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देहरादून : बेड उपलब्ध कराने के नाम पर चल रहा खेल, अस्पताल प्रबंधन वाले जता रहे हैं किसी गिरोह की आशंका

Sun, 16 May 2021 03:46 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 16 May 2021 03:46 PM IST
सार

अब कुछ लोग प्लाज्मा और अस्पताल में बेड उपलब्ध कराए जाने के नाम पर भी खेल कर रहे हैं। ऐसी आशंका शहर के कुछ अस्पतालों के प्रबंधनों ने जताई है।

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बेड उपलब्ध कराने के नाम पर खेल - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

कोरोना महामारी के बीच लोग जहां बढ़-चढ़कर मरीजों व उनके परिजनों की मदद कर रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो प्लाज्मा दान करने से लेकर अस्पताल में बेड उपलब्ध कराने के नाम पर खेल कर रहे हैं। कुछ अस्पताल प्रबंधनों ने इसमें किसी बड़े गिरोह के संचालित होने की आशंका जताई है।

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कोरोना काल में पहले जीवन रक्षक रेमडेसिविर इंजेक्शन, अन्य जरूरी दवाओं, ऑक्सीजन गैस सिलिंडर, पल्स ऑक्सीमीटर, फ्लो ऑक्सीमीटर की जमाखोरी और कालाबाजारी की समस्या आ रही थी। वहीं, अब कुछ लोग प्लाज्मा और अस्पताल में बेड उपलब्ध कराए जाने के नाम पर भी खेल कर रहे हैं। ऐसी आशंका शहर के कुछ अस्पतालों के प्रबंधनों ने जताई है।
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उनका कहना है कि एनजीओ के नाम पर दिन भर से लेकर देर रात तक उन्हें कॉल आ रही हैं। कुछ कॉल तो दिल्ली, मुंबई के अलावा दुबई और अन्य देशों से भी आने की बात कही गई है। इनमें से कॉल करने वाले कई लोग तो न मरीज की स्थिति ठीक से बता पाते हैं।

न किस अस्पताल में भर्ती हैं इसकी जानकारी दे रहे हैं। कई बार अस्पतालों में संबंधित मरीज के लिए बेड तो बुक कर दिया जाता है, लेकिन मरीज नहीं पहुंच पाता है। इससे अन्य जरूरतमंद मरीजों को भी बेड की सुविधा नहीं मिल पाती है।

दिन से लेकर रात-रात तक मोबाइल कॉल

एनजीओ के नाम पर भी कुछ लोग दिन से लेकर रात-रात तक मोबाइल कॉल कर रहे हैं। जो नंबर उनके द्वारा बताया जा रहा है उन पर कॉल करने पर न तो यह बताते हैं कि मरीज किस अस्पताल में भर्ती है या कहां है और न उसकी असल स्थिति की जानकारी देते हैं। ऐसे में किसी गिरोह के संचालित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों को चाहिए कि संबंधित जिले के अधिकृत सरकारी पोर्टल के माध्यम से बेड और अन्य व्यवस्थाओं का पता कर लें। किसी भी तरह से झांसे में न आएं।
डॉ. अजीत गैरोला, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सीएमआई अस्पताल

बेड की उपलब्धता के बारे में तमाम जगह से कॉल आ रही हैं। देहरादून शहर के बाहर से भी कॉल आ रही हैं। मरीज की असल स्थिति और अस्पताल में बेड की उपलब्धता जानने के बाद ही उन्हें अस्पताल आने के बारे में कहा जाता है।
- भूपेंद्र रतूड़ी, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी श्री महंत इंद्रेश अस्पताल

महामारी के इस विकट दौर में भी कुछ जालसाज मरीजों और उनके परिजनों से जालसाजी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। पुलिस इस तरह के लोगों पर बारीकी से निगाह बनाए हुए है। साथ ही मरीजों और उनके तीमारदारों के परिजनों से भी अपील की जाती है कि ब्लड प्लाज्मा या अन्य किसी व्यवस्था के नाम पर बिना पूरी पड़ताल के किसी भी तरह का लेनदेन न करें। न ही किसी अनाधिकृत लिंक को खोलें। संदेह होने पर पुलिस को भी सूचित करें। ताकि जालसाजी करने वालों पर शिकंजा कसने में मदद मिल सके।
डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक

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