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मोदी की गर्जना से बौखलाई कांग्रेस ने दिए जवाब
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 17 Dec 2013 04:25 PM IST
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मोदी की शंखनाद रैली और उत्तराखंड सरकार के खिलाफ उठाए गए सवालों का जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री को सामने आना पड़ा।
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भाजपा सरकार और अपने कार्यकाल की तुलना की
अपनी टीम के तीन मंत्रियों के साथ उन्होंने मीडिया से बात की। मुख्यमंत्री ने जल विद्युत परियोजनाओं के आंकड़े पेश कर भाजपा सरकार और अपने दो साल के कार्यकाल की तुलना की।
उन्होंने लोकायुक्त कानून पर भी स्पष्ट किया कि सरकार केंद्र के लोकपाल बिल की प्रतीक्षा में है जिसे भाजपा का समर्थन और अन्ना हजारे से भी क्लीनचिट मिली है। उन्होंने मोदी केबाबा रामदेव की पैरवी करने पर भी सवाल खड़े किए।
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मंत्री हरक सिंह रावत ने आपदा से जुड़े मुद्दों की जानकारी दी। वहीं मंत्री दिनेश अग्रवाल ने रैली की सफलता पर सवाल खड़े किए। इस मौकेपर मंत्री अमृता रावत भी मौजूद थीं।
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मोदी का सवाल:- पहाड़ का पानी बर्बाद जा रहा है। जल विद्युत परियोजनाएं लगाकर उत्तराखंड राष्ट्र की शक्ति बन सकता है।
मुख्यमंत्री का जवाब:- भाजपा के पांच साल और हमारे दो सालों की तुलना की जाए तो उनके शासन काल में उत्पादन घटा है। जल विद्युत परियोजनाएं बंद हुई हैं।
56 नई जल विद्युत परियोजनाओं केबंटवारे में घोटाला हुआ और पारदर्शिता नहीं बरती गई। जिससे 963 मेगावाट का नुकसान हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा केशासन काल में औसतन 7990 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पाद होता था। जबकि हमारी सरकार ने दो सालों में इसे बढ़ाकर 8593 किया है।
उन्होंने बताया कि पांच सालों में सिर्फ नौ जल विद्युत परियोजनाओं केडीपीआर बने। जबकि दो सालों में 12 डीपीआर तैयार हैं। पांच सालों में पालामनेरी 480 मेगावाट, भैरोंघाटी 381 मेगावाट समेत छह सौ मेगावाट की लौहारीनागपाल इकाई बंद हुई।
जबकि हमारी सरकार ने 357 मेगावाट बिजली उत्पादन बढ़ाया है। सुप्रीम कोर्ट केनिर्देशों पर जो परियोजनाएं कैंसिल हुई थीं उन्हें इनवायरमेंट इम्पैक्ट एसेसमेंट कराया गया। जिन्हें जल्द शुरू किया जाएगा।
बिजली खरीद पर मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रदेश में कटौती न हो इसकेलिए ऐसा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजनाओं केचलते हटाए गए लोगों के पुर्नवास को लेकर हमारी सरकार ने ही पॉलिसी बनाई।
मोदी का सवाल:- कांग्रेस केएक नेता भ्रष्टाचार से लड़ने की बात कह लोकपाल की वकालत कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस की उत्तराखंड सरकार खंडूरी के सख्त लोकायुक्त को क्यों नहीं लागू करती।
मुख्यमंत्री का जवाब:- सरकार केंद्र केलोकपाल बिल का इंतजार कर रही है। उसे जस का तस स्वीकार करेंगे। इस बिल को भाजपा समर्थन दे रही है और अन्ना हजारे ने भी क्लीन चिट दी है। खंडूरी का लोकायुक्त अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण ने बनाया था जिन्हें केंद्र केलोकपाल से भी परहेज है।
मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार भ्रष्टाचार से निपटने केलिए सख्त कानून की पक्षधर है साथ ही मुख्यमंत्री भी इसके अधीन होगा। अगर लोकपाल नहीं पास होता है तो सरकार नए तरह से विचार करेगी। हमारे पास 28 फरवरी तक का समय है।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद भी सरकार को इसमें संशोधन या बदलने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि पुराना लोकायुक्त कानून फिलहाल प्रदेश में लागू नहीं है।
मोदी का सवाल:- सरकार को एक बाबा रामदेव चुभ रहे हैं। सरकार जितनी ताकत उनके पीछे लगाए है। उसकी आधी आपदा प्रभावित इलाकों में लगाती तो अच्छा होता।
मुख्यमंत्री का जवाब:- मोदी ने बिना तथ्यों के जाने रामदेव की पैरवी की है। उनके नेताओं ने उन्हें गलत जानकारी दी होगी।
रामदेव के खिलाफ राजस्व से जुड़े 81 मामलों में नोटिस दिया गया है। जिसमें ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा, बेनामी सम्पत्ति, लैंड यूज चेंज कर गलत इस्तेमाल शामिल है। मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं और शुचिता बात करते हैं।
मोदी का सवाल:- मुझे दुख है कि राजनीतिक निष्ठुरता के चलते मुझे आपदाग्रस्त इलाकों में नहीं जाने दिया गया। उस दुख की घड़ी में दौड़ा आया लेकिन लौटा दिया गया।
मुख्यमंत्री का जवाब:- आपदा के बाद रैस्क्यू अभियान चल रहा था। सरकार की प्राथमिकता पहले फंसे लोगों को बाहर निकालने की थी। किसी वीआईपी के पहुंचने पर व्यवस्था बिगड़ सकती थी। सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे को भी नहीं जाने दिया।
अगर मोदी जी को इतना ही दुख है तो बाद में कभी भी जा सकते थे। मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान मोदी का एक पत्र दिखाकर जानकारी दी कि उन्होंने पत्र में सरकार की तारीफ की है। मंत्री हरक सिंह रावत ने बताया कि बाद में राहुल गांधी भी पहुंचे और भाजपा नेता उमा भारती भी केदारघाटी आईं। मोदी बाद में भी आ सकते थे।