फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Corbett Tiger Reserve Gomti Elephant and Brandy Dog retired today grand farewell ceremony held

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व: गोमती और ब्रांडी हुए रिटायर, हुआ भव्य विदाई समारोह, माला पहनाकर लगाया बैच

Wed, 04 Oct 2023 02:46 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 04 Oct 2023 02:46 PM IST
सार

65 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद अब गोमती को एनटीसीए के मानक के अनुरूप सेवानिवृत्ति कर दिया गया। वहीं, स्नीफर डॉग ब्रांडी को भी सेवानिवृत किया गया।

विज्ञापन
Corbett Tiger Reserve Gomti Elephant  and Brandy Dog retired today grand farewell ceremony held
गोमती और ब्रांडी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में लंबे समय से अपनी सेवा दे रही गोमती हथिनी और ब्रांडी कुत्ता आज रिटायर हो गए। बुधवार को विदाई देते हुए उन्हें सेवानिवृत किया गया। कॉर्बेट प्रशासन ने आमडंडा गेट पर दोनों के लिए भव्य विदाई समारोह आयोजित किया। गोमती को 40 साल पहले आसाम से लाया गया था। गोमती हथिनी ने कई महत्वपूर्ण अभियानों में अपना योगदान दिया। 65 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद अब गोमती को एनटीसीए के मानक के अनुरूप सेवानिवृत्ति कर दिया गया। वहीं, स्नीफर डॉग ब्रांडी को भी सेवानिवृत किया गया। ब्रांडी ने भी कई महत्वपूर्ण अभियानों में अपनी भूमिका निभाई है।

विज्ञापन


वाक्या कॉर्बेट पार्क का: जानिए कौन है ढीटू...जिसने रोकी थी राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन की राह
विज्ञापन


इस दौरान गोमती व स्नीफर डॉग को माला पहनाते हुए बैच लगाया गया। इसके अलावा गोमती को केले खिलाए गए। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. धीरज पांडे ने बताया कि गोमती हथिनी को फिलहाल ढिकाला में रखा जाएगा। जहां वह हल्का-फुल्का काम करेगी, ताकि वह पूर्ण रूप से स्वस्थ रहे। इसके अलावा उससे कोई काम नहीं लिया जाएगा। वहीं ब्रांडी कुत्ते को भी देखरेख में रखा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

Corbett Tiger Reserve Gomti Elephant  and Brandy Dog retired today grand farewell ceremony held
गाेमती की विदाई - फोटो : अमर उजाला

गोमती ने इन अभियानों में निभाई अहम भूमिका

1-  वर्ष 1987 में गोमती ने गर्जिया मंदिर के पास बागझाला क्षेत्र में बाघ का सफल रेस्क्यू किया।
2-  2010 में गोमती ने ग्राम सुंदरखाल में नरभक्षी बाघ काे मारने में विशेष योगदान दिया।
3-  2012 में ऋषिकेश में जंगली हाथी को रेस्क्यू करने में भी गोमती ने अहम भूमिका निभाई।
4-  2019 में ढिकाला रेंज में नरभक्षी बाघ के रेस्क्यू में भी गोमती ने विशेष योगदान दिया।
5-  2022 में गोमती ने धनगढ़ी और रामनगर वन प्रभाग के रेस्क्यू ऑपरेशन में भाग लिया।
7-  2023 में बाघों के ट्रांसलोकेशन के लिए चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed