Corbett Tiger Reserve: पेट में जकड़ा फंदा, गहरे हैं जख्म...फिर भी आठ वर्षीय बाघिन ने तीन शावकों को दिया जन्म
नैनीताल के रामनगर में स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में अप्रैल के आसपास एक बाघिन की फुटेज ट्रैप कैमरे में कैद हुई थी। बाघिन के शरीर में फंदा फंसे होने की बात सामने आने के बाद बाद वन महकमे में हड़कंप मच गया था।
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विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में शिकारियों के फंदे में फंसी बाघिन ने सोमवार देर रात तीन शावकों को जन्म दिया है। आठ वर्षीय बाघिन और उसके शावक पूरी तरह से स्वस्थ हैं। हालांकि, फंदा (स्नेयर) अब भी बाघिन के पेट वाले हिस्से में धंसा हुआ है। कॉर्बेट के सूत्रों की मानें तो बाघिन के गर्भवती होने के चलते सुरक्षा की दृ़ष्टि से अब तक उसकी सर्जरी नहीं की गई।
नैनीताल के रामनगर में स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में अप्रैल के आसपास एक बाघिन की फुटेज ट्रैप कैमरे में कैद हुई थी। बाघिन के शरीर में फंदा फंसे होने की बात सामने आने के बाद बाद वन महकमे में हड़कंप मच गया था। उसके बाद बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू सेंटर लाया गया।
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मामले का शासन स्तर पर संज्ञान लिया गया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद इसके जांच के आदेश दिए। इसके बाद केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की विंग वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) ने उत्तराखंड समेत देशभर में स्थित टाइगर रिजर्व को बाघों की सुरक्षा के संबंध में रेड अलर्ट जारी किया था। मामले की जांच के नतीजे आने बाकी हैं।
‘सुरक्षा की दृष्टि से गर्भवती होने की बात छिपाई’
इधर, बाघिन के शरीर में फंसे तार के फंदे को लेकर वन विभाग के अधिकारियों की ओर से उसकी सर्जरी किए जाने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब तक इस विषय में कोई फैसला नहीं लिया गया था। अब जाकर यह बात सामने आई है कि सुरक्षा की दृष्टि से बाघिन के गर्भवती होने की बात छिपाई गई थी। यही वजह है कि अब तक उसकी सर्जरी नहीं की गई। कॉर्बेट के निदेशक डॉ. धीरज पांडेय ने बाघिन के शावकों को जन्म देने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि बाघिन सामान्य जीवन जी रही है।
बाघिन ने तीन शावकों को जन्म दिया है। बाघिन और शावक स्वस्थ हैं। चिकित्सकों की देखरेख में बाघिन को ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है। बाघिन की उम्र करीब आठ वर्ष है। कुछ दिनों के बाद चिकित्सकों का पैनल जांच के बाद उसकी सर्जरी के बारे में निर्णय लेगा।
- डॉ. समीर सिन्हा, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, उत्तराखंड वन विभाग