{"_id":"636150d99357ac5e50321d17","slug":"chinook-reached-kedarnath-for-help-in-reconstruction-work","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kedarnath: पुनर्निर्माण में सहयोग के लिए पहुंचा चिनूक, मौसम खराब होने से नहीं जा पाया केदारघाटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kedarnath: पुनर्निर्माण में सहयोग के लिए पहुंचा चिनूक, मौसम खराब होने से नहीं जा पाया केदारघाटी
Tue, 01 Nov 2022 10:33 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 01 Nov 2022 10:33 PM IST
सार
मंगलवार सुबह भारतीय सेना का चिनूक हेलिकॉप्टर गौचर हवाई पट्टी पर पहुंचा। यहां पर चमोली जनपद के प्रशासनिक अधिकारियों ने अगवानी की। इसके बाद चिनूक को रेकी के लिए केदारनाथ जाना था लेकिन खराब मौसम के कारण नहीं जा सका।
विज्ञापन
केदारनाथ पहुंचा चिनूक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट केदारनाथ पुनर्निर्माण में सहयोग के लिए भारतीय सेना का मालवाहक हेलिकॉप्टर चिनूक गौचर हवाई पट्टी पर पहुंच गया है। मंगलवार को केदारघाटी में मौसम खराब होने के कारण चिनूक केदारनाथ नहीं जा सका। हेलिकॉप्टर से भवन निर्माण में उपयोग होने वाली भारी निर्माण सामग्री पहुंचाई जाएगी।
विज्ञापन
Kedarnath: पुनर्निर्माण में सहयोग के लिए पहुंचा चिनूक, मौसम खराब होने से नहीं जा पाया केदारघाटी
विज्ञापन
मंगलवार सुबह भारतीय सेना का चिनूक हेलिकॉप्टर गौचर हवाई पट्टी पर पहुंचा। यहां पर चमोली जनपद के प्रशासनिक अधिकारियों ने अगवानी की। इसके बाद चिनूक को रेकी के लिए केदारनाथ जाना था लेकिन खराब मौसम के कारण नहीं जा सका। मौसम ठीक होने की स्थिति में बुधवार सुबह चिनूक केदारनाथ के लिए उड़ान भरेगा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि चिनूक हेलिकॉप्टर से केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण के तहत भवनों के निर्माण के लिए लोहा व अन्य सामग्री पहुंचाई जानी है।
विज्ञापन
बता दें कि बीते वर्ष सितंबर-अक्तूबर में चिनूक हेलिकॉप्टर ने गौचर हवाई पट्टी से केदारनाथ 36 टन निर्माण सामग्री पहुंचाई थी। केदारनाथ पुनर्निर्माण में सहयोग के लिए वर्ष 2015 में पहली बार भारतीय सेना का एमआई-26 हेलिकॉप्टर गौचर पहुंचा था। तब, सेना के इस मालवाहक हेलिकॉप्टर ने पोकलैंड, डंपर, जेसीबी सहित अन्य कई मशीनें, उपकरण व सामग्री पहुंचाई थी।