कौन लड़ेगा चुनाव, कांग्रेस-BJP करेगी फैसला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इन दिनों होली के रंग से अधिक चटक राजनीतिक रंग है। कांग्रेस-भाजपा ने अभी तक उत्तराखंड के अपने उम्मीदवारों के नामों का खुलासा नहीं किया है।
दोनों दलों की दिल्ली में गुरुवार को अहम बैठकें होनी हैं जिसमें उम्मीदवारों के नाम की घोषणा हो सकती है।
होली के चंद रोज पहले जारी होने वाली ये सूचियां दोनों दलों के पांच-पांच नेताओं के राजनीतिक जीवन में नया रंग भरेगी, वहीं आस लगाए बैठे कुछ चेहरों की रंगत उड़ सकती है।
भाजपा के पिटारे से कुछ नया निकलने की उम्मीद
दिल्ली में भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में भाग लेने के लिए भाजपा के बड़े नेता दिल्ली रवाना हो गए हैं। बैठक में भाजपा प्रत्याशियों केनाम फाइनल हो सकते हैं।
उम्मीदवारी को लेकर घमासान
दरअसल पहले उम्मीदवारों चयन ज्यादा कठिन नहीं दिख रहा था पर हाल के कुछ दिनों के घटनाक्रम के बाद भाजपा में उम्मीदवारी को लेकर घमासान मच गया।
नैनीताल सीट पर पूर्व सांसद बची सिंह रावत के विरोध जताने और डॉ. मुरली मनोहर जोशी को यहां से लड़ाने की खबरों ने मामले को और उलझा दिया है।
अब नैनीताल समेत अन्य सीटों पर नए सिरे से विचार किया जा सकता है। उत्तराखंड के नेताओं की निगाह केंद्रीय चुनाव समिति के खुलने वाले पिटारे पर लगी है।
टिकटों को लेकर मचे घमासान पर देना है जवाब
प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत, नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट व प्रदेश महामंत्री (संगठन) संजय कुमार दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।
इन तीनों नेताओं की पहले प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह व प्रदेश चुनाव प्रभारी उमा भारती के साथ बैठक होगी। बैठक में टिकटों को लेकर मचे घमासान पर भी केंद्रीय नेताओं को फीड-बैक देना है।
प्रत्याशियों को लेकर तीसरी बार विचार विमर्श
इसके बाद केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में उत्तराखंड के प्रत्याशियों को लेकर तीसरी बार विचार विमर्श होना है। पैनल में नाम भेजने की गड़बड़ी की खबरों के बाद कुछ टिकटार्थियों ने सीधे बड़े नेताओं से सम्पर्क कर अपना अपना जोर लगाया है।
दो दिन से पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक दिल्ली में ही है। उधर, मदन कौशिक, नरेश बंसल व श्यामवीर सैनी ने भी डेरा डाल रखा है।
भाजपा के सामने दिक्कत यह है कि कोई भी एक सीट ऐसी नहीं है जिस पर विवाद न उठ रहा हो। इतना तय है कि जल्द प्रत्याशियों के नामों की घोषणा नहीं हुई तो विवाद और बढ़ सकता है।
कांग्रेस की सुई पुरानों पर ही टिकी
दिल्ली में होने वाली चुनाव समिति की बैठक में उत्तराखंड के नामों पर मुहर लग सकती है। स्क्रीनिंग कमेटी ने नामों की छंटनी कर पैनल केंद्रीय चयन समिति के पास भेजा है।
कांग्रेस की बैठक बुधवार को होनी थी लेकिन मुख्यमंत्री हरीश रावत के अल्मोड़ा में फंस जाने के कारण उनके आग्रह पर इसे गुरुवार के लिए टाल दिया गया था।
दूसरी ओर यह भी सूचना आ रही है कि सतपाल महराज ने खुद चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है और अपने किसी परिजन के लिए टिकट मांग रहे हैं।
हरिद्वार सीट का पूरा दारोमदार मुख्यमंत्री पर
मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य को भी दिल्ली जाना है। जहां प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी और अन्य नेताओं के साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ बैठक में अंतिम फैसला होना है।
इस समय प्रदेश की पांच में चार सीटें कांग्रेस के पास हैं। हरिद्वार सीट का पूरा दारोमदार मुख्यमंत्री पर है। हरीश रावत इस सीट पर अपने किसी परिजन को लड़ाना चाहते हैं।
प्रदीप टम्टा की मजबूत दावेदारी
जबकि वर्तमान सांसदों में पौड़ी से सतपाल महाराज, नैनीताल से केसी बाबा और अल्मोड़ा से प्रदीप टम्टा की मजबूत दावेदारी है। चूंकि अभी तक कांग्रेस ने किसी वर्तमान सांसद का टिकट नहीं काटा है इसलिए इनके नाम तय माने जा रहे हैं।
पार्टी टिहरी लोकसभा सीट पर विजय बहुगुणा को उम्मीदवार बनाना चाहती है लेकिन बहुगुणा ने खुद चुनाव न लड़ने की घोषणा की है। बहुगुणा टिहरी से बेटे साकेत की उम्मीदवारी ही तय कराना चाहते हैं।