उत्तराखंड में कोरोना : कोरोना को लेकर अत्यधिक डर न पालें, वरना पैनिक अटैक का खतरा
कोरोना से जुड़े तमाम नकारात्मक पहलुओं का आमजन की मन:स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है। इन प्रभावों का असर लोगों में मानसिक बीमारियों के रूप में सामने आ रहा है।
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उत्तराखंड समेत देश के तमाम राज्यों में फैली कोरोना को लेकर बहुत अधिक टेंशन लेने जरूरत नहीं है कारण कि यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको पैनिक अटैक के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियां हो सकती हैं। लोगों मरीजों और आमजन की इन समस्याओं के निराकरण को लेकर कुछ अस्पतालों ने सपोर्टिव साइकोथेरेपी की भी शुरुआत कर दी है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
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इसी प्रकार की अनूठी पहल श्री महंत इंद्रेश अस्पताल प्रबंधन की ओर से की गई है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार धवन ने बताया कि कोरोना से जुड़े तमाम नकारात्मक पहलुओं का आमजन की मन:स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है। इन प्रभावों का असर लोगों में मानसिक बीमारियों के रूप में सामने आ रहा है। जिन लोगों में कोविड का डर, कोविड के भय से आत्महत्या करने की इच्छा, कोविड के अत्यधिक डर से पैनिक अटैक, मानसिक तनाव व मानसिक असहजता महसूस हो रही है, उन्हें तत्काल मनोचिकित्सकों से राय लेनी चाहिए।
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. शोभित गर्ग का कहना है कि कोरोना के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के बीच आमजन में कई मानसिक परेशानियां देखने में आ रही हैं। कोरोना को लेकर उपजे हालात के बीच आर्थिक तंगी का असर लोगों के व्यवहार व पारिवारिक जीवन पर पड़ा है। लॉकडाउन के दौरान 20 से 30 प्रतिशत घरेलू हिंसा के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है।
बकौल डॉ. शोभित गर्ग कोरोना के कारण परिजनों के बीमार होने या बीमारी के चलते अपनों की मौत के कारण लोगों की मानसिक स्थिति पर व्यापक नकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। उनके पास तमाम ऐसे मरीज आ रहे हैं जो डिप्रेशन, उदासी, चिंता, अधिक नशा करने की प्रवृति, मानसिक अशांति, शोक की अवस्था में डूब जाना जैसी मानसिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। जो लोग मानसिक रूप से कमजोर हैं वे सहायता के अभाव में आत्महत्या जैसा घातक कदम भी उठा सकते हैं।
दूसरी ओर मनोरोग विभाग अध्यक्ष डॉ. सुमित खत्री का कहना है कि कोरोना पॉजिटिव होने पर पैनिक न हों, ज्यादातर लोगों में ए-सिप्टोमैटिक कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं, संतुलित आहार, सकारात्मक सोच के बल पर आप कोरोना को पराजित कर सकते हैं।
सोमवार से शनिवार तक सुबह दस से बारह बजे तक ले सकते हैं सपोर्टिव साइकोथेरेपी
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार धवन ने बताया कि मानसिक परेशानियों से जूझ रहे लोगों को लेकर अस्पताल की ओर से सपोर्टिव साइकोथेरेपी की शुरुआत की गई है। जिसके तहत कोई भी व्यक्ति सोमवार से शनिवार सुबह दस से लेकर 12 बजे तक 0135-6672282 पर सपोर्टिव साइकोथेरेपी ले सकता है।
कई गुना बढ़ी इम्यूनिटी बढ़ाने की दवाओं की मांग
कोरोना महामारी के चलते शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले दवाओं की मांग में कई गुना की बढ़ोतरी हो गई है। पूरी तरह स्वस्थ लोग भी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए इन दवाओं का सेवन कर रहे हैं। साथ ही कोरोना के मरीजों को भी ये दवाएं दी जा रही हैं। ऐसे में इम्यूनिटी बढ़ाने वाली एलोपैथिक, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक दवाओं की मांग में भारी वृद्धि हुई है। मेडिकल स्टोर संचालकों की मानें तो कई दवाएं कम पड़ने लगी हैं।
राजधानी के कई इलाकों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र संचालित करने वाले मुकुल अग्रवाल ने बताया कि विटामिन सी, जिंक, मल्टीविटामिन के साथ ही गिलोय, आंवला का जूस और तुलसी ड्रॉप की मांग तेजी से बढ़ी है। इन दवाओं की बिक्री में 100 गुना की वृद्धि हो गई है।
दूसरी ओर, साईं मेडिकल स्टोर के संचालक अरविंद शर्मा के मुताबिक कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ ही जीवनरक्षक दवाइयों के साथ इम्यूनिटी बढ़ाने वाली दवाओं की भारी मांग है। दवाओं की भारी मांग को देखते हुए कंपनियों ने उत्पादन तेज कर दिया है।
रेमडीसीविर जैसी दवाओं की कमी तो जरूर है, लेकिन इम्यूनिटी बढ़ाने वाली दवाओं की कोई कमी नहीं है। कमोबेश यही बात प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र संचालित करने वाले सुमित अग्रवाल और डॉक्टर आनंद ने भी दोहराई।