कोरोना, महंगाई और बेरोजगारी से निपटने में उत्तराखंड बेहतर : शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक
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प्रदेश सरकार का दावा है कि कोविड-19 के संक्रमण से निपटने के लिए राज्य में पर्याप्त व्यवस्था है। बेरोजगारी के मोर्चे पर भी हालात बुरे नहीं हैं और अन्य कई राज्यों की तुलना में प्रदेश में महंगाई भी कम है।
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विपक्ष के महंगाई, रोजगार, कोविड-19 संक्रमण सहित अन्य मामलों से संबंधित आरोपों का जवाब देने के लिए शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक मैदान में उतरे। सचिवालय के मीडिया सेंटर में मीडिया से मुखातिब कौशिक ने कहा कि विपक्ष ने किसी भी मामले में सरकार का सहयोग नहीं किया। विपक्ष कोविड-19 के संक्रमण को रोकने की पर्याप्त व्यवस्था न होने का आरोप लगा रहा है।
हकीकत यह कि सरकार ने कोरोना काल में ही 476 डाक्टरों सहित 709 मेडिकल स्टाफ की तैनाती की। राज्य में अब तक 53 हजार लोगों की जांच की जा चुकी है, जो महाराष्ट्र, झारखंड, राजस्थान से ज्यादा है। कोरोना मरीजों के लिए प्रदेश में करीब 35 हजार बेड की व्यवस्था है। ऑक्सीजन सिलिंडर से लेकर वेंटिलेटर तक की कमी नहीं है।
प्रदेश सरकार ने सब्जी के दाम नहीं बढ़ने दिए
महंगाई के मुद्दे पर कौशिक ने कहा कि प्रदेश में महंगाई है पर इतनी नहीं। अन्य कई राज्यों की तुलना में पेट्रोल और डीजल के दाम प्रदेश में कम हैं। कौशिक ने गेहूं, चावल सहित अन्य खाद्य सामग्री का तुलनात्मक विवरण भी दिया और कहा कि दिल्ली, चंडीगढ़ सहित अन्य राज्यों की तुलना में प्रदेश में महंगाई कम है।
कहा कि विपरीत हालात होते हुए भी प्रदेश सरकार ने सब्जी के दाम नहीं बढ़ने दिए। रोजगार के मुद्दे पर भी कौशिक ने कहा कि सरकार ने सात लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार दिया। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत सरकार ने अलग-अलग वर्गों को लाभ पहुंचाया।
28 गांवों का किया पुनर्वास
आपदा प्रबंधन के तहत मंत्री ने बताया कि 2017 से लेकर अब तक करीब 28 गांवों का पुनर्वास किया जा चुका है। 2013 के बाद से कुल 30 गांवों, 836 परिवारों का पुनर्वास कर 33 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
मानसून काल में 67 की हुई मौत
मंत्री मदन कौशिक के मुताबिक मानसून काल में आई प्राकृतिक आपदाओं में 67 लोगों ने जान गंवाईं। इस दौरान 26 घायल हुए और तीन लापता हैं। 372 मकानों को आंशिक, 379 को अधिक और 123 को पूर्ण नुकसान हुआ है।