उत्तराखंड में कोरोना : पहाड़ पर दोहरी मार, चारधाम यात्रा और पर्यटन कारोबार ठप, बढ़ा कोरोना का वार
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कोरोना की दूसरी लहर के चलते राज्य में चारधाम यात्रा बगैर यात्रियों के ही शुरू हो गई। गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुल चुके हैं। चारधाम यात्रा राज्य की आर्थिकी का बड़ा आधार है। पहाड़ में होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और अन्य लोगों को यात्रा सीजन का बेसब्री से इंतजार होता है। कोरोना की पहली लहर में यात्रा व पर्यटन कारोबार से जुड़े व्यवसायियों को बहुत बड़ा झटका लगा। इस बार उन्हें यात्रा से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन दूसरी लहर में फिर यात्रा पर ग्रहण लगा दिया है।
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बढ़ते संक्रमण से सहमा पहाड़
पहाड़ में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। शनिवार तक अल्मोड़ा में 2428, बागेश्वर में 1145, चमोली में 2452, चंपावत में 1400, नैनीताल में 7264, पौड़ी गढ़वाल में 6090, पिथौरागढ़ 1874, रुद्रप्रयाग में 2221, टिहरी में 5719 व उत्तरकाशी में 2288 कोरोना संक्रमण के एक्टिव केस हैं। इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। चिंताजनक यह है कि कोरोना ने अब गांवों में दस्तक दे दी है।
गढ़वाल में संक्रमण की ज्यादा मार
जिला - दर
पौड़ी - 26.2
टिहरी - 24.9
चमोली - 22.4
रुद्रप्रयाग - 20.9
उत्तरकाशी - 19.1
( संक्रमण दर प्रतिशत में)
कुमाऊं मंडल: पिथौरागढ़ में सबसे ज्यादा संक्रमण दर
पिथौरागढ़ -22.6
चंपावत - 19.5
अल्मोड़ा - 15.4
बागेश्वर - 13
नोट: आंकड़े एक मई से 15 मई तक के हैं। स्रोत: सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटीज फाउंडेशन
सरकार के सामने दोहरी चुनौती
प्रदेश सरकार के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ उसे पहाड़ में संक्रमण को फैलने से रोकना है। दूसरी तरफ राज्य में कोरोना संक्रमण पर जल्द से जल्द काबू पाना है, ताकि पर्यटन और यात्रा सीजन में राज्य के व्यवसायियों को नुकसान से बचाया जा सके।
पहली लहर में देनी पड़ी थी राहत
प्रदेश सरकार को कोरोना की पहली लहर में लॉकडाउन से आर्थिक नुकसान झेलने वाले टैक्सी चालकों को एक-एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता की दो किस्तें देनी पड़ी थीं।
चारधाम यात्रा कितने दिनों तक स्थगित रहेगी, यह कोरोना संक्रमण के स्तर पर निर्भर करेगा। अभी राज्य में चारधाम यात्रा पर रोक है। कोविड कर्फ्यू भी लागू है। प्रदेश सरकार की हालात पर नजर है। कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी।
-सुबोध उनियाल, शासकीय प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड सरकार
कोरोना की दूसरी लहर में चारधाम यात्रा ठप है। बसें और टैक्सियां खड़ी हो गई हैं। परिवहन संचालकों ने लोन ले रखा है। वे किस्तें कहां से देंगे। हम सरकार से राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
-मनोज ध्यानी, अध्यक्ष, संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति व यातायात सहकारी संघ