर सैंपल लेता था। जिन्हें जांच के लिए दून मेडिकल कॉलेज भिजवाए जाते थे। मेडिकल कॉलेज स्टाफ की मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं है।

मेडिकल कालेज में आरटीपीसीर सैंपल की मुफ्त जांच होती है। जबकि इन सैंपल की एवज में पैसे लिए जाने के आरोप लग रहे हैैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना का कहना है कि जो भी इसमें संलिप्त है, उनको चिह्नित किया जाएगा। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना दी है। जल्द ही यह समिति अपनी रिपोर्ट देगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed