कोरोनाः देहरादून में मरीजों की पुष्टि वाला लेटर हुआ वायरल, मचा हड़कंप, सच है या फेक, पढ़ें...
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर ने कोरोना को लेकर दहशत फैला दी। मैक्स अस्पताल में कोरोना मरीज के भर्ती होने संबंधी लिखे गए पत्र के वायरल होते ही दहशत का माहौल हो गया। दोपहर करीब 12 बजे कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष सयाना को इसका खंडन करना पड़ा।
मैक्स अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल प्रसाद ने भी उनके अस्पताल में कोरोना से ग्रसित किसी मरीज के भर्ती न होने की बात कही गई। इस पूरे प्रकरण का स्वास्थ्य महानिदेशालय से लेकर शासन तक ने संज्ञान लिया है। वहीं, सीएमओ डॉ. मीनाक्षी जोशी ने भी सख्त नाराजगी जताते हुए कॉलेज प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा।
कोरोना वायरस से बचाव, उपचार और इसको लेकर एक तरफ स्वास्थ्य विभाग दहशत न फैलाने के लिए लोगों को जागरूक कर रहा है। वहीं, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. हीरालाल के एक पत्र ने विभाग की फजीहत करा दी। पूरे शहर में दहशत अलग से फैला दी।
लापरवाही से वायरल हुआ लेटर
प्रिंसिपल को संबोधित पत्र में डॉक्टर ने लिखा ‘मैक्स अस्पताल में कुछ मरीजों में कोरोना वायरस सकारात्मक पाए गए हैं। इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से विभाग में मास्क, सेनेटाइजर और कैप आदि की जरूरत है’। यह पत्र बुधवार रात से बृहस्पतिवार तक व्यापक स्तर पर वायरल हो गया।
इससे जहां स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया वहीं आम लोगों में भी खौफ पैदा हो गया। दून मेडिकल अस्पताल से सीएमओ, डीएम, स्वास्थ्य महानिदेशालय और सचिवालय तक में हड़कंप मचा रहा। एलआईयू और अन्य खुफिया एजेंसियां भी इसके बारे में रात से ही जानकारी जुटाती रही।
स्थिति यह हो गई थी कि दिल्ली, मुंबई और मुरादाबाद आदि शहरों व गांवों से लोग अपने परिचितों की कुशलक्षेम पूछते हुए एहतियात बरतने को कहने लगे। दोपहर करीब 12 बजे दून मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष सायना ने एक पत्र मीडिया को जारी किया। जिसमें बताया कि ‘फोरेंसिक मेडिसिन विभाग द्वारा कोरोना संक्रमण से संबंधित पत्र जो चार मार्च को जारी हुआ था, सोशल मीडिया मेें वायरल हो रहा है।
इस संबंध में संबंधित विभाग से स्पष्टीकरण के बाद यह पाया गया कि यह सूचना असत्य और निराधार हैं। इस पर डॉक्टर ने कहा कि उन्होंने भूलवश यह लिख दिया है। डॉक्टर हीरालाल ने प्रिंसिपल को लिखित माफीनामा भी दिया है। पत्र के ऊपरी हिस्से में कंप्यूटर से तो चार मार्च 2020 की तिथि अंकित है, लेकिन नीचे जहां साइन हैं, वहां दो जगह चार फरवरी 2020 दर्ज है।
लक्षण और बचाव के तरीके
-संक्रमित मरीज को गंभीर थकावट महसूस होती है।
-मरीज को गंभीर जुकाम हो जाता है।
-खांसी होने के साथ ही कफ निकलता है।
-गले में घाव होने जैसा महसूस होता है।
-तेज बुखार के साथ सिरदर्द होता है।
कैसे करें बचाव
-भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
-अधिक से अधिक पानी पिएं।
-जुकाम, खांसी से पीड़ित व्यक्ति से दूरी बनाकर रहें।
-छींकने व खांसी आने पर रुमाल का इस्तेमाल करें।
-दिन में कई बार साबुन से हाथ धोने के साथ ही सेेनेटाइजर लगाएं।
नर्सेज सर्विस एसोसिएशन ने दिया बेमियादी हड़ताल को समर्थन
उत्तराखंड नर्सेज सर्विसेज एसोसिएशन ने उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन की बेमियादी हड़ताल को नैतिक समर्थन देने का फैसला किया है। एसोसिएशन की प्रदेश महामंत्री कांति राणा ने समर्थन की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि राजकीय नर्सेज भी एसोसिएशन के धरना प्रदर्शन में शामिल होकर प्रमोशन में आरक्षण का विरोध करेंगी। लेकिन अति आवश्यक सेवाएं और कोरोना वायरस के हाई अलर्ट के कारण अभी नर्सेज अपनी सेवाएं बाधित नहीं करेंगी।
उन्होंने कहा कि यह आम जनमानस के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा संवेदनशील मामला है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि वह प्रमोशन पर लगी रोक को तत्काल प्रभाव से हटाए और गतिरोध को खत्म करे।