उत्तराखंड : 2464 रुपये में मिलेंगे रेमडेसिविर इंजेक्शन, 30 अप्रैल तक नैनीताल हाईकोर्ट बंद
सरकार ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की दरें भी तय कर दी हैं। प्रति इंजेक्शन 2464 रुपये में बाजार में बिकेगा। इससे अधिक कीमत लेने पर सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की दरें भी तय कर दी हैं। प्रति इंजेक्शन 2464 रुपये में बाजार में बिकेगा। इससे अधिक कीमत लेने पर सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
30 अप्रैल तक नैनीताल हाईकोर्ट बंद
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए नैनीताल हाईकोर्ट 26 से 30 अप्रैल तक बंद कर दिया गया है। एक और दो मई को शनिवार और रविवार होने के कारण अब पुनः हाईकोर्ट तीन अप्रैल को खुलेगा और सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी।
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केंद्र से राज्य को 3200 रेमडेसिविर इंजेक्शन मिले हैं। इन्हें सरकारी, निजी अस्पतालों को मांग के अनुसार वितरित किया गया। दून मेडिकल कालेज समेत कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे सरकारी व निजी अस्पतालों को उनकी मांग के अनुसार रेमडेसिविर इंजेक्शन वितरित किए गए हैैं। वहीं, सरकार ने इंजेक्शन की जो कीमत तय की है, इसमें सभी प्रकार के टैक्स शामिल हैं।
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मतलब इंजेक्शन का अधिकतम मूल्य 2464 रुपये होगा। प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ.पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि यदि कोई दवा विक्रेता इंजेक्शन की निर्धारित दरों से ज्यादा कीमत वसूलता है तो उसके खिलाफ सख्त से सक्त कार्रवाई की जाएगी।
रेमडेसिविर इंजेक्शन की मात्रा और कीमत सार्वजनिक होगी
प्रदेश सरकार अब रेमडेसिविर इंजेक्शन की मात्रा और कीमत को सार्वजनिक करेगी। मई में शिविर लगातार कोविड की रोकथाम के लिए टीके लगाए जाएंगे। सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंस के जरिये आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अस्पतालों को उपलब्ध कराए गए रेमडेसिविर इंजेक्शन की मात्रा और तय दर को सार्वजनिक करने निर्देश दिए।
कहा कि आगे के 15 दिनों के अनुसार कोविड को लेकर प्लान हो। उसी के अनुरूप आक्सीजन, आईसीयू, जरूरी दवाएं आदि की व्यवस्था सुनिश्चित हो। आक्सीजन सप्लाई चेन मैनेजमेंट पर सर्वाधिक ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मई से राज्यव्यापी टीकाकरण अभियान संचालित किया जाना है। इसकी पुख्ता तैयारी कर ली जाए। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के नियमों का पालन करते हुए शिविरों का आयोजन कर टीके लगाए जाएं। औद्योगिक संस्थानों, कालेजों, सहित ग्राम स्तर तक टीकों की व्यवस्था की जाए।
फिर दोहराया कालाबाजारी बर्दास्त नहीं की जाएगी
कोरोना की दवाओं की कमी की शिकायतों के बीच मुख्यमंत्री ने फिर दोहराया कि कालाबाजारी की शिकायतों पर दोषी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसमें किसी तरह की शिथिलता बर्दाश्त न की जाए। बैठकों में होने वाले फैसलों पर तुरंत अमल किया जाए।
सीमा पर हो सख्त चैकिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सीमा पर बाहर से आने वालों की सख्त चैकिंग की जाए। बिना आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट के किसी को न आने दिया जाए। राज्य के प्रवासी लोगों के लिए पंजीकरण जरूर कराया जाए। प्रवासियों को होम आइसोलेशन में रखा जाए और इसके लिए ग्राम प्रधानों का सहयोग लिया जाए। प्रधानों को पुलिस का सहयोग दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दून अस्पताल की व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जाए। टेस्ट के लिए सैंपल लेते ही दवाई भी उपलब्ध करा दी जाए। अस्पतालों में पुलिस व्यवस्था भी की जाए। वीडियो कांफ्रेंसिग में आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी आदि भी शामिल थे।