उत्तराखंड के गांवों में में कोरोना : कोटद्वार के भाबर में बुखार से पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की मौत, कई बीमार
दो दिन के भीतर तीन लोगों की मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। सोमवार से क्षेत्र में मेडिकल टीम को सर्वे और टेस्टिंग के निर्देश दिए गए हैं।
विस्तार
कोटद्वार से करीब 15 किमी दूर कलालघाटी क्षेत्र के वार्ड नंबर 34 उदयरामपुर गांव में बुखार से एक पिता और पुत्र समेत तीन लोगों की मौत से हड़कंप मचा है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में कई लोग बीमार हैं। कोरोना संक्रमण की आशंका से लोग भयभीत हैं।
उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में सामने आए 4496 नए संक्रमित, 188 मरीजों की हुई मौत
क्षेत्रवासियों ने गांव में मेडिकल टीम भेजने और कोरोना जांच करवाने की मांग की है। दो दिन के भीतर तीन लोगों की मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। सोमवार से क्षेत्र में मेडिकल टीम को सर्वे और टेस्टिंग के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तराखंड में कोरोना: गांवों में तेजी से फैल रहा कोरोना संक्रमण, लगातार बन रहे कंटेनमेंट जोन
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को उदयरामपुर में एक 37 वर्षीय युवक की घर पर ही मौत हो गई। वह कई दिन से बुखार से पीड़ित था। शनिवार को उसके पिता समेत परिजन उसका अंतिम संस्कार कर लौटे तो घर पहुंचते ही उसके (62) पिता की भी मौत हो गई। कोरोना संक्रमण के भय से लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने से डरने लगे। परिजनों ने किसी तरह उनका भी कोटद्वार मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया।
रविवार को भी गांव में एक युवक की बुखार के कारण मौत हुई है। एक ही परिवार और आसपास के क्षेत्र में तीन लोगों की मौत से गांव वाले घबराए हुए हैं। ग्रामीणों ने मामले की जानकारी पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को दी है। बताया जा रहा है कि यहां एक परिवार में अप्रैल अंतिम सप्ताह में शादी समारोह हुआ था, जिसमें शामिल होने के लिए दिल्ली समेत बाहर से कई नाते रिश्तेदार आए थे।
शादी में शामिल होने वाले परिवार के लोग बुखार से पीड़ित
ग्रामीणों को आशंका है कि शादी से ही यह संक्रमण फैला और शादी में शामिल होने वाले परिवार के लोग बुखार से पीड़ित हो गए। शैल शिल्पी विकास संगठन के महामंत्री विकास आर्य ने बताया कि गांव में हुई एक शादी के बाद पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की बुखार के कारण मौत की जानकारी मिली है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे दुगड्डा के ब्लाक चिकित्साधिकारी डा. शैलेंद्र बड़थ्वाल ने बताया कि आशा और एनएनएम की ओर से उन्हें एक ही परिवार और आसपास में तीन लोगों की मौत की सूचना मिली है। क्षेत्र में सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। बताया कि सोमवार को गांव में मेडिकल टीम पहुंच जाएगी। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलालघाटी के प्रभारी फार्मासिस्ट राकेश मिश्रा को क्षेत्र में परीक्षण और टेस्टिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पहाड़ी जिलों में बांटी जाएगी पैरासिटामॉल और ऑक्सीमीटर
प्रदेश के पहाड़ी जिलों में कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए पहाड़ परिवर्तन टीम आगे आई है। यह टीम न्याय पंचायतों में कोरोना संक्रमित मरीजों को दवाइयां और ऑक्सीमीटर बांटेगी। रविवार को टीम के सदस्यों ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात की।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने टीम के इस प्रयास को सराहा है। पहाड़ परिवर्तन के सदस्यों ने कैबिनेट मंत्री को पहाड़ी जिलों में कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए एक लाख पैरासिटामॉल एवं ऑक्सीमीटर देने की जानकारी दी। जिस पर कैबिनेट मंत्री ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक के माध्यम से दवाइयों और ऑक्सीमीटर को बांटने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। पहाड़ परिवर्तन टीम का यह अभियान कोरोना संक्रमितों के इलाज में काफी मददगार साबित होगा। टीम के अध्यक्ष उमेश कुमार के अतिरिक्त पहाड़ परिवर्तन टीम के सदस्य दीपक कंडारी, प्रिंसी रावत, रश्मि सती नैनवाल, प्रदीप नैनवाल आदि उपस्थित थे।