कौन कांग्रेसी हंगामा कर रहा है? तुरंत पार्टी से निकालो...
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उत्तराखंड के रुद्रपुर में तहसील का उद्घाटन समारोह में सूबे के मुख्यमंत्री हरीश रावत के सामने ही दर्जा मंत्री तिलकराज बेहड़ और क्षेत्रीय भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल भिड़ गए। मंच सियासी वर्चस्व का अखाड़ा बन गया। दोनों नेताओं के बीच मंच पर ही जमकर गालीगलौच हुई।
कहासुनी इस कदर बढ़ी कि लट्ठ तक निकल आए। कार्यक्रम में व्यवधान बीजेपी के बजाए अपनों ने ही कर दिया। जब पुलिस-प्रशासन से स्थिति नहीं संभली तो खुद मुख्यमंत्री खड़े हो गए और कांग्रेस जिलाध्यक्ष से बोले, ऐसे नाटक हमने बहुत देखे हैं।
कौन कांग्रेसी हंगामा कर रहा है? उसका नाम नोट कर तुरंत पार्टी से निकालो। वह आहत होकर बोले कि तहसील का उद्घाटन खतौनी से करना चाहता था पर आप लोगों ने झगड़े से कर दिया।
सोमवार को जिला सूचना कार्यालय की बिल्डिंग में रुद्रपुर तहसील और अन्य योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने मुख्यमंत्री हरीश रावत पहुंचे थे। मंच पर पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ रुद्रपुर को तहसील का दर्जा दिलाए जाने के संदर्भ में लोगों को संबोधित कर रहे थे।
ठुकराल मंच से उतरे और धरने पर बैठ गए
तभी क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ठुकराल और बेहड़ के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बात और बढ़ी तो नोकझोंक में बदल गई। इस बीच बेहड़ के समर्थकों ने ‘भाजपा विधायक वापस जाओ’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इससे माहौल गरमा गया। अपना अपमान समझ कर विधायक ठुकराल मंच से उतरे और धरने पर बैठ गए।
समझाने के बाद ठुकराल दोबारा मंच पर बैठे तो फिर बेहड़ से कहासुनी हो गई। दोनों में जमकर गाली-गलौज हुई। दोनों के समर्थक भी तैश में आ गए। एक दूसरे का सिर फोड़ने पर आमादा समर्थकों ने लट्ठ तक निकाल लिए। इससे पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
जिलाधिकारी डा. पंकज कुमार पांडेय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीलेश आनंद भरणे ने ठुकराल और बेहड़ के समर्थकों को भरसक रोकने का प्रयास किया। भारी अफरातफरी, शोर-शराबा और अव्यवस्था के बीच स्थिति नियंत्रण में न होते देख मुख्यमंत्री हरीश रावत ने माइक थाम लिया और जिलाध्यक्ष से कहा, सभी के नाम नोट करो।
पार्टी से इनको निकालो। कहा कि आप लोग कांग्रेस की संस्कृति को अपमानित कर रहे हैं। सहिष्णुता कांग्रेस की पहचान है। यह सब नहीं चलेगा। हट जाइए सब लोग, वह खुद मैनेज कर लेंगे। उनके आसपास एक भी आदमी अगल-बगल न रहे। आप लोगों को बधाई देता हूं, जो बीजेपी वाले चाहते थे, वही आप लोगों ने कर दिखाया।
भाजपाइयों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया
सीएम रावत ने कहा कि तहसील का काम झगड़ा निपटाना होता है। वह तो खसरा खतौनी से शुभारंभ करना चाहते थे, लेकिन आप लोगों ने अपने तरीके से उद्घाटन कर दिया। तब माहौल थोड़ा शांत हुआ और पुलिस प्रशासन ने विधायक ठुकराल को किसी तरह से शांत करके वहां से रवाना किया।
उधर, मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाकर विरोध करने जा रहे करीब डेढ़ दर्जन भाजपाइयों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसकी भनक लगते ही विधायक राजकुमार ठुकराल कोतवाली पहुंचे और हंगामा काटा। हालांकि मुख्यमंत्री के जाने के बाद हिरासत में लिए गए भाजपा कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया।
ठुकराल और बेहड़ के भिड़ंत के दौरान बीजेपी विधायक राजेश शुक्ला कार्यक्रम स्थल से उठकर चले गए थे। बाद में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाई राजेश शुक्ला यहां से चले गए हैं। मगर एसडीएम को वह उनके पीछे-पीछे भेज रहे हैं। अब किच्छा में पूर्णरूप से एसडीएम बैठेंगे। किच्छा में पूर्णरूप से एसडीएम की तैनाती की मांग बीजेपी विधायक राजेश शुक्ला लंबे अर्से से कर रहे थे।