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उत्तराखंड विधानसभा सत्र : बुजुर्ग विधायक ऑनलाइन बन सकते हैं सदन की कार्यवाही का हिस्सा
Sat, 29 Aug 2020 12:06 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 29 Aug 2020 12:06 PM IST
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विधानसभा
- फोटो : File Photo
विधानसभा सत्र के दौरान सदन में सोशल डिस्टेंसिंग के पालन की व्यवस्था के तहत 65 वर्ष से अधिक उम्र के विधायकों को ऑनलाइन सदन की कार्यवाही में भाग लेने को कहा जा सकता है। इसके साथ ही दर्शक दीर्घा और मीडिया गैलरी को भी सदन का हिस्सा बनाने पर विचार किया जा रहा है।
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शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा में सभा मंडप का भी निरीक्षण किया। विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक पत्रकार और दर्शक दीर्घा का उपयोग विधायकों के बैठने के लिए किया जा सकता है। 65 वर्ष से अधिक उम्र के सदस्यों को ऑनलाइन ही सदन की कार्यवाही में शामिल होने को कहा जा सकता है। अध्यक्ष के मुताबिक वे पक्ष और विपक्ष के नेताओं के साथ बैठकर बात करने के बाद ही कोई अंतिम फैसला करेंगे।
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विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक सोशल डिस्टेंसिंग की समस्या समाधान के लिए उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठकर बातचीत भी की। दूसरी ओर, विधानसभा सचिवालय में भी दिन भर इस मामले को लेकर बातचीत का दौर जारी रहा।
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सोशल डिस्टेंसिंग : विधानसभा के यक्ष प्रश्न
- वैल में आकर अगर विधायक प्रदर्शन करते हैं तो क्या होगा। वैल में जगह कम है। दो गज की दूरी के हिसाब से चार सदस्य भी वैल में एक साथ खड़े नहीं हो सकते। दूसरी तरफ, विरोध जताने के लिए विपक्ष वैल में पहुंच ही जाता है। विपक्ष के इस समय 11 सदस्य हैं।
दर्शकों और मीडिया के कवरेज
- दर्शक दीर्घा और मीडिया गैलरी को अगर सदन का हिस्सा बना लिया जाता है तो दर्शकों और मीडिया के लिए अलग से व्यवस्था करनी होगी। इसके अगर फीड के जरिये दिखाया जाता है तो गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसका सामना विधानसभा को भराड़ीसैंण में साउंड सिस्टम खराब होने के दौरान करना पड़ा था।
सदन में बंटने वाले कागजों का क्या होगा
- सदन में हर रोज सदन की कार्यवाही के हिसाब से कई कागज बांटे जाते हैं। क्या इनको सैनिटाइज किया जाएगा? क्या विधानसभा कागजों की संख्या कम करेगी या इलेक्ट्रानिक माध्यम पर अधिक भरोसा जताएगी।
कोई संक्रमित पाया गया तो क्या होगा
- कोविड की रोकथाम के तहत किसी के संक्रमित पाए जाने पर आइसोलेशन की व्यवस्था है। साथ ही संपर्कों का पता लगाया जाता है और संपर्क में आने वालों को भी क्वारंटीन होने को कहा जाता है। सत्र के दौरान विधायक, स्टाफ किसी के संक्रमित पाए जाने पर क्या होगा
सदस्यों की उपस्थिति का मिश्रित तरीका हो सकता है इस्तेमाल
- विधानसभा के सामने एक तरीका वर्चुअल प्लेटफार्म का अधिक उपयोग करना भी है। मानसून सत्र के लिए लोकसभा के सामने भी यह विकल्प रखा जा रहा है। तरीका ये कि कुछ सदस्यों को सदन में बुलाया जाए और कुछ को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये सदन की कार्यवाही का हिस्सा बनाया जाए। विधानसभा यह तरीका भी इस्तेमाल कर सकती है। परेशानी ये है कि यह फैसला अंतिम समय में नहीं लिया जा सकता है। इसके लिए समय रहते फैसला करना होगा ताकि व्यवस्था बनाई जा सके।
लगभग 12 विधायक 65 साल से ऊपर
- 65 वर्ष से अधिक उम्र के विधायकों को ऑनलाइन रहने को कहा गया। तो नेता प्रतिपक्ष, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, विधानसभा उपाध्यक्ष सहित करीब एक दर्जन विधायकों को बाहर से ही सदन की कार्यवाही का हिस्सा बनना पड़ सकता है।