कोरोना: स्पोर्ट्स कॉलेज में बाहरी खिलाड़ियों के प्रवेश पर रोक, ऑल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट भी टला
- स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रिंसिपल ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए लिया फैसला
- बाहर से प्रैक्टिस के लिए आने वाले खिलाड़ियों को नहीं दिया जाएगा प्रवेश
विस्तार
कोरोना वायरस को लेकर खेल के मैदानों पर बड़ा असर नजर आ रहा है। प्रदेशभर में क्रिकेट गतिविधियों पर प्रतिबंध के बाद अब महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में भी बाहरी खिलाड़ियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। अब कॉलेज में कोई भी बाहरी खिलाड़ी ट्रेनिंग के लिए नहीं आ सकेंगे।
स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रिंसिपल अजय कुमार अग्रवाल की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। जिसमें कहा गया कि यह फैसला कोरोना वायरस से बचाव के लिए लिया है। बाहरी लोगों के कॉलेज में आने से वायरस फैलने की आशंका थी। कॉलेज में रोजाना सुबह व शाम को दर्जनों की संख्या में बाहर से खिलाड़ी ट्रेनिंग के लिए आते थे। फिलहाल इनके प्रवेश पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा कॉलेज के छात्रों को भी अवकाश पर भेजा गया है।
ऑल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट टला, अब 13 सितंबर से होगा
प्रथम ऑल इंडिया जीसी नागलिया मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट को कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते टाल दिया गया है। सोमवार को बंगाली लाइब्रेरी स्थित कार्यालय में हुई बैठक में आयोजक राम प्रसाद ने कहा कि टूर्नामेंट 10 अप्रैल से प्रस्तावित था।
इसमें देश से कई बड़ी टीमों ने प्रतिभाग करना था, लेकिन कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए टूर्नामेंट कुछ समय के लिए स्थगित किया गया है। यह टूर्नामेंट अब 13 सितंबर से होगा। बैठक में महासचिव गुरचरण सिंह, पीसी वर्मा, नीनू सहगल, उस्मान खान, सेवा सिंह मठारू, कुमार थापा मौजूद थे।
देहरादून के मेडिकल कॉलेजों में भी 31 मार्च तक छुट्टी
देहरादून के सभी मेडिकल, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों में भी 31 मार्च तक छुट्टी के आदेश हो गए हैं। ये कॉलेज सिर्फ एमबीबीएस, एमएससी या अन्य कोर्स के सिर्फ अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं के लिए खुले रहेंगे। इस दौरान जिनकी ड्यूटी रहेगी वही कर्मचारी कॉलेज में जा सकेंगे। अन्य के लिए कॉलेज में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि देहरादून जिले में सरकारी, अर्द्धसरकारी और गैर सरकारी सभी कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पैरामेडिकल और नर्सिंग स्कूलों में अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं को छोड़कर सभी के लिए छुट्टी घोषित की गई है।
सरकार के आदेश पर यहां स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि में सिर्फ उन्हीं छात्र-छात्राओं को आने की अनुमति दी जाएगी जिनकी कक्षा रद्द नहीं की गई है। यदि इन आदेशों का पालन नहीं किया जाता तो संबंधित कॉलेज या शिक्षण संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।