फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   coronavirus in uttarakhand latest news : continue covid duty wil make doctors ans staff ill

उत्तराखंड : कोविड में लगातार ड्यूटी से डॉक्टरों और स्टाफ को नींद में नजर रहे बेड और मरीज

Sat, 15 May 2021 01:08 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 15 May 2021 01:08 PM IST
सार

आमतौर पर यह समस्या आईसीयू में लंबे समय तक भर्ती रहने वाले मरीजों को डिस्चार्ज होने के बाद होती है।

विज्ञापन
coronavirus in uttarakhand latest news : continue covid duty wil make doctors ans staff ill
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना मरीजों के उपचार और देखभाल में लगे डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को नींद में भी आईसीयू बेड और वेंटिलेटर आदि नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञ इसकी वजह लगातार कोरोना मरीजों के बीच ड्यूटी किए जाने और तनाव मान रहे हैं।

विज्ञापन


उत्तराखंड: हरिद्वार के निजी अस्पताल ने छिपाई जानकारी, 19 दिन बाद हुआ 65 मरीजों की मौत का खुलासा
विज्ञापन


विशेषज्ञ डाक्टरों के मुताबिक आमतौर पर यह समस्या आईसीयू में लंबे समय तक भर्ती रहने वाले मरीजों को डिस्चार्ज होने के बाद होती है। इस बार काफी समय से लगातार आईसीयू और कोविड मरीजों के बीच रहने के कारण तमाम डॉक्टरों और स्टाफ को भी यह समस्या हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ब्लैक फंगस: देहरादून में चार मरीज आए सामने, सरकार ने रोकथाम के लिए मांगे सुझाव 


वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. (मेजर) नंदकिशोर ने बताया कि लगातार तनाव भरे माहौल में ड्यूटी की वजह से यह समस्या आती है। अत्यधिक थकान भी एक इसका एक बड़ा कारण होता है। मेडिकल साइंस में इसे पोस्ट ट्रोमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर या एडजस्टमेंट रिएक्शन टू स्ट्रेस कहा जाता है। पूरा आराम न मिलने से नींद न आना, चिड़चिड़ापन, अस्पताल के ख्यालात आने जैसी समस्याएं आ सकती हैं।

राजकीय जिला कोरोनेशन अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन एवं कोविड-19 के नोडल अफसर डॉ. एनएस बिष्ट ने बताया कि कुछ लोग इसे आईसीयू साइकोसिस मानते हैं। इस समस्या को आईसीयू साइकोसिस करना उचित नहीं होगा। बल्कि लगातार आईसीयू में रहने से और मरीजों के बीच ड्यूटी करने की वजह से नींद न आना और अस्पताल के ख्यालात मन में आना समस्या हो सकती है।

इस समस्या से निजात पाने के लिए मन को बिल्कुल स्वत्रंत रखने और तनाव से दूर रहने की आवश्यकता है। वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. सोना कौशल के अनुसार कोरोना काल में डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी इससे प्रभावित होने से नहीं बच पा रहे हैं। कोरोना के दुष्प्रभाव से बचने के लिए योग, दिनचर्या को सही करना तनाव से दूर रहना मन को खुश रखना जैसे कार्य करने चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed