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देहरादून : कोरोना के दौरान हुई मौतों का राज खोलने को तैयार नहीं अस्पताल, डीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश
Thu, 17 Jun 2021 03:35 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
अनिल चन्दोला, अमर उजाला, देहरादून
अनिल चन्दोला, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 17 Jun 2021 03:35 PM IST
सार
कोरोना काल के दौरान दून के अलग-अलग अस्पतालों में सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गंवाई। सरकार की ओर से इन मौतों का ऑडिट किया जा रहा है।
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अस्पताल कोरोना के दौरान हुई मौतों का राज खोलने को तैयार नहीं
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
राजधानी दून के कई प्राइवेट अस्पताल कोरोना के दौरान हुई मौतों का राज खोलने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन के कई बार कहने के बावजूद अस्पताल डेथ ऑडिट में मौत से जुड़ी जानकारियां नहीं दे रहे हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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कोरोना काल के दौरान दून के अलग-अलग अस्पतालों में सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गंवाई। सरकार की ओर से इन मौतों का ऑडिट किया जा रहा है। इसके तहत मृतकों, उनके उपचार, मृत्यु के संभावित कारणों, मेडिकल हिस्ट्री इत्यादि की जानकारी ली जा रही है। वहीं, कुछ अन्य जानकारी भी मांगी जा रही है, लेकिन राजधानी के कई अस्पताल ऐसे हैं, जो प्रशासन के आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं। कई रिमाइंडर भेजने के बाद भी अस्पतालों ने ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया है। सूत्रों के अनुसार, इसमें कुछ बड़े अस्पताल भी शामिल हैं, जहां काफी अधिक लोगों की मौत हुई है।
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जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने ऐसे सभी अस्पतालों को नोटिस जारी कर एनसीडीसी फॉर्म पर विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। उसके बावजूद अगर कोई अस्पताल जानकारी देने में हीलाहवाली करे तो उनके खिलाफ क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट व आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।
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अब तक 3459 की हो चुकी मौत
जिले में अब तक कुल 3459 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरूआत में कोरोना को इन मौतों का कारण नहीं माना गया।
वहीं, मृत्यु प्रमाणपत्र पर भी स्पष्ट तौर पर कोरोना नहीं लिखा गया। इससे लोगों को कई लाभ नहीं मिल पा रहे थे। बाद में सरकार ने इन मौतों का ऑडिट करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में भी इसका ऑडिट किया जा रहा है।
कोरोना काल में हुई मौतों का ऑडिट किया जा रहा है। इसके लिए अस्पतालों से सभी मौतों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। कुछ अस्पतालों की ओर से इसमें सहयोग नहीं किया जा रहा है। बार-बार कहने के बावजूद अस्पताल जानकारी देने से बच रहे हैं। उन सभी अस्पतालों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
- डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी
वहीं, मृत्यु प्रमाणपत्र पर भी स्पष्ट तौर पर कोरोना नहीं लिखा गया। इससे लोगों को कई लाभ नहीं मिल पा रहे थे। बाद में सरकार ने इन मौतों का ऑडिट करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में भी इसका ऑडिट किया जा रहा है।
कोरोना काल में हुई मौतों का ऑडिट किया जा रहा है। इसके लिए अस्पतालों से सभी मौतों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। कुछ अस्पतालों की ओर से इसमें सहयोग नहीं किया जा रहा है। बार-बार कहने के बावजूद अस्पताल जानकारी देने से बच रहे हैं। उन सभी अस्पतालों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
- डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी