फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Community participation is essential to prevent human-wildlife conflict.

Dehradun News: मानव वन्य जीव संघर्ष की रोकथाम के लिए समुदाय की सहभागिता जरूरी

Fri, 30 Jan 2026 08:08 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jan 2026 08:08 PM IST
विज्ञापन
Community participation is essential to prevent human-wildlife conflict.
वन मुख्यालय में मानव वन्यजीव संघर्ष निवारण के लिए कार्यशाला आयोजित
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। मानव वन्य जीव संघर्ष की रोकथाम के लिए समुदाय की सहभागिता जरूरी है। बिना समुदाय की सहभागिता के कुछ नहीं किया जा सकता। यह बात प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्र ने वन मुख्यालय में मानव वन्यजीव संघर्ष निवारण के लिए हुई कार्यशाला में कही।
प्रमुख वन संरक्षक ने कहा, केंद्र सरकार की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में मानव वन्य जीव संघर्ष के मामलों का संज्ञान लिया गया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस मसले पर राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में बैठकें होंगी। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों एवं प्रभावितों के साथ हुई इस बैठक में आए सुझावों को केंद्र सरकार के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा, राज्य में पिछले तीन महीने में भालू के इस तरह से हमले इससे पहले कभी नहीं हुए।
विज्ञापन

-----------
महिलाओं को मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराएगा विभाग
प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्र ने कहा, महिलाएं जंगल में चारा लेने के लिए जाती हैं। ऐसे में कई बार जंगली जानवर उन पर हमला करते हैं। विभाग की ओर से महिलाओं को उनके मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए वन विभाग की ओर से पशुपालन विभाग को लिखा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------
इस साल 25 हजार बंदरों का होगा बंध्याकरण
प्रमुख वन संरक्षक ने कहा, इस साल 25 हजार बंदरों का बंध्याकरण कराया जाएगा। इससे पहले डेढ़ लाख बंदरों का बंध्याकरण कराया जा चुका है।
वहीं जंगलों में 40 प्रतिशत से अधिक फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। अगले चार से पांच साल में इसका असर देखने को मिलेगा।
------
सरकार के सामने रखे जाएंगे ग्रामीणों के सुझाव : बंसल
राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा, कार्यशाला में ग्रामीणों की ओर से बताया गया कि वन्य जीवों के हमले में मारे गए बछड़े व छानी तोड़े जाने का उन्हें मुआवजा नहीं मिलता। इसके अलावा ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्रों में सोलर लाइट लगाने की मांग की है। उनकी सभी समस्याओं से सरकार को अवगत कराया जाएगा। कार्यशाला में सांसद कल्पना सैनी भी मौजूद रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed