{"_id":"5af298df4f1c1b5c098b8dd1","slug":"corbett-tiger-reserve-core-zone-night-stay-can-be-ban","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्बेट टाइगर रिजर्व के कोर जोन में रात्रि विश्राम पर लग सकती है रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कोर जोन में रात्रि विश्राम पर लग सकती है रोक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामनगर (नैनीताल)
Updated Wed, 09 May 2018 12:15 PM IST
विज्ञापन
कॉर्बेट नेशनल पार्क
- फोटो : अमरउजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कोर जोन में स्थित विश्राम गृहों में पर्यटकों के रात्रि विश्राम पर तलवार लटक गई है। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) ने पार्क प्रशासन को रात्रि विश्राम बंद करने के लिए पत्र भेजा है। पार्क निदेशक सुरेंद्र मेहरा ने पत्र मिलने की पुष्टि की है। उधर, प्रमुख वन संरक्षक डीबीएस खाती का कहना है कि फिलहाल रात्रि विश्राम पर रोक नहीं लगाई गई है।
विज्ञापन
एनटीसीए के पत्र में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के कोर जोन में पर्यटकों के रात्रि विश्राम को बंद करने के लिए कहा गया है। इसमें ढिकाला जोन के सभी गेस्ट हाउसों के साथ ही बिजरानी रेंज के भी विश्राम गृह शामिल हैं। ऐसा हुआ तो पर्यटक सिर्फ दिन में ही भ्रमण ही कर सकेंगे। अभी तक ढिकाला जोन में रात्रि विश्राम के साथ ही कैंटर सफारी होती है।
विज्ञापन
यहां ढिकाला, गैरल, सुल्तान, सर्पदुली व खिनानौली के वन विश्राम भवनों में पर्यटक रात्रि विश्राम कर जंगल की आबोहवा का लुत्फ उठाते हैं। यदि सीटीआर में रात्रि विश्राम बंद हुआ तो बफर जोन के गर्जिया, ढेला, कालागढ़, मोरघट्टी जैसे विश्राम गृह ही पर्यटकों के लिए रह जाएंगे। पार्क के निदेशक सुरेंद्र मेहरा ने बताया कि इस संदर्भ में पत्र मिला है। इसके लिए रणनीति बनाई जाएगी।
विज्ञापन
उधर, प्रमुख वन संरक्षक डीबीएस खाती का कहना है कि पर्यटकों के रात्रि विश्राम को लेकर कोई भी निर्णय सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही लिया जाएगा। फिलहाल रात्रि विश्राम बंद नहीं हुआ है।