उत्तराखंड: विवाह समेत अन्य आयोजनों में शामिल होंगे केवल 100 लोग, यात्री वाहनों में 50 फीसदी सवारियों का नियम लागू
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अब उत्तराखंड में विवाह से लेकर अन्य समारोहों में 100 से अधिक लोग शामिल नहीं हो पाएंगे। सोमवार को मुख्य सचिव ओम प्रकाश की ओर से इसका आदेश जारी कर दिया गया। वहीं, मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पुलिस सहित अन्य विभागों में तबादलों पर रोक लगा दी है। उधर, राजभवन और विधानसभा के स्तर पर भी कोविड नियंत्रण को लेकर बैठक की गई।
प्रदेश में अभी तक विवाह समारोह सहित अन्य आयोजनों में अधिकतम 200 लोग शामिल हो सकते थे, लेकिन अब इस संख्या को घटाकर 100 कर दिया गया है। हालांकि कुंभ की अवधि से शासन ने कोई छेड़छाड़ नहीं की है और इसकी अवधि को 30 अप्रैल तक ही रखा गया है।
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मुख्यमंत्री ने तबादलों पर रोक लगाई
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पुलिस और अन्य सरकारी विभागों में तबादलों (अनुकंपा और प्रशासनिक तबादलों को छोड़कर) पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। जबकि पुलिस विभाग में एसीपी के संदर्भ में अपर मुख्य सचिव कार्मिक की अध्यक्षता में सचिव वित्त, सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। एसीपी पर रोक के मामले को लेकर सरकार को तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया था।
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राजभवन का रुख भी सख्त, पूर्व सैनिकों
सहित अन्य का सहयोग लेने का आदेश कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए सोमवार को राजभवन और विधानसभा ने भी सख्त रुख अपनाया है। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने राजभवन में कोविड नियंत्रण की समीक्षा बैठक में भूतपूर्व सैनिकों, एनसीसी, स्वयं सेवी संस्थाओं और रेडक्रास के स्वयं सेवकों का सहयोग लेने का निर्देश दिया। राज्यपाल ने सचिव स्वास्थ्य को सबसे अधिक प्रभावित देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, पौड़ी और टिहरी के जिलाधिकारियों के साथ बैठक करने को भी कहा।
यात्री वाहनों में 50 प्रतिशत सवारियों का नियम लागू
लगातार बढ़ते जा रहे कोरोना संक्रमण के बीच आरटीओ ने सार्वजनिक वाहनों में अधिकतम 50 प्रतिशत यात्रियों का नियम लागू कर दिया है। इसके साथ ही आरटीओ प्रवर्तन ने बड़े स्तर पर चेकिंग अभियान भी चलाया। उधर, देहरादून स्टेज कैरिज ऑपरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने कहा कि पूर्व के नियमों के हिसाब से ही 21 अप्रैल से दोगुना किराया वसूल किया जाएगा।
कोविड संक्रमण से बचाव के तहत आरटीओ प्रवर्तन संदीप सैनी की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत किसी भी तरह के यात्री वाहन अधिकतम 50 प्रतिशत सवारियों की क्षमता के साथ ही चलेंगे। हर यात्रा के शुरू होने से पहले और खत्म होने पर पूरे वाहन को भीतर से सैनिटाइज करना अनिवार्य होगा। छूने वाली जगहों को विशेषकर सैनिटाइज करना होगा। वाहन चालक, परिचालक फेस शील्ड, मास्क आदि अनिवार्य तौर पर पहनेंगे। हर वाहन के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर की व्यवस्था अनिवार्य होगी। वाहन चालक, परिचालक और यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।
बिना मास्क किसी भी यात्री को वाहन में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वाहन में यात्रा के समय पान, गुटखा, तंबाकू, सिगरेट आदि पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित होगा। उधर, देहरादून स्टेज कैरिज ऑपरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने कहा कि 23 जून 2020 को सरकार ने जो एसओपी जारी की थी, उसमें वाहनों का संचालन 50 प्रतिशत क्षमता के साथ करने के साथ ही दोगुना किराया वसूलने का प्रावधान किया गया था। एसोसिएशन ने कहा कि इसी हिसाब से सभी वाहन स्वामी 21 अप्रैल से दोगुना किराया वसूलेंगे।
6 वाहन सीज, 22 के चालान
आरटीओ प्रवर्तन की टीमों ने नियमों का अनुपालन कराने के लिए सोमवार को बड़े स्तर पर अभियान चलाया। आरटीओ प्रवर्तन संदीप सैनी के निर्देशों पर एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत की अगुवाई में यह अभियान चला। इसमें नियमों का पालन न करने पर छह वाहनों को सीज किया गया, जबकि 22 के चालान काटे गए। सीज हुए वाहनों में पांच विक्रम और एक सिटी बस शामिल है।